{"_id":"232beed32111f1b10d91e35fdd27fc57","slug":"political-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यकर्ता गिनवाने लगे सिस्टम की खामी तो कम पड़ गया समय ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्यकर्ता गिनवाने लगे सिस्टम की खामी तो कम पड़ गया समय
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को शहर में कई कार्यक्रमों में दौरा किया। कार्यक्रमों की अंतिम कड़ी में वे कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। शिकायत बताने के लिए कई कार्यकर्ताओं द्वारा हाथ खड़े करने पर सीएम ने समय का हवाला देकर जिलाध्यक्ष को शिकायतें भेजने को कहा। जिलाप्रधान को कहा कि सोमवार या मंगलवार तक शिकायतें उन तक पहुुंचा दें। मुख्यमंत्री ने दालमवाला होटल में कार्यकर्ताओं की मीटिंग में करीब 20 मिनट बोलने के बाद पांच कार्यकर्ताओं से उनके सुझाव मांगे।
शिकायत नंबर एक: जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र की स्थिति बहुत खराब है। न तो समय पर प्रमाण पत्र मिलते हैं और मिलते हैं तो उसमें कभी मां का कभी बाप का और भी बच्चे का नाम गलत होता है।
सीएम का जवाब: इस पर काम चल रहा है, जब सभी लोगों के आधार कार्ड बन जाएंगे, इसकी दिक्कत नहीं होगी। अभी अदालत ने आधार कार्ड की जन्मतिथि को मानने से मना किया है।
विज्ञापन
शिकायत नंबर दो: वरिष्ठ भाजपा नेता और एडवोकेट जयभगवान गोयल ने कहा कि शहर की बाईपास और मिनी बाईपास नहीं बनने से काफी दिक्कत हो रही है। रोहतक-जींद फोर लेन का काम भी रुका हुआ है।
जवाब: इस पर दिन में भी काफी बता हुई है, यह जल्द ही होगा।
शिकायत नंबर तीन: सरकार ने निम्न वर्ग के लिए बहुत योजनाएं बनाई हैं, उच्च वर्ग को सरकार की जरूरत नहीं है, लेकिन सरकार मध्यम वर्ग की तरफ ध्यान नहीं देर रही है। इस पर जोरदार तालियां बजी।
सीएम का जवाब: अगली शिकायत बताओ।
शिकायत नंबर चार: सरकार बिजली के बिल बहुत अधिक आए हैं, इसको कम करवाओ। इनकी आवाज शोर में दब गई। सीएम ने भारत माता की जय के नारे लगवाने शुरू कर दिए।
शिकायत नंबर पांच: एक व्यक्ति मंच के पास पहुंच गया, उसने कहा अफसरशाही पर लगाम लगाओ। इसको सीएम ने ध्यान से सुना जवाब नहीं दिया।
शिकायत नंबर छह: काफी लोगों की शिकायत को बीच में ही रोक कर सीएम ने कहा कि काफी पुरुषों ने शिकायत बताई है। अब एक बहन को भी मौका दिया जाए। इस पर रधाना गांव निवासी महिला ने कहा कि उसका जमीन का मामला है। इसके लिए वह दो बार सीएम विंडो पर शिकायत दे चुकी है। कई बार एसएसपी और डीसी से मिल चुकी है, लेकिन काई सुनवाई नहीं हो रही।
सीएम का जवाब: आपके पास कोई कागज है। महिला ने कागज निकाल लिए। जिलाध्यक्ष ने कहा कागज उनके पास हैं। ऐसे में सीएम ने कहा कि उनकी शिकायत की जांच करवाई जाएगी।
----------------------------------------------------
मुख्यमंत्री ने किया आरओबी और ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को हांसी रोड पर आरओबी और पिंडारा गांव में ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व की सरकारों की भांति विकास के मामले में किसी भी जिले के साथ भेदभाव नहीं करेगी। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह और सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक भी उनके साथ रहे। लघुसचिवालय में अधिकारियों की मीटिंग में सीएम ने कहा कि वे दिसंबर में जींद आए थे। इस को करीब दस महीने का समय हो गया है। उस समय हुई जिन घोषणाओं पर काम शुरू नहीं हुआ है, उन पर काम शुरू किया जाए। इसमें जहां भी दिक्कत आती है, विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर इसे दूर करें।
दोपहर बाद जींद पहुंचने पर सीएम ने हांसी रोड स्थित आरओबी का उद्घाटन किया। इसके बाद डीआरडीए हॉल में त्रिवेणी नामक किताब का राजकीय स्कूलों के मुखियाओं की मौजूदगी में विमोचन किया। इसके बाद लघुसचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में आधार बेस डाटा और ई-लर्निंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बाद में पिंडारा गांव स्थित ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन किया और अंत में दालमवाला होटल में कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली।
झलकियां
जींद में बने महिला मेडिकल कॉलेज
अधिकारियों की मीटिंग में ही केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश मेें सरकार यदि कहीं महिला मेडिकल कॉलेज बनाती है तो, वह जींद में बने। इसके लिए अलेवा में पास 26 एकड़ जमीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
ऐन मौके पर बदला कार्यक्रम प्रशासन परेशान
मुख्यमंत्री के पहुंचने से कुछ समय पहले ही कार्यक्रम मेें बदलाव किया गया। इससे प्रशासन विशेषकर सुरक्षा ड्यूटी में लगे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मुख्यमंत्री को दोपहर दो बजे सबसे पहले पिंडारा गांव में ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन करना था, लेकिन सड़क मार्ग से आने के कारण सबसे पहले आरओबी का उद्घाटन का कार्यक्रम करवाया गया। इसके बाद रेस्ट हाउस में लंच किया और फिर डीआरडीए हॉल में त्रिवेणी कार्यक्रम की पुस्तिका का विमोचन किया। ऐसे में सुबह से ही पिंडारा में डटे कर्मचारियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। मुख्यमंत्री करीब पांच घंटे की देरी से सात बजे वहां पहुंचे।
नहीं मिल पाए लोग
रेस्ट हाउस में सीएम से मिलने के लिए काफी संख्या में लोग एकत्रित थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने किसी को भी सीएम से मिलने नहीं दिया। ये लोग निराश होकर लौट गए।
डीसी के सुरक्षाकर्मी ने दिलाई स्वच्छता की याद
तहसील कार्यालय में जब मुख्यमंत्री ई-लर्निंग कार्यक्रम का शुभारंभ कर रहे थे, काफी पुलिस और सिविल कर्मचारियों ने पानी पीकर बोतले इधर-उधर फेंक दी। इस पर डीसी के सुरक्षाकर्मी शमशेर सिंह ने कहा कि, 'ऐसे नहीं भाई स्वच्छता का ध्यान रखो।' इस पर सभी ने अपनी-अपनी बोतलें उठाकर डस्टबिन में डाल दीं।
विधायक ने सौंपा मांग पत्र
जींद पहुंचे मुख्यमंत्री को विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा ने जींद के विकास के लिए मात्रपत्र सौंपा। विधायक डॉ. मिढ़ा ने कहा कि जींद निरंतर राजनीतिक की उपेक्षा का शिकार रहा है। उन्होंने जींद के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की। मिढ़ा ने अधर में लटकी विकास योजनाओं को पूरा करने की मांग भी की।
सीएम ने स्वयं किया डाटा ऑनलाइन
तहसील कार्यालय में जब ग्रामीणों के डाटा को आधार नंबर से जोड़ा जा रहा था, अधिकारियों कहा कि वे बस हाथ लगाकर फोटो करवा लें, लेकिन सीएम ने सॉफ्टवेयर के सभी ऑप्शन को पूरा भरा और एक व्यक्ति के डाटा को आधार नंबर से जोड़ा।
