फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Physicians put on strike for two hours in civil hospital, patients remained helpless

नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने रखी दो घंटे हड़ताल, मरीज रहे बेहाल

Fri, 12 Nov 2021 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 11:48 PM IST
विज्ञापन
Physicians put on strike for two hours in civil hospital, patients remained helpless
नागरिक अस्पताल में ओपीडी के बाहर इंतजार में बैठे मरीज। संवाद - फोटो : Jind
जींद। सरकार के एसएमओ की सीधी भर्ती करने के विरोध में नागरिक अस्पताल के चिकित्सक सुबह नौ से 11 बजे तक हड़ताल पर रहे। वहीं, जुलाना, उचाना, नरवाना समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी चिकित्सकों ने हड़ताल की। इस दौरान आपातकालीन व पोस्टमार्टम सेवाएं जारी रहीं। इस हड़ताल के कारण सुबह से ही अस्पताल में दवाई लेने के लिए पहुंचे मरीज 11 बजे तक भटकते रहे। 11 बजे के बाद ही इन मरीजों ने इलाज करवाया।
विज्ञापन

बता दें कि हड़ताल के दौरान चिकित्सकों के कक्षों के बाहर मरीजों की लाइनें लगी रहीं। चिकित्सकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के उपप्रधान डॉ. रघुबीर पूनिया, सचिव डॉ. अरुण कुमार, सह सचिव डॉ. राजेश भोला, एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल, डॉ. संतलाल, डॉ. प्रदीप, डॉ. बिजेंद्र ढांडा, डॉ. विशाल पोरश व डॉ. नवनीत काम छोड़कर सुबह नौ बजे अस्पताल के मुख्य गेट पर आ गए। यहां पर उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग एसएमओ की सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग में सालों से काम कर रहे चिकित्सकों की पदोन्नति के द्वार बंद हो जाएंगे। जहां भी एसएमओ के पद रिक्त हैं, उन्हें पदोन्नति के आधार पर भरा जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग सीधी भर्ती करके चिकित्सकों के हितों के साथ कुठाराघात कर रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग पे-स्केल के मामले में भी सौतेला व्यवहार कर रहा है। 2019 में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने पे-स्केल को लेकर उनकी मांग को मान लिया था, लेकिन आज तक उस मांग को अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। सरकारी चिकित्सकों को एसीपी इस समय पांच, 10, 15 वर्ष के अंतराल पर मिल रही है, जोकि चार, नौ, 13 व 15 वर्ष पर मिलनी चाहिए। चिकित्सकों ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वह लंबा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
विज्ञापन

इधर-उधर भटकते रहे मरीज
सुबह नौ से 11 बजे तक मरीज नागरिक अस्पताल में इधर-उधर भटकते रहे। अस्पताल में इस समय 1200 के आसपास ओपीडी होती है। सुबह जब मरीज अस्पताल पहुंचे और उन्हें सूचना मिली कि दो घंटे हड़ताल है। इस कारण काफी मरीज लौट गए। 11 बजे तक चिकित्सकों के कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। 11 बजे चिकित्सक अपने कक्षों में बैठे तो मरीजों को राहत मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे अच्छा तो पर्ची ही नहीं बनाते
पटियाला चौक निवासी सुरेश बागड़ी ने बताया कि मेरी भाभी के पैर में चोट लगी है। दिखाने के लिए सुबह साढ़े आठ बजे ही अस्पताल में आ गया। जल्द दिखाकर काम करने के लिए जल्दी आया, लेकिन यहां चिकित्सक नहीं मिले। इससे पूरा दिन खराब हो गया। इससे अच्छा तो पर्ची ही नहीं बनानी चाहिए थी।

चार आदमी हुए परेशान
गांव बड़ौदा की बिमला देवी ने बताया कि मुझे चोट लगी थी। ऐसे में चलने फिरने व उठने-बैठने में दिक्कत है। इसके चलते तीन लोग साथ आए हैं। सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन 11 बजे तक चिकित्सक नहीं मिले। इससे चार लोग परेशान हो रहे हैं। साथ ही चोट के कारण बैठने में भी दिक्कत है, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed