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निजी बस संचालक रोडवेज डिपो से दूसरी बार बैठाना चाहा यात्री, जीएम ने रोक
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बस स्टैंड परिसर का निरीक्षण करने पहुंचे जींद बस डिपो के जीएम बिजेंद्र सिंह।
- फोटो : Jind
रोडवेज के जीएम बिजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को बस स्टैंड का निरीक्षण किया। इस दौरान जींद-गोहाना रूट पर एक निजी बस संचालक दो टाइम उठाने की कोशिश कर रहा था। बस चालक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। जीएम ने कर्मचारियों को निर्देश देते हुए ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा है।
जीएम ने हिसार और बरवाला रूट पर चलने वाली निजी बसों के परमिट की भी जांच की। उन्होंने यात्रियों से भी बसों के निर्धारित रूट पर चलने के बोर में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अगर कोई निजी बस संचालक निर्धारित समय के हिसाब से नहीं चलता और बस के समय को लेकर कर्मचारियों के साथ लड़ाई-झगड़ा करता है तो उसकी वीडियो बनाकर शिकायत दें, जिससे जांच के दौरान निजी बस संचालक झूठ नहीं बोल सकें। निजी बस निर्धारित रूट पर ही चलनी चाहिए। सभी बसें अपने निर्धारित समय पर आनी और जानी चाहिए।
यूनियन नेताओं से चल रही है बात
बस स्टैंड परिसर के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान जीएम ने कहा कि आठ जनवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज के चक्का जाम करने पर यूनियन नेताओं व अन्य कर्मचारियों से आह्वान किया गया है कि वे चक्का जाम न करके शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखें, जिससे यात्रियों को कोई परेशानी न हो। इसके बाद भी अगर कर्मचारी आठ जनवरी को चक्का जाम करते हैं तो उनका प्रयास रहेगा कि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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निजी बसों की चल रही है मनमानी
रोडवेज में निजी बसों की मनमानी की यह नई कहानी नहीं है। इससे पहले भी निजी बस संचालकों द्वारा गलत समय पर यात्री उठाने को लेकर रोडवेज व निजी बस कर्मचारियों के बीच झगड़ा हो चुका है। वहीं एक ही नंबर की कई-कई बसों के चलाने का मामला भी सामने आ चुका है।
हड़ताल से निपटने के लिए महाप्रबंधक की खास योजना
रोडवेज जीएम ने कहा कि आठ जनवरी को होने वाली हड़ताल के दौरान अगर रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम करते हैं तो उन्होंने इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए कुछ कर्मचारियों को विश्वास में लिया गया है जो हड़ताल के दौरान बसों को चलाएंगे। इसके साथ-साथ निजी बस संचालकों के साथ भी इस बारे में बातचीत की जाएगी। प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन हो। वहीं निजी बस संचालकों द्वारा अवैध रूप से बस चलाने और यात्रियों को बस स्टैंड परिसर से बाहर यात्रियों को ले जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने आरटीए को शिकायत दी है। बस स्टैंड परिसर के अंदर अगर कोई निजी बस संचालक आनाकानी करता है तो वह उस पर कार्रवाई कर सकते हैं। बस स्टैंड परिसर से बाहर वह कार्रवाई नहीं कर सकते, इसका अधिकार आरटीए को है।
नई बसों की भेजी डिमांड
जीएम ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्यालय से 60 से 70 बसों की डिमांड की गई है। इससे परिवहन सुविधा को यात्रियों के लिए और बेहतर बनाया जा सके। वह मुख्यालय पर निर्भर करता है कि जींद डिपो को कितनी नई बसें मिलेंगी। जनता को ज्यादा से ज्यादा बेहतर सुविधा देने का प्रयास अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
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जीएम ने हिसार और बरवाला रूट पर चलने वाली निजी बसों के परमिट की भी जांच की। उन्होंने यात्रियों से भी बसों के निर्धारित रूट पर चलने के बोर में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अगर कोई निजी बस संचालक निर्धारित समय के हिसाब से नहीं चलता और बस के समय को लेकर कर्मचारियों के साथ लड़ाई-झगड़ा करता है तो उसकी वीडियो बनाकर शिकायत दें, जिससे जांच के दौरान निजी बस संचालक झूठ नहीं बोल सकें। निजी बस निर्धारित रूट पर ही चलनी चाहिए। सभी बसें अपने निर्धारित समय पर आनी और जानी चाहिए।
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यूनियन नेताओं से चल रही है बात
बस स्टैंड परिसर के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान जीएम ने कहा कि आठ जनवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज के चक्का जाम करने पर यूनियन नेताओं व अन्य कर्मचारियों से आह्वान किया गया है कि वे चक्का जाम न करके शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखें, जिससे यात्रियों को कोई परेशानी न हो। इसके बाद भी अगर कर्मचारी आठ जनवरी को चक्का जाम करते हैं तो उनका प्रयास रहेगा कि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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निजी बसों की चल रही है मनमानी
रोडवेज में निजी बसों की मनमानी की यह नई कहानी नहीं है। इससे पहले भी निजी बस संचालकों द्वारा गलत समय पर यात्री उठाने को लेकर रोडवेज व निजी बस कर्मचारियों के बीच झगड़ा हो चुका है। वहीं एक ही नंबर की कई-कई बसों के चलाने का मामला भी सामने आ चुका है।
हड़ताल से निपटने के लिए महाप्रबंधक की खास योजना
रोडवेज जीएम ने कहा कि आठ जनवरी को होने वाली हड़ताल के दौरान अगर रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम करते हैं तो उन्होंने इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए कुछ कर्मचारियों को विश्वास में लिया गया है जो हड़ताल के दौरान बसों को चलाएंगे। इसके साथ-साथ निजी बस संचालकों के साथ भी इस बारे में बातचीत की जाएगी। प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन हो। वहीं निजी बस संचालकों द्वारा अवैध रूप से बस चलाने और यात्रियों को बस स्टैंड परिसर से बाहर यात्रियों को ले जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने आरटीए को शिकायत दी है। बस स्टैंड परिसर के अंदर अगर कोई निजी बस संचालक आनाकानी करता है तो वह उस पर कार्रवाई कर सकते हैं। बस स्टैंड परिसर से बाहर वह कार्रवाई नहीं कर सकते, इसका अधिकार आरटीए को है।
नई बसों की भेजी डिमांड
जीएम ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्यालय से 60 से 70 बसों की डिमांड की गई है। इससे परिवहन सुविधा को यात्रियों के लिए और बेहतर बनाया जा सके। वह मुख्यालय पर निर्भर करता है कि जींद डिपो को कितनी नई बसें मिलेंगी। जनता को ज्यादा से ज्यादा बेहतर सुविधा देने का प्रयास अधिकारियों द्वारा किया जाता है।