सीएम से की जमीन के मुआवजे की मांग
लघुसचिवालय में निडानी, सिंधवीखेड़ा, रधाना, खरकरामजी, आसन, धड़ौली, व गांगोली गांवों के किसानों ने राजवाहा नंबर तीन के लिए जमीन के मुआवजे की मांग की। सीएम से मिलने पहुंचे एडवोकेट दर्शन ढांडा, जगमोहन, सतबीर, राजेंद्र, ओमप्रकाश, पालेराम, जयकुमार व प्रदीप ने बताया कि 47 साल पहले रजवाहा नंबर तीन निकाला गया था। उस समय से किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। इसमें किसानों की करीब 75 एकड़ जमीन गई, जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा है।
...जब बीरेंद्र बोले कांग्रेस को मजबूत करो
जुमले के साथ सुधारी गलती
जींद। कार्यकर्ताओं को पार्टी को मजबूत बनाने के लिए नसीहत देते हुए बीरेंद्र सिंह की जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूती देने के लिए एकजुट होकर काम करो और दूसरी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी गले लगाओ। कार्यकर्ताओं के कहने के बाद बीरेंद्र सिंह को ध्यान आया कि उन्होंने गलत बोल दिया है। इसके बाद अपनी बात को जुमले के द्वारा सुधारते हुए एक उदाहरण दिया कि एक व्यक्ति हिंदू से मुसलमान बना था। उसने घुटनों पर हाथ कर उठते हुए कहा कि हे राम। इस पर साथ वाले लोग इस बारे में पूछने लगे। इस पर उस व्यक्ति ने कहा कि नया हूं, सीख जाऊंगा। बीजेपी में नया आया हूं, सीख जाऊंगा। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कार्यकर्ता दो तरह के होते हैं। पहली तरह के कार्यकर्ता संघर्ष के समय पार्टी के साथ रहते हैं। कुछ कार्यकर्ता राज पार्टी के साथ रहते हैं। अब सत्ता में आए हैं, तो दूसरी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी गले लगाओ।
इनेलो के कैडर को कैश करने की नसीहत
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब प्रदेश में भाजपा ही विकल्प बचा है। इनेलो का दिवालिया निकल चुका है और इनेलो के कार्यकर्ता विचलित हैं। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं को इसका फायदा उठाना चाहिए और इनेलो कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। बीरेंद्र सिंह ने मंच पर बैठे सीएम मनोहरलाल खट्टर की तरफ देखते हुए कहा कि सुरेंद्र बरवाला, विधायक जसबीर देशवाल का नाम जोड़ते हुए कहा कि ये मत सोचो की पार्टी में बाहर से आकर जाट इकट्ठे हो जाएंगे और तुम्हें भगा देंगे। इसलिए पार्टी में हर वर्ग को जुड़ने दे तभी पार्टी मजबूत होगी। पांच साल के लिए सत्ता तो कभी-कभी किसी को भी मिल सकती है। इसलिए लंबे समय तक सरकार चलाने के लिए पार्टी के संगठन को मजबूत करना होगा।
सीएम को ताकत दिखाने का किया इशारा
बीरेंद्र सिंह ने इशारों इशारों में ही प्रदेश में अपना जनाधार दिखाने का इशारा किया। उन्होंने कहा कि अभी बिहार चुना है, नहीं तो इसी माह में प्रदेश में कोई बड़ा आयोजन करके दिखा देते। भाजपा में आते समय राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से वायदा किया था कि हरियाणा में भाजपा को किसान व मजदूर की पार्टी बना देंगे, लेकिन अब बिहार चुनाव होने के कारण उचित समय नहीं है। उन्होंने कहा कि जितनी भी सरकारें बनी हैं। सभी यहां रैली भी करती हैं और थैली भी यहीं से ले जाती हैं। सत्ता में आने के बाद यहां की जनता को भूल जातें हैं। सीएम को नसीहत देते हुए कहा कि पिछले 40 सालों से जींद की उपेक्षा हुई है। अब जींद के साथ हुआ पिछला घाटा पूरा करो।
