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जींद: सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नप कार्यालय पहुंची पुलिस
Fri, 10 Feb 2023 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 10 Feb 2023 12:22 AM IST
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जींद। पिछले साल अक्तूबर में चली सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान 25 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे। इस मामले में कार्रवाई के लिए वीरवार को शहर थाना पुलिस नगर परिषद पहुंची। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने हड़ताल के दौरान दर्ज मामले वापस लेने का फैसला लिया था। इसके बावजूद उनके केस वापस नहीं हुए हैं और पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रही है। अब सफाई कर्मचारियों ने वीरवार को बैठक कर 12 फरवरी को करनाल में मुख्यमंत्री के आवास के घेराव करने का एलान किया है।
गौरतलब है कि पिछले साल अक्तूबर में मांगों को लेकर प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। हड़ताल के दौरान प्रशासन द्वारा जब शहर के अंदर से कूड़ा उठवाया जा रहा था, तो सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद के वाहनों की हवा निकाल दी थी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रवीन कुमार ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व प्राॅपर्टी को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 25 कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए थे। सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान बिजेंद्र कांगड़ा ने बताया कि हड़ताल के दौरान सरकार व यूनियन के बीच मांगों को लेकर सहमति बनी थी। अब तक उसका कोई पत्र जारी नहीं हुआ है और न ही कर्मचारियों पर दर्ज केस वापस लिए जा रहे हैं। पुलिस कह रही है कि उनके पास केस वापसी को लेकर कोई पत्र नहीं आया है। इसलिए उन्हें अदालत से जमानत लेनी पड़ेगी। अगर वे अदालत से जमानत नहीं लेते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जगदीश बुम्बक ने कहा कि 12 फरवरी को वह अपनी मांगों को लेकर करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर से बड़ा आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
सफाई कर्मचारियों के केस अभी लंबित हैं। इन पर कार्रवाई के लिए पुलिस नगर परिषद कार्यालय गई थी। पुलिस नियमानुसार अपनी कार्रवाई कर रही है। अभी तक केस वापस को लेकर कोई सरकारी पत्र नहीं मिला है।
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- नरेंद्र कुमार, शहर थाना प्रभारी।
फोटो कैप्शन 09जेएनडी01 : बैठक करके 12 फरवरी के कार्यक्रम की रुपरेखा बनाते नगर परिषद कर्मचारी। संवाद
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गौरतलब है कि पिछले साल अक्तूबर में मांगों को लेकर प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। हड़ताल के दौरान प्रशासन द्वारा जब शहर के अंदर से कूड़ा उठवाया जा रहा था, तो सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद के वाहनों की हवा निकाल दी थी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रवीन कुमार ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व प्राॅपर्टी को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 25 कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए थे। सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान बिजेंद्र कांगड़ा ने बताया कि हड़ताल के दौरान सरकार व यूनियन के बीच मांगों को लेकर सहमति बनी थी। अब तक उसका कोई पत्र जारी नहीं हुआ है और न ही कर्मचारियों पर दर्ज केस वापस लिए जा रहे हैं। पुलिस कह रही है कि उनके पास केस वापसी को लेकर कोई पत्र नहीं आया है। इसलिए उन्हें अदालत से जमानत लेनी पड़ेगी। अगर वे अदालत से जमानत नहीं लेते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जगदीश बुम्बक ने कहा कि 12 फरवरी को वह अपनी मांगों को लेकर करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर से बड़ा आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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सफाई कर्मचारियों के केस अभी लंबित हैं। इन पर कार्रवाई के लिए पुलिस नगर परिषद कार्यालय गई थी। पुलिस नियमानुसार अपनी कार्रवाई कर रही है। अभी तक केस वापस को लेकर कोई सरकारी पत्र नहीं मिला है।
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- नरेंद्र कुमार, शहर थाना प्रभारी।
फोटो कैप्शन 09जेएनडी01 : बैठक करके 12 फरवरी के कार्यक्रम की रुपरेखा बनाते नगर परिषद कर्मचारी। संवाद