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100 एकड़ में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए पोर्टल पर मांगे आवेदन
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सफीदों रोड पर सड़क किनारे ही गाड़ी को ठीक करते मकेनिक व इससे लगा जाम।
- फोटो : Jind
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सात साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा जींद में की गई ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की घोषणा को सिरे चढ़ाने की कवायद प्रशासन ने शुरू कर दी है। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। फिलहाल प्रशासन नए बाईपास के आसपास अहिरका, निर्जन, असरफगढ़, बिश्नपुरा व पिंडारा में जमीन तलाश रहा है। जमीन मिलने के बाद सौ एकड़ में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना है। इसके लिए किसान 30 सितंबर 2021 तक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
दरअसल प्रशासन की ओर से रोहतक रोड पर इसके लिए जमीन देखी गई, लेकिन यहां अधिकतम 34 एकड़ जमीन ही मिल रही थी। ऐसे में अब 100 एकड़ जमीन के लिए किसानों से सीधे आवेदन मांगे गए हैं। दो साल पहले जिला नगर योजनाकार कार्यालय द्वारा भी शहर की विकास योजना तैयार की गई थी। इसके अनुसार 2031 में जींद शहर की जनसंख्या करीब सात लाख होने की संभावना है। ऐसे में यहां ट्रांसपोर्टर नगर की जरूरत महसूस हो रही है।
फिलहाल जींद के सफीदों रोड पर कार मरम्मत का काम होता है। वहीं भिवानी रोड पर बाइक व कार, हांसी रोड पर ट्रैक्टर व रोहतक रोड पर ट्रक मरम्मत व बॉडी बनाने का काम होता है। इस प्रकार की मार्केट जगह-जगह होने पर जाम की स्थिति रहती है। ऐसे में अब इन सभी को एक ही जगह ट्रांसपोर्टर नगर में शिफ्ट करने की योजना है।
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ई-भूमि पोर्टल पर ऐसे होता है जमीन का सौदा
दरअसल किसान अपनी जमीन को एक कीमत पर बेचने के लिए आवेदन करता है। इसके बाद सरकार तय करती है कि क्या इस कीमत में जमीन सही है या नहीं। कीमत पर किसान व सरकार के बीच सौदा होता है और यदि सही कीमत लगती है किसान अपनी जमीन बेच देता है। हाल ही में बड़ौदी गांव में जलघर के लिए इसी तरीके से जमीन तय हुई है।
इसके लिए अभी ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से आवेदन मांगे हैं। कुछ लोगों ने आवेदन भी किया है। 30 सितंबर तक का समय है। इसके बाद पोर्टल की जानकारी मिलेगी। किसान पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
- प्रवीण कुमार, संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण।
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दरअसल प्रशासन की ओर से रोहतक रोड पर इसके लिए जमीन देखी गई, लेकिन यहां अधिकतम 34 एकड़ जमीन ही मिल रही थी। ऐसे में अब 100 एकड़ जमीन के लिए किसानों से सीधे आवेदन मांगे गए हैं। दो साल पहले जिला नगर योजनाकार कार्यालय द्वारा भी शहर की विकास योजना तैयार की गई थी। इसके अनुसार 2031 में जींद शहर की जनसंख्या करीब सात लाख होने की संभावना है। ऐसे में यहां ट्रांसपोर्टर नगर की जरूरत महसूस हो रही है।
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फिलहाल जींद के सफीदों रोड पर कार मरम्मत का काम होता है। वहीं भिवानी रोड पर बाइक व कार, हांसी रोड पर ट्रैक्टर व रोहतक रोड पर ट्रक मरम्मत व बॉडी बनाने का काम होता है। इस प्रकार की मार्केट जगह-जगह होने पर जाम की स्थिति रहती है। ऐसे में अब इन सभी को एक ही जगह ट्रांसपोर्टर नगर में शिफ्ट करने की योजना है।
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ई-भूमि पोर्टल पर ऐसे होता है जमीन का सौदा
दरअसल किसान अपनी जमीन को एक कीमत पर बेचने के लिए आवेदन करता है। इसके बाद सरकार तय करती है कि क्या इस कीमत में जमीन सही है या नहीं। कीमत पर किसान व सरकार के बीच सौदा होता है और यदि सही कीमत लगती है किसान अपनी जमीन बेच देता है। हाल ही में बड़ौदी गांव में जलघर के लिए इसी तरीके से जमीन तय हुई है।
इसके लिए अभी ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से आवेदन मांगे हैं। कुछ लोगों ने आवेदन भी किया है। 30 सितंबर तक का समय है। इसके बाद पोर्टल की जानकारी मिलेगी। किसान पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
- प्रवीण कुमार, संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण।