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Jind News: प्राइवेट बसों के सहारे यात्रियों ने किया सफर, रोडवेज ने करवाया इंतजार
Thu, 02 Nov 2023 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 02 Nov 2023 11:59 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। करनाल में आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में रोडवेज बसों को भेजने से लंबे तथा लोकल रूटों पर यात्रियों से परेशानी झेली। ग्रामीण आंचल से शहर में आने के लिए लोगों को रोडवेज बसें नहीं मिली वहीं शिक्षण संस्थानों में भी गांवों से युवक-युवतियां नहीं पहुंच पाई। ऐसे में उन्हें पढ़ाई से वंचित होना पड़ा। रोहतक, कुरुक्षेत्र, हिसार, चंडीगढ़, भिवानी, पटियाला, लुधियाना, अंबाला जैसे लंबे रूटों पर भी यात्रियों को रोडवेज बसें नहीं मिली। इन रूटों पर प्राइवेट बसें भी नहीं चलती हैं, जिस कारण यात्रियों को परिवहन सुविधा ही नहीं मिल पाई। बस अड्डे पर भी यात्री बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। भाजपा प्रदेश के नौ साल का कार्यकाल पूरे होने पर आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में प्रशासन ने रोडवेज की 112 बसों को भेजा गया था। हालांकि दिन में यात्रियों की संख्या कम रही लेकिन दोपहर बाद स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों की छुट्टी होने पर बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। 112 बसों में 5279 लोगों को लेकर रोडवेज बसें करनाल लेकर गई। 27 बस नरवाना से, 25 बस सफीदों से, 11 बस जुलाना से और 49 बस जींद से करनाल के लिए भेजी गई। वहीं बची हुई कुछ बसें विभिन्न रूट पर भेजी गई। अल सुबह ग्रामीण क्षेत्र जैसे हथवाला, मेहरड़ा, जुलाना, करेला, बधाना, डाहौला, दुड़ाना, खांडा, पेगां, संडील, शामदो, थुआ, मुआना, सिंघाना, बडौद, खेड़ा खेमावती, सहारनपुर, हाट, हरिगढ, करसिंधु, छात्तर, घोघडिय़ां, डूमरखां कलां, काकड़ौद, कसूहन, सुदकैन खुर्द, सफाखेड़ी, पालवां, मांडी, बुलाखेड़ी, डाहौला व जाजवान से बस करनाल के लिए रवाना हुई। ऐसे में रास्ते में विभिन्न बस स्टॉप पर यात्री बस रुकने का इंतजार करते रहे लेकिन बस नहीं रुकने के चलते यात्रियों को निजी वाहनों में लिफ्ट लेकर शहर आना पड़ा। प्रशासन ने महा सम्मेलन में महिलाओं को ले जाने के लिए 25 रोडवेज बसों की व्यवस्था की हुई थी, जिसमें जींद से 426, नरवाना से 200, सफीदों से 447 महिलाओं को महासम्मेलन में ले जाया गया।
करनाल अंत्योदय महासम्मेलन में भारी संख्या में बस भेजे जाने पर डिपो को आर्थिक नुकसान हुआ। सरकार ने अपने फायदे के लिए आम जनता को परेशान किया। बसें नहीं मिलने से यात्री इधर-उधर भटकते रहे। सरकार को चाहिए कि वह कौशल रोजगार निगम भंग करके स्थाई भर्ती कर युवाओं को रोजगार दे।
-- संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
अंत्योदय महासम्मेलन में 112 रोडवेज बसें करनाल भेजी गई जबकि अन्य बसों को रूटों पर भेजा गया। लोकल रूटों पर प्राइवेट बस चल रही थी। यात्रियों के अनुसार रोडवेज बसों को रूटों पर भेजा गया। शुक्रवार से सभी बसों को निर्धारित रूटों पर चलाया जाएगा।
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-- कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद
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जींद। करनाल में आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में रोडवेज बसों को भेजने से लंबे तथा लोकल रूटों पर यात्रियों से परेशानी झेली। ग्रामीण आंचल से शहर में आने के लिए लोगों को रोडवेज बसें नहीं मिली वहीं शिक्षण संस्थानों में भी गांवों से युवक-युवतियां नहीं पहुंच पाई। ऐसे में उन्हें पढ़ाई से वंचित होना पड़ा। रोहतक, कुरुक्षेत्र, हिसार, चंडीगढ़, भिवानी, पटियाला, लुधियाना, अंबाला जैसे लंबे रूटों पर भी यात्रियों को रोडवेज बसें नहीं मिली। इन रूटों पर प्राइवेट बसें भी नहीं चलती हैं, जिस कारण यात्रियों को परिवहन सुविधा ही नहीं मिल पाई। बस अड्डे पर भी यात्री बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। भाजपा प्रदेश के नौ साल का कार्यकाल पूरे होने पर आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में प्रशासन ने रोडवेज की 112 बसों को भेजा गया था। हालांकि दिन में यात्रियों की संख्या कम रही लेकिन दोपहर बाद स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों की छुट्टी होने पर बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। 112 बसों में 5279 लोगों को लेकर रोडवेज बसें करनाल लेकर गई। 27 बस नरवाना से, 25 बस सफीदों से, 11 बस जुलाना से और 49 बस जींद से करनाल के लिए भेजी गई। वहीं बची हुई कुछ बसें विभिन्न रूट पर भेजी गई। अल सुबह ग्रामीण क्षेत्र जैसे हथवाला, मेहरड़ा, जुलाना, करेला, बधाना, डाहौला, दुड़ाना, खांडा, पेगां, संडील, शामदो, थुआ, मुआना, सिंघाना, बडौद, खेड़ा खेमावती, सहारनपुर, हाट, हरिगढ, करसिंधु, छात्तर, घोघडिय़ां, डूमरखां कलां, काकड़ौद, कसूहन, सुदकैन खुर्द, सफाखेड़ी, पालवां, मांडी, बुलाखेड़ी, डाहौला व जाजवान से बस करनाल के लिए रवाना हुई। ऐसे में रास्ते में विभिन्न बस स्टॉप पर यात्री बस रुकने का इंतजार करते रहे लेकिन बस नहीं रुकने के चलते यात्रियों को निजी वाहनों में लिफ्ट लेकर शहर आना पड़ा। प्रशासन ने महा सम्मेलन में महिलाओं को ले जाने के लिए 25 रोडवेज बसों की व्यवस्था की हुई थी, जिसमें जींद से 426, नरवाना से 200, सफीदों से 447 महिलाओं को महासम्मेलन में ले जाया गया।
करनाल अंत्योदय महासम्मेलन में भारी संख्या में बस भेजे जाने पर डिपो को आर्थिक नुकसान हुआ। सरकार ने अपने फायदे के लिए आम जनता को परेशान किया। बसें नहीं मिलने से यात्री इधर-उधर भटकते रहे। सरकार को चाहिए कि वह कौशल रोजगार निगम भंग करके स्थाई भर्ती कर युवाओं को रोजगार दे।
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अंत्योदय महासम्मेलन में 112 रोडवेज बसें करनाल भेजी गई जबकि अन्य बसों को रूटों पर भेजा गया। लोकल रूटों पर प्राइवेट बस चल रही थी। यात्रियों के अनुसार रोडवेज बसों को रूटों पर भेजा गया। शुक्रवार से सभी बसों को निर्धारित रूटों पर चलाया जाएगा।
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