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Jind News: मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान लगाएं पुलिसकर्मी
Sat, 09 Sep 2023 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 09 Sep 2023 11:51 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। व्यस्त कार्यप्रणाली के चलते पुलिसकर्मियों को तनाव से दूर रखने के लिए एसपी सुमित कुमार के निर्देश पर डीएसपी नरवाना अमित भाटिया की अध्यक्षता में शनिवार को पुलिसकर्मियों के लिए मेडिटेशन सेमिनार का आयोजन कॉन्फ्रेंस हाल में किया गया। इसमें साइकोलॉजिस्ट डाॅ. सौम्या अरोड़ा ने मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए पुलिसकर्मी ध्यान लगाएं।
कार्यशाला में अधिकारियों सहित 150 से अधिक पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पुलिस कर्मचारियों को तनाव रहित रहने के टिप्स दिए गए। डाॅ. सौम्या ने बताया कि मेडिटेशन के माध्यम से हम अपनी सोच और व्यवहार में स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं। क्योंकि जैसी वृत्ति होगी वैसे ही प्रवृत्ति होगी। ऐसे में ध्यान रखना अति आवश्यक है। ध्यान प्रक्रिया बहुत ही सरल एवं सहज होती है जिसे घर या दफ्तर पर बैठ कर नियमित कर सकते हैं। तनाव समाप्त करने के लिए अपने अंदर सकारात्मक विचार लाना जरूरी है। नकारात्मक विचारों को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। तनाव से अवसाद व कई तरह की शारीरिक बीमारियां जन्म लेती हैं जब भी तनाव में हो तो योग, मेडिटेशन करें। डीएसपी अमित भाटिया ने कहा कि मेडिटेशन एक दवा की तरह है। इसके माध्यम से हम शारीरिक, भौतिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। साथ ही एंजाइटी, डिप्रेशन, हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं। वर्तमान समय में मेडिटेशन एक औषधि की तरह है जो सुखद और आनंदमय जीवनशैली का निर्माण करती है।
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जींद। व्यस्त कार्यप्रणाली के चलते पुलिसकर्मियों को तनाव से दूर रखने के लिए एसपी सुमित कुमार के निर्देश पर डीएसपी नरवाना अमित भाटिया की अध्यक्षता में शनिवार को पुलिसकर्मियों के लिए मेडिटेशन सेमिनार का आयोजन कॉन्फ्रेंस हाल में किया गया। इसमें साइकोलॉजिस्ट डाॅ. सौम्या अरोड़ा ने मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए पुलिसकर्मी ध्यान लगाएं।
कार्यशाला में अधिकारियों सहित 150 से अधिक पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पुलिस कर्मचारियों को तनाव रहित रहने के टिप्स दिए गए। डाॅ. सौम्या ने बताया कि मेडिटेशन के माध्यम से हम अपनी सोच और व्यवहार में स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं। क्योंकि जैसी वृत्ति होगी वैसे ही प्रवृत्ति होगी। ऐसे में ध्यान रखना अति आवश्यक है। ध्यान प्रक्रिया बहुत ही सरल एवं सहज होती है जिसे घर या दफ्तर पर बैठ कर नियमित कर सकते हैं। तनाव समाप्त करने के लिए अपने अंदर सकारात्मक विचार लाना जरूरी है। नकारात्मक विचारों को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। तनाव से अवसाद व कई तरह की शारीरिक बीमारियां जन्म लेती हैं जब भी तनाव में हो तो योग, मेडिटेशन करें। डीएसपी अमित भाटिया ने कहा कि मेडिटेशन एक दवा की तरह है। इसके माध्यम से हम शारीरिक, भौतिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। साथ ही एंजाइटी, डिप्रेशन, हृदय रोग जैसी खतरनाक बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं। वर्तमान समय में मेडिटेशन एक औषधि की तरह है जो सुखद और आनंदमय जीवनशैली का निर्माण करती है।
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