सीएम विंडो पर भी उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान सीएम विंडो पर उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले हैं, लेकिन अच्छे परिणाम आए हैं। इस पर बीच में ही एक कार्यकर्ता ने बोलते हुए कहा कि इसमें और सख्ताई बरतने की आवश्यकता है।
शिकायत नंबर एक: जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र की स्थिति बहुत खराब है। न तो समय पर प्रमाण पत्र मिलते हैं और मिलते हैं तो उसमें कभी मां का कभी बाप का और भी बच्चे का नाम गलत होता है।
विज्ञापन
सीएम का जवाब: इस पर काम चल रहा है, जब सभी लोगों के आधार कार्ड बन जाएंगे, इसकी दिक्कत नहीं होगी। अभी अदालत ने आधार कार्ड की जन्मतिथि को मानने से मना किया है।
विज्ञापन
शिकायत नंबर दो: वरिष्ठ भाजपा नेता और एडवोकेट जयभगवान गोयल ने कहा कि शहर की बाईपास और मिनी बाईपास नहीं बनने से काफी दिक्कत हो रही है। रोहतक-जींद फोर लेन का काम भी रुका हुआ है।
जवाब: इस पर दिन में भी काफी बता हुई है, यह जल्द ही होगा।
शिकायत नंबर तीन: सरकार ने निम्न वर्ग के लिए बहुत योजनाएं बनाई हैं, उच्च वर्ग को सरकार की जरूरत नहीं है, लेकिन सरकार मध्यम वर्ग की तरफ ध्यान नहीं देर रही है। इस पर जोरदार तालियां बजी।
सीएम का जवाब: अगली शिकायत बताओ।
शिकायत नंबर चार: सरकार बिजली के बिल बहुत अधिक आए हैं, इसको कम करवाओ। इनकी आवाज शोर में दब गई। सीएम ने भारत माता की जय के नारे लगवाने शुरू कर दिए।
शिकायत नंबर पांच: एक व्यक्ति मंच के पास पहुंच गया, उसने कहा अफसरशाही पर लगाम लगाओ। इसको सीएम ने ध्यान से सुना जवाब नहीं दिया।
शिकायत नंबर छह: काफी लोगों की शिकायत को बीच में ही रोक कर सीएम ने कहा कि काफी पुरुषों ने शिकायत बताई है। अब एक बहन को भी मौका दिया जाए। इस पर रधाना गांव निवासी महिला ने कहा कि उसका जमीन का मामला है। इसके लिए वह दो बार सीएम विंडो पर शिकायत दे चुकी है। कई बार एसएसपी और डीसी से मिल चुकी है, लेकिन काई सुनवाई नहीं हो रही।
सीएम का जवाब: आपके पास कोई कागज है। महिला ने कागज निकाल लिए। जिलाध्यक्ष ने कहा कागज उनके पास हैं। ऐसे में सीएम ने कहा कि उनकी शिकायत की जांच करवाई जाएगी।
----------------------------------------------------
मुख्यमंत्री ने किया आरओबी और ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को हांसी रोड पर आरओबी और पिंडारा गांव में ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व की सरकारों की भांति विकास के मामले में किसी भी जिले के साथ भेदभाव नहीं करेगी। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह और सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक भी उनके साथ रहे। लघुसचिवालय में अधिकारियों की मीटिंग में सीएम ने कहा कि वे दिसंबर में जींद आए थे। इस को करीब दस महीने का समय हो गया है। उस समय हुई जिन घोषणाओं पर काम शुरू नहीं हुआ है, उन पर काम शुरू किया जाए। इसमें जहां भी दिक्कत आती है, विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर इसे दूर करें।
