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जींद: सरकारी महकमों की बिजली गुल करने की तैयारी

Mon, 13 Feb 2023 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 13 Feb 2023 11:58 PM IST
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Preparation for power failure of government departments
जींद। बिजली निगम का सरकारी कार्यालयों पर 6.32 करोड़ बिजली का बिल बकाया है। बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी विभाग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। सबसे अधिक पीडब्ल्यूडी विभाग पर 40 लाख रुपये बकाया है।
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बिजली निगम से मिली जानकारी के अनुसार इसके अलावा सिंचाई विभाग पर नौ लाख से ज्यादा और अन्य सरकारी विभागों पर 63 लाख से ज्यादा है। कुल मिलाकर छह करोड़ 32 लाख रुपये बनते हैं। निगम की तरफ से बकाया राशि को लेकर लगातार नोटिस दिए गए हैं, लेकिन यह बकाया राशि इन विभाग की तरफ से जमा नहीं करवाई गई है। इसके अलावा ग्रामीण
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ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर भी 12 करोड़ से ज्यादा के बिल बकाया है।
बिजली निगम बकाया बिजली बिलों की राशि वसूलने के लिए डिफाल्टर उपभोक्ताओं और सरकारी कार्यालयों को नोटिस भेज रहा है। इन नोटिसों के बाद तो कुछ उपभोक्ताओं ने बकाया बिल जमा करा दिए तो कुछ ने अपने बिल का कुछ हिस्सा जमा कर दिया है, जिनका बिल अधिक है। वह निगम द्वारा बार-बार नोटिस देने के बावजूद कई उपभोक्ता पूरी राशि जमा नहीं कर रहे हैं।
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बार-बार नोटिस देने के बाद भी बिल जमा नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं के निगम द्वारा लगातार कनेक्शन काटे जा रहे हैं। निगम द्वारा अब तक 21 हजार 296 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं। इनमें 2679 शहरी, 14 हजार 286 ग्रामीण, 2627 गैर घरेलू, 637 उद्योग, 891 कृषि कनेक्शन शामिल हैं। 176 सरकारी विभाग के कनेक्शन शामिल हैं। सिंचाई विभाग 9 लाख, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर 40 लाख, नगर परिषद 6 लाख, पंचायत विभाग 2 लाख, अन्य सरकारी विभाग 63 लाख, उद्योग 16 लाख, कृषि विभाग 81 लाख, गैर घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 लाख से ज्यादा के बिजली बिल बकाया है, लेकिन सवाल है कि आम लोगों का थोड़ा बकाया होने पर भी उनका कनेक्शन काट दिया जाता है जबकि सरकारी विभागों पर लाखों का बकाया होने पर भी कार्रवाई नही होती।

वर्जन
सरकारी विभागों का बिजली बिल बकाया है। उन्होंने बिल भरने के लिए बजट मांगा हुआ है जो कि मार्च महीने के अंत तक भर दिया जाएगा। यदि समय पर बिल नहीं भरा तो कनेक्शन काटा जाएगा। बिजली निगम का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध करवाई जाए।
-ओमबीर, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम जींद
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