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Jind News: फीड रूम में नहीं था पंखा, डीआरएम ने पूछा-गर्मी में बच्चे को कैसे दूध पिलाएगी महिला?
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फोटो 03जेएनडी11-रेलवे जंक्शन पर व्यवस्थाओं को लेकर पूछताछ करते डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी। संव
जींद। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने शुक्रवार को रेलवे स्टेशन के नए भवन का निरीक्षण किया। डीआरएम फीडिंग रूम भी पहुंचे। कमरे में पंखा न होने पर उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि गर्मी में कोई महिला अपने बच्चे को कैसे दूध पिलाएगी। उन्होंने तत्काल फीडिंग रूम में पंखा लगाने और वहां महिलाओं व बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की छोटी-छोटी सुविधाओं की भी अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
नए भवन में फैला कचरा देखकर डीआरएम नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा, स्टेशन की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
डीआरएम अपने स्पेशल यान में सुबह 11:20 जंक्शन पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण की शुरुआत स्टेशन के नए भवन से की। उन्होंने प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
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भवन में अधूरे पड़े निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश
डीआरएम ने भवन में अधूरे पड़े कार्याें को पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन काफी अच्छा बना है। इसलिए इसमें टाइल, फर्श, पत्थर का अधूरा कार्य जल्द पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि भवन की मेंटेनेंस का भी पूरा ध्यान रखें।
टिकट घर में अलग रंग के मिले समयसारिणी बोर्ड
टिकट घर में अलग रंग के समयसारिणी बोर्ड देखकर डीआरएम ने नए भवन में बनाए गए टिकट घर का भी निरीक्षण किया। वहां टंगे ट्रेनों की समयसारिणी के बोर्डों के अलग-अलग रंगों को लेकर उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि जब भवन व अन्य कमरों और चीजों का रंग समान है तो समयसारिणी बोर्डों का रंग अलग क्यों है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि बोर्डों का रंग भी अन्य कमरों के रंग के अनुसार ही किया जाए।
हाइड्रोजन प्लांट का किया निरीक्षण
डीआरएम ने हाइड्रोजन प्लांट का भी निरीक्षण किया और परियोजना से जुड़े अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन से पहले स्टेशन की प्रत्येक व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
वर्जन
हाइड्रोजन ट्रेन उद्घाटन को लेकर अभी कोई शेड्यूल नहीं आया है और न ही अभी कोई संभावित तारीख तय हुई है। उद्घाटन कौन करेगा, यह सरकार देखेगी। विश्व में भी गिने-चुने देशों में ही हाइड्रोजन ट्रेन चल रही हैं। इन परियाजोनाओं में थोड़ी बहुत खामियां आती हैं जिन्हें दूर किया जा रहा है। -पुष्पेश रमन त्रिपाठी, डीआरएम, दिल्ली मंडल
बहादुरगढ़ और शकूरबस्ती के बीच हुआ ट्रेन का स्पीड ट्रायल
जींद।
पिछले छह दिनों से चल रहे हाइड्रोजन ट्रेन का स्पीड ट्रायल शुक्रवार को बहादुरगढ़ और शकूरबस्ती के बीच हुआ। ट्रेन ने 100-110 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दो चक्कर लगाए। हाइड्रोजन ट्रेन का जींद से सोनीपत, दिल्ली और रोहतक रूट पर हाई स्पीड ट्रायल चल रहा है। शुक्रवार को जींद पहुंचे डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि अलग-अलग ट्रैक पर हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल किया जा सकता है। अभी ट्रेन का ट्रायल 10-12 दिन और चलेगा।
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नए भवन में फैला कचरा देखकर डीआरएम नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा, स्टेशन की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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डीआरएम अपने स्पेशल यान में सुबह 11:20 जंक्शन पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण की शुरुआत स्टेशन के नए भवन से की। उन्होंने प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
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भवन में अधूरे पड़े निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश
डीआरएम ने भवन में अधूरे पड़े कार्याें को पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन काफी अच्छा बना है। इसलिए इसमें टाइल, फर्श, पत्थर का अधूरा कार्य जल्द पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि भवन की मेंटेनेंस का भी पूरा ध्यान रखें।
टिकट घर में अलग रंग के मिले समयसारिणी बोर्ड
टिकट घर में अलग रंग के समयसारिणी बोर्ड देखकर डीआरएम ने नए भवन में बनाए गए टिकट घर का भी निरीक्षण किया। वहां टंगे ट्रेनों की समयसारिणी के बोर्डों के अलग-अलग रंगों को लेकर उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि जब भवन व अन्य कमरों और चीजों का रंग समान है तो समयसारिणी बोर्डों का रंग अलग क्यों है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि बोर्डों का रंग भी अन्य कमरों के रंग के अनुसार ही किया जाए।
हाइड्रोजन प्लांट का किया निरीक्षण
डीआरएम ने हाइड्रोजन प्लांट का भी निरीक्षण किया और परियोजना से जुड़े अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन से पहले स्टेशन की प्रत्येक व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
वर्जन
हाइड्रोजन ट्रेन उद्घाटन को लेकर अभी कोई शेड्यूल नहीं आया है और न ही अभी कोई संभावित तारीख तय हुई है। उद्घाटन कौन करेगा, यह सरकार देखेगी। विश्व में भी गिने-चुने देशों में ही हाइड्रोजन ट्रेन चल रही हैं। इन परियाजोनाओं में थोड़ी बहुत खामियां आती हैं जिन्हें दूर किया जा रहा है। -पुष्पेश रमन त्रिपाठी, डीआरएम, दिल्ली मंडल
बहादुरगढ़ और शकूरबस्ती के बीच हुआ ट्रेन का स्पीड ट्रायल
जींद।
पिछले छह दिनों से चल रहे हाइड्रोजन ट्रेन का स्पीड ट्रायल शुक्रवार को बहादुरगढ़ और शकूरबस्ती के बीच हुआ। ट्रेन ने 100-110 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दो चक्कर लगाए। हाइड्रोजन ट्रेन का जींद से सोनीपत, दिल्ली और रोहतक रूट पर हाई स्पीड ट्रायल चल रहा है। शुक्रवार को जींद पहुंचे डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि अलग-अलग ट्रैक पर हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल किया जा सकता है। अभी ट्रेन का ट्रायल 10-12 दिन और चलेगा।

फोटो 03जेएनडी11-रेलवे जंक्शन पर व्यवस्थाओं को लेकर पूछताछ करते डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी। संव