दोपहर बाद जींद पहुंचने पर सीएम ने हांसी रोड स्थित आरओबी का उद्घाटन किया। इसके बाद डीआरडीए हॉल में त्रिवेणी नामक किताब का राजकीय स्कूलों के मुखियाओं की मौजूदगी में विमोचन किया। इसके बाद लघुसचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में आधार बेस डाटा और ई-लर्निंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बाद में पिंडारा गांव स्थित ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन किया और अंत में दालमवाला होटल में कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली।
झलकियां
जींद में बने महिला मेडिकल कॉलेज
अधिकारियों की मीटिंग में ही केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश मेें सरकार यदि कहीं महिला मेडिकल कॉलेज बनाती है तो, वह जींद में बने। इसके लिए अलेवा में पास 26 एकड़ जमीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
ऐन मौके पर बदला कार्यक्रम प्रशासन परेशान
मुख्यमंत्री के पहुंचने से कुछ समय पहले ही कार्यक्रम मेें बदलाव किया गया। इससे प्रशासन विशेषकर सुरक्षा ड्यूटी में लगे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मुख्यमंत्री को दोपहर दो बजे सबसे पहले पिंडारा गांव में ओपन एयर थियेटर का उद्घाटन करना था, लेकिन सड़क मार्ग से आने के कारण सबसे पहले आरओबी का उद्घाटन का कार्यक्रम करवाया गया। इसके बाद रेस्ट हाउस में लंच किया और फिर डीआरडीए हॉल में त्रिवेणी कार्यक्रम की पुस्तिका का विमोचन किया। ऐसे में सुबह से ही पिंडारा में डटे कर्मचारियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। मुख्यमंत्री करीब पांच घंटे की देरी से सात बजे वहां पहुंचे।
नहीं मिल पाए लोग
रेस्ट हाउस में सीएम से मिलने के लिए काफी संख्या में लोग एकत्रित थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने किसी को भी सीएम से मिलने नहीं दिया। ये लोग निराश होकर लौट गए।
डीसी के सुरक्षाकर्मी ने दिलाई स्वच्छता की याद
तहसील कार्यालय में जब मुख्यमंत्री ई-लर्निंग कार्यक्रम का शुभारंभ कर रहे थे, काफी पुलिस और सिविल कर्मचारियों ने पानी पीकर बोतले इधर-उधर फेंक दी। इस पर डीसी के सुरक्षाकर्मी शमशेर सिंह ने कहा कि, 'ऐसे नहीं भाई स्वच्छता का ध्यान रखो।' इस पर सभी ने अपनी-अपनी बोतलें उठाकर डस्टबिन में डाल दीं।
विधायक ने सौंपा मांग पत्र
जींद पहुंचे मुख्यमंत्री को विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा ने जींद के विकास के लिए मात्रपत्र सौंपा। विधायक डॉ. मिढ़ा ने कहा कि जींद निरंतर राजनीतिक की उपेक्षा का शिकार रहा है। उन्होंने जींद के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की। मिढ़ा ने अधर में लटकी विकास योजनाओं को पूरा करने की मांग भी की।
सीएम ने स्वयं किया डाटा ऑनलाइन
तहसील कार्यालय में जब ग्रामीणों के डाटा को आधार नंबर से जोड़ा जा रहा था, अधिकारियों कहा कि वे बस हाथ लगाकर फोटो करवा लें, लेकिन सीएम ने सॉफ्टवेयर के सभी ऑप्शन को पूरा भरा और एक व्यक्ति के डाटा को आधार नंबर से जोड़ा।
सीएम से की जमीन के मुआवजे की मांग
लघुसचिवालय में निडानी, सिंधवीखेड़ा, रधाना, खरकरामजी, आसन, धड़ौली, व गांगोली गांवों के किसानों ने राजवाहा नंबर तीन के लिए जमीन के मुआवजे की मांग की। सीएम से मिलने पहुंचे एडवोकेट दर्शन ढांडा, जगमोहन, सतबीर, राजेंद्र, ओमप्रकाश, पालेराम, जयकुमार व प्रदीप ने बताया कि 47 साल पहले रजवाहा नंबर तीन निकाला गया था। उस समय से किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। इसमें किसानों की करीब 75 एकड़ जमीन गई, जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा है।
