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धरने पर बैठे प्रोफेसर संदीप बेरलवा का आरोप- विश्वविद्यालय प्रशासन ने बंद करवाए बाथरूम

Tue, 06 Oct 2020 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 11:39 PM IST
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Professor Sandeep Berlwa accused of sit-in protest - university administration shut down bathrooms
सीआरएसयू में धरना देते प्रोफेसर संदीप बेरवाल और उसके साथ बैठे डॉ. योगेश ठाकुर। - फोटो : Jind
तीन दिन से चौधरी रणबीर सिंह विवि में चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप लगाने वाले शिक्षा विभाग के प्रोफेसर संदीप बेरवाल मंगलवार को भी धरने पर डटे रहे। वहीं इस पूरे मामले में चर्चित हुए भगत फूल सिंह विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगेश ठाकुर भी मंगलवार को सीआरएसयू पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनका नाम उछाला गया है, उससे वे काफी दुखी हैं। इसके बाद उन्होंने कुलपति प्रोफेसर आरबी सोलंकी और रजिस्ट्रार डॉ. राजेश पूनिया से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। रजिस्ट्रार डॉ. राजेश पूनिया ने कहा कि प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने डीन होते हुए अमर्यादित व्यवहार किया है। साथ ही उन्होंने विवि की गोपनीयता भी भंग की है। यदि उन्हें कोई शिकायत थी तो वे उचित तरीके से अपनी बात रख सकते थे।
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गौरतलब है कि विवि में चल रही असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने रविवार रात को ही धरना शुरू कर दिया था। इसके बाद से इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। वहीं मंगलवार को भगत फूल सिंह विवि में शारीरिक शिक्षा विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगेश ठाकुर भी सीआरएसयू पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका नाम इस पूरे मामले में बिना वजह ही उछाला गया है। वे एक उम्मीदवार थे। उनका चयन नहीं हुआ तो यह कोई विषय नहीं है, लेकिन जिस प्रकार रजिस्ट्रार डॉ. राजेश पूनिया ने उनका नाम उछाला है, उससे वे काफी दुखी हैं। वे अपने वकील से बात कर इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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जारी रहेगी न्याय की लड़ाई
नियुक्तियों पर सवाल उठा रहे प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन विवि प्रशासन उनके साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार कर रहा है। सभी बाथरूम बंद करवा दिए हैं। इससे वे लघुशंका के लिए भी अपने घर जाते हैं। प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने रजिस्ट्रार द्वारा लगाए गए आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार वे विदेश यात्रा कर सकते हैं और उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई। यदि गलत अनुमति दी गई है तो यह विवि की गलती है।
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आज डॉ. योगेश ठाकुर मिले हैं। उन्हें पूरा मामला बता दिया गया है। उनके नाम पर प्रोफेसर संदीप बेरवाल अड़े थे, जिसके बाद विवि को उनका नाम लेकर अपना पक्ष रखना पड़ा। ऐसे में उन्हें बताया गया कि प्रोफेसर संदीप बेरवाल उन्हें गुमराह कर रहे हैं। इससे वे संतुष्ट हुए हैं। प्रोफेसर संदीप बेरवाल तख्त बिछाना चाहते थे, जिससे मना कर दिया गया। सिक्योरिटी गार्ड को चाबी दी गई है और कहा गया है जब भी प्रोफेसर संदीप बेरवाला को बाथरूम की जरूरत पड़े, खोल दिया जाए। प्रोफेसर संदीप बेरवाल ने अमर्यादित व्यवहार किया है, जिसे सहन नहीं किया जा सकता। इसके चलते जो भी नियमानुसार कार्रवाई बनती है वह की जा रही है।

डॉ. राजेश पूनिया, रजिस्ट्रार, सीआरएसयू।
निलंबन को देंगे अदालत में चुनौती
जिस दिन मुझे निलंबित किया गया, उस दिन विवि में ईसी की मीटिंग थी। मैं ईसी का सदस्य हूं, इसके बावजूद मुझे शामिल नहीं होने दिया गया। पिछली मीटिंग में मैंने कुलपति प्रोफेसर आरबी सोलंकी से पूछा था कि उन्होंनेउम्र में विवि में ज्वाइन किया, जबकि हरियाणा सरकार के नियमानुसार 60 वर्ष के बाद नियुक्ति नहीं हो सकती। इस पर न तो कुलपति ने और न ही ईसी के किसी सदस्य ने कोई जवाब दिया। ऐसे में उनके निलंबन पर भी ईसी के सदस्यों को सवाल पूछना चाहिए था। मुझे बिना कोई नोटिस या सूचना दिए निलंबित किया गया है। इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी।
प्रोफेसर संदीप बेरवाल, डीन ऑफ एकेडमिक।
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