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Jind News: बढ़ेगी परेशानी... जलघर में 20 दिन का बचा है पानी
Wed, 16 Apr 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 16 Apr 2025 11:53 PM IST
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16जेएनडी11-नहर से पंप के जरिए वाटर वकर्स में भरा जा रहा पानी। संवाद
जींद। सेक्टरों में पेयजल सप्लाई का संकट होने पर लोग परेशानी में हैं। एचएसवीपी अधिकारी नहर से ट्रैक्टर और पंप के जरिए
वाटर वर्क्स में पिछले एक सप्ताह से पानी स्टोर कर रहे हैं। अभी भी वाटर वर्क्स में केवल 20 दिन का ही पानी बचा है, जिससे सेक्टरवासियों की पूर्ति हो सकती है। वहीं जल संकट को देखते हुए एचएसवीपी के अधिकारियों का भी सेक्टरवासियों से आह्वान है कि पेयजल को गाड़ी धोने या फिर बाग-बगीचों में पौधों को पानी देने में इस्तेमाल नहीं किया जाए। वहीं सेक्टरवासियों का कहना है कि अभी सेक्टरों में पानी की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है। इस कारण सेक्टर छह, सात, आठ और नौ के लगभग 2400 घरों में रहने वाले लगभग 8000 लोग परेशान हैं।
वहीं सेक्टरवासी सतबीर बांगड़, बिजेंद्र लाठर, वेद आर्य, तस्वीर खटकड़, उज्जवल सिंह और अमित मोर डॉ. संजय शर्मा, उपप्रधान एडवोकेट सुशील रोहिल्ला ने बताया कि पानी की किल्लत लंबे समय से चल रही है। लगभग डेढ़ महीना पहले भी सेक्टरों में पेयजल सप्लाई की किल्लत आ गई थी। पानी की सप्लाई पूरी तरह नहीं आ रही थी।
इसके अलावा पेयजल में सीवरेज का पानी मिलकर आ रहा था। सतबीर बांगड़ और अमित मोर ने कहा कि एचएसवीपी के वाटर वर्क्स में पानी काफी कम है। वाटर वर्क्स में काफी मात्रा में सिलेट (रेत की परत) भी जमी हुई है। पिछले लंबे समय से वाटर टैंक की सफाई नहीं हो रही है। इस कारण टैंक में पानी पूरी मात्रा में नहीं भर पाता। अब नहर आई है तो एचएसवीपी ट्रैक्टर के जरिए नहर से वाटर टैंक में पानी भरा जा रहा है।
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वाटर वर्क्स में पिछले एक सप्ताह से पानी स्टोर कर रहे हैं। अभी भी वाटर वर्क्स में केवल 20 दिन का ही पानी बचा है, जिससे सेक्टरवासियों की पूर्ति हो सकती है। वहीं जल संकट को देखते हुए एचएसवीपी के अधिकारियों का भी सेक्टरवासियों से आह्वान है कि पेयजल को गाड़ी धोने या फिर बाग-बगीचों में पौधों को पानी देने में इस्तेमाल नहीं किया जाए। वहीं सेक्टरवासियों का कहना है कि अभी सेक्टरों में पानी की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है। इस कारण सेक्टर छह, सात, आठ और नौ के लगभग 2400 घरों में रहने वाले लगभग 8000 लोग परेशान हैं।
वहीं सेक्टरवासी सतबीर बांगड़, बिजेंद्र लाठर, वेद आर्य, तस्वीर खटकड़, उज्जवल सिंह और अमित मोर डॉ. संजय शर्मा, उपप्रधान एडवोकेट सुशील रोहिल्ला ने बताया कि पानी की किल्लत लंबे समय से चल रही है। लगभग डेढ़ महीना पहले भी सेक्टरों में पेयजल सप्लाई की किल्लत आ गई थी। पानी की सप्लाई पूरी तरह नहीं आ रही थी।
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इसके अलावा पेयजल में सीवरेज का पानी मिलकर आ रहा था। सतबीर बांगड़ और अमित मोर ने कहा कि एचएसवीपी के वाटर वर्क्स में पानी काफी कम है। वाटर वर्क्स में काफी मात्रा में सिलेट (रेत की परत) भी जमी हुई है। पिछले लंबे समय से वाटर टैंक की सफाई नहीं हो रही है। इस कारण टैंक में पानी पूरी मात्रा में नहीं भर पाता। अब नहर आई है तो एचएसवीपी ट्रैक्टर के जरिए नहर से वाटर टैंक में पानी भरा जा रहा है।

16जेएनडी11-नहर से पंप के जरिए वाटर वकर्स में भरा जा रहा पानी। संवाद
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