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Jind News: निजी स्कूल किताबों के नाम पर वसूल रहे ज्यादा राशि

Thu, 26 Mar 2026 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:33 PM IST
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Private schools are charging excessive amounts in the name of books.
26जेएनडी10: अनीता।
जींद। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक शोषण शुरू हो गया है। एलकेजी और यूकेजी जैसी छोटी कक्षाओं के बच्चों के किताबों के सेट 1500 से 2000 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं जो सामान्य बाजार मूल्य और सरकारी मानकों से कहीं अधिक हैं।
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सरकार और शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्कूलों में मुख्य रूप से एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकें ही लगाई जाएं ताकि शिक्षा सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बनी रहे। इसके बावजूद निजी स्कूल संचालक कमीशन के लालच में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अभिभावकों पर थोप रहे हैं।
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आंकड़ों पर नजर डालें तो ये किताबें एनसीईआरटी के मुकाबले पांच गुना तक महंगी मिल रही हैं।
स्कूल संचालक सीधे तौर पर किताबों की सूची देने के बजाय उन्हें शहर की कुछ चुनिंदा दुकानों पर जाने को मजबूर करते हैं। कई मामलों में तो स्कूल परिसर के अंदर ही अस्थायी काउंटर बना दिए गए हैं जहां सेट के नाम पर पूरी स्टेशनरी (कॉपी, कवर, डायरी) थमा दी जाती है। बाजार में अन्य दुकानों पर ये किताबें उपलब्ध नहीं होतीं जिससे अभिभावकों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता।
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--रीना देवी
फीस के अलावा किताबों और वर्दी का खर्च इतना ज्यादा हो गया है कि मध्यम वर्गीय परिवार के लिए दो बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाना अब किसी चुनौती से कम नहीं है। छोटी कक्षाओं में इतनी महंगी किताबों का क्या मतलब है।

-अनीता
कक्षा - दाम
एलकेजी- 1500
यूकेजी- 2000
पहली- 2000 से 2500
दूसरी - 2500
तीसरी - 2500 से 3000
चौथी- 3000
पांचवीं- 3000 से 3500
वर्जन
विभाग के पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि कोई अभिभावक इस संबंध में शिकायत दर्ज कराता है तो विभाग तुरंत संज्ञान लेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-महेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।

26जेएनडी10: अनीता।

26जेएनडी10: अनीता।

26जेएनडी10: अनीता।

26जेएनडी10: अनीता।

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