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जर्जर हो रहा सीएचसी का भवन, दो साल से रिपेयर का एस्टीमेट नहीं बना रहा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
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सीएचसी खरक रामजी का मुख्य द्वार, जिसका लेंटर गिरने की कगार पर है।
- फोटो : Jind
गांव खरक रामजी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हालत में है। मरम्मत नहीं होने के कारण पूरा भवन खंडहर होता जा रहा है। यदि जल्द ही मरम्मत नहीं हुई तो पूरा भवन खराब हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग पिछले दो साल में सात बार पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाने के लिए पत्र लिख चुका है, लेकिन आज तक नहीं बनाया गया। इससे साफ पता चलता है कि सरकारी अधिकारी काम के प्रति कितने गंभीर हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरक रामजी के भवन को बने हुए 20 वर्ष हो चुके हैं। अब पूरा भवन मरम्मत मांग रहा है। यदि समय पर इस भवन की मरम्मत हो जाए तो यह कई वर्ष और निकाल सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता को 17 दिसंबर 2018 को पहला पत्र लिखकर इस भवन की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाने के लिए कहा पर नहीं बनाया। इसके बाद 29 जुलाई 2019, 16 सितंबर 2019, पांच नवंबर 2019, 16 दिसंबर 2019, 14 मार्च 2020 तथा अब नौ जुलाई 202 को स्मरण पत्र लिखे गए। आज तक इनमें से किसी भी पत्र का न तो पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने कोई उत्तर दिया और नहीं मरम्मत के लिए कोई एस्टीमेट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा।
नियमों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के किसी भी भवन का निर्माण या मरम्मत का कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को करना होता है। पहले पीडब्ल्यूडी बीएंडआर एस्टीमेट बनाता है। एस्टीमेट के हिसाब से स्वास्थ्य निदेशालय बजट पास करता है और उसे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को भेजता है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी बीएंडआर मरम्मत या निर्माण का कार्य करता है। बिना एस्टीमेट बनाए काम आगे नहीं बढ़ सकता।
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दो दिन मैं बाहर हूं। वीरवार को देखकर ही बता सकता हूं कि इसका एस्टीमेट बनाया गया है या नहीं। शायद एस्टीमेट बन चुका होगा।
नवनीत नैन, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, जींद।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरक रामजी के भवन को बने हुए 20 वर्ष हो चुके हैं। अब पूरा भवन मरम्मत मांग रहा है। यदि समय पर इस भवन की मरम्मत हो जाए तो यह कई वर्ष और निकाल सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता को 17 दिसंबर 2018 को पहला पत्र लिखकर इस भवन की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाने के लिए कहा पर नहीं बनाया। इसके बाद 29 जुलाई 2019, 16 सितंबर 2019, पांच नवंबर 2019, 16 दिसंबर 2019, 14 मार्च 2020 तथा अब नौ जुलाई 202 को स्मरण पत्र लिखे गए। आज तक इनमें से किसी भी पत्र का न तो पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने कोई उत्तर दिया और नहीं मरम्मत के लिए कोई एस्टीमेट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा।
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नियमों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के किसी भी भवन का निर्माण या मरम्मत का कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को करना होता है। पहले पीडब्ल्यूडी बीएंडआर एस्टीमेट बनाता है। एस्टीमेट के हिसाब से स्वास्थ्य निदेशालय बजट पास करता है और उसे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को भेजता है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी बीएंडआर मरम्मत या निर्माण का कार्य करता है। बिना एस्टीमेट बनाए काम आगे नहीं बढ़ सकता।
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दो दिन मैं बाहर हूं। वीरवार को देखकर ही बता सकता हूं कि इसका एस्टीमेट बनाया गया है या नहीं। शायद एस्टीमेट बन चुका होगा।
नवनीत नैन, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, जींद।

सीएचसी खरकरामजी का जर्जर हो रहा भवन।- फोटो : Jind