...जब बीरेंद्र बोले कांग्रेस को मजबूत करो
जुमले के साथ सुधारी गलती
जींद। कार्यकर्ताओं को पार्टी को मजबूत बनाने के लिए नसीहत देते हुए बीरेंद्र सिंह की जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूती देने के लिए एकजुट होकर काम करो और दूसरी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी गले लगाओ। कार्यकर्ताओं के कहने के बाद बीरेंद्र सिंह को ध्यान आया कि उन्होंने गलत बोल दिया है। इसके बाद अपनी बात को जुमले के द्वारा सुधारते हुए एक उदाहरण दिया कि एक व्यक्ति हिंदू से मुसलमान बना था। उसने घुटनों पर हाथ कर उठते हुए कहा कि हे राम। इस पर साथ वाले लोग इस बारे में पूछने लगे। इस पर उस व्यक्ति ने कहा कि नया हूं, सीख जाऊंगा। बीजेपी में नया आया हूं, सीख जाऊंगा। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कार्यकर्ता दो तरह के होते हैं। पहली तरह के कार्यकर्ता संघर्ष के समय पार्टी के साथ रहते हैं। कुछ कार्यकर्ता राज पार्टी के साथ रहते हैं। अब सत्ता में आए हैं, तो दूसरी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी गले लगाओ।
इनेलो के कैडर को कैश करने की नसीहत
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब प्रदेश में भाजपा ही विकल्प बचा है। इनेलो का दिवालिया निकल चुका है और इनेलो के कार्यकर्ता विचलित हैं। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं को इसका फायदा उठाना चाहिए और इनेलो कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। बीरेंद्र सिंह ने मंच पर बैठे सीएम मनोहरलाल खट्टर की तरफ देखते हुए कहा कि सुरेंद्र बरवाला, विधायक जसबीर देशवाल का नाम जोड़ते हुए कहा कि ये मत सोचो की पार्टी में बाहर से आकर जाट इकट्ठे हो जाएंगे और तुम्हें भगा देंगे। इसलिए पार्टी में हर वर्ग को जुड़ने दे तभी पार्टी मजबूत होगी। पांच साल के लिए सत्ता तो कभी-कभी किसी को भी मिल सकती है। इसलिए लंबे समय तक सरकार चलाने के लिए पार्टी के संगठन को मजबूत करना होगा।
सीएम को ताकत दिखाने का किया इशारा
बीरेंद्र सिंह ने इशारों इशारों में ही प्रदेश में अपना जनाधार दिखाने का इशारा किया। उन्होंने कहा कि अभी बिहार चुना है, नहीं तो इसी माह में प्रदेश में कोई बड़ा आयोजन करके दिखा देते। भाजपा में आते समय राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से वायदा किया था कि हरियाणा में भाजपा को किसान व मजदूर की पार्टी बना देंगे, लेकिन अब बिहार चुनाव होने के कारण उचित समय नहीं है। उन्होंने कहा कि जितनी भी सरकारें बनी हैं। सभी यहां रैली भी करती हैं और थैली भी यहीं से ले जाती हैं। सत्ता में आने के बाद यहां की जनता को भूल जातें हैं। सीएम को नसीहत देते हुए कहा कि पिछले 40 सालों से जींद की उपेक्षा हुई है। अब जींद के साथ हुआ पिछला घाटा पूरा करो।
सीएम विंडो पर भी उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान सीएम विंडो पर उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले हैं, लेकिन अच्छे परिणाम आए हैं। इस पर बीच में ही एक कार्यकर्ता ने बोलते हुए कहा कि इसमें और सख्ताई बरतने की आवश्यकता है।