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जींद: रणपाल सिंह बने सीआरएसयू के नए कुलपति, डेढ़ साल बाद हुई स्थायी नियुक्ति
Fri, 10 Jun 2022 11:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 10 Jun 2022 11:43 PM IST
सार
सीआरएसयू में करीब डेढ़ साल बाद स्थायी नियुक्ति हुई है। कुलपति ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाला। अभी तक कुरुक्षेत्र के कुलपति अतिरिक्त कार्य देख रहे थे। स्थायी कुलपति के कारण नियुक्तियां भी रुकी हुई थी।
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सीआरएसयू में अपना कार्यभार संभालते वीसी प्रोफेसर रणपाल सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के जींद में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय को करीब डेढ़ साल बाद प्रोफेसर रणपाल सिंह के रुप में नए वीसी मिले हैं। प्रोफेसर रणपाल डीएवी कॉलेज यमुनानगर के प्राचार्य भी रह चुके हैं। उन्होंने शुक्रवार शाम को विवि पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया है। अभी तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति सोमनाथ सचदेवा यहां अतिरिक्त कार्यभार देख रहे थे।
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राज्यपाल की तरफ से प्रो. रणपाल को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय का वीसी नियुक्त किया गया है। विश्वविद्यालय में पूर्व वीसी प्रो. आरबी सोलंकी का पिछले साल 22 जनवरी को कार्यकाल पूरा हुआ था। उसके बाद से वीसी का पद खाली था। वीसी का पद रिक्त होने से कामकाज प्रभावित हो रहे थे। इस कारण विवि में स्थायी भर्ती भी नहीं हो पाई।
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ऐसे में नए वीसी के लिए काफी चुनौतियां रहेंगी, क्योंकि पूर्व वीसी के कार्यकाल के दौरान जो भर्तियां हुई थी, उनकी विजिलेंस जांच चल रही है। भर्तियों को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। पिछले साल तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रो. राजेश पूनिया को सरकार ने हटा दिया था।
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साल 2014 में अस्तित्व में आए सीआरएसयू में अब तक करीब 100 में से 20 टीचिंग स्टाफ के पदों पर ही स्थायी भर्ती हो पाई है। बाकी पदों पर अनुबंध आधार से काम चलाया जा रहा है। विश्वविद्यालय में स्थायी भर्तियों को लेकर जब भी प्रक्रिया शुरू की गई, उसी समय कोई न कोई विवाद खड़ा हो गया।
पिछले साल जनवरी में ही लग गई थी भर्तियों पर रोक
अक्टूबर 2020 में भी तत्कालीन वीसी प्रोफेसर आरबी सोलंकी के समय टीचिंग स्टाफ के 14 पदों पर भर्ती की गई थी। उस समय प्रोफेसर राजवीर बेरवाल ने भर्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था और धरने पर बैठ गए थे। बाद में 19 जनवरी 2021 को प्रदेश सरकार ने विवि में चल रही भर्तियों पर रोक लगा दी थी और प्रोफेसर आरबी सोलंकी के समय में हुई सभी भर्तियों के विजिलेंस जांच के निर्देश दिए थे। यह जांच अभी चल रही है।