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Jind News: बस स्टैंड मुख्य गेट पर जाम से यात्री परेशान, अतिक्रमण हटाने की मांग
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फोटो 29जेएनडी22-बस स्टैंड के मुख्य गेट के सामने खड़े ऑटो। संवाद
जींद। बस स्टैंड के मुख्य प्रवेश द्वार पर इन दिनों ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने कब्जा कर लिया है। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए अलग से पार्किंग स्थल होने के बावजूद अधिकांश चालक मुख्य गेट पर ही वाहन खड़े कर सवारियों का इंतजार करते हैं। इससे यात्रियों को काफी दिक्कत होती है।
बस स्टैंड पर सुबह और शाम के समय जब बसों की आवाजाही अधिक रहती है। मुख्य गेट पर ऑटो और ई-रिक्शाओं की लंबी कतार लग जाती है। हालांकि यातायात पुलिस की ओर से यहां तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
पिछले साल सितंबर में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए बस स्टैंड परिसर के अंदर पार्किंग आवंटित की गई थी। रोडवेज की ओर से पार्किंग फीस को लेकर नोटिस बोर्ड भी लगाया गया है। पार्किंग को 40 हजार रुपये प्रति माह और 18 प्रतिशत जीएसटी पर मार्च 2028 तक ठेके पर दिया गया था लेकिन पार्किंग आवंटित होने के बाद भी ज्यादातर ऑटो और ई-रिक्शा चालक बस स्टैंड के मुख्य गेट पर ही खड़े रहते हैं।
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कई बार बसों को भी अंदर आने और बाहर निकलने में परेशानी होती है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को भी भीड़ के बीच से निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
बस स्टैंड के मुख्य गेट को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए
यात्री जगमेश, सुरजीत, राजबीर, कुलदीप, सुखजीत का कहना है कि कई बार प्रशासन और बस स्टैंड प्रबंधन की ओर से चालकों को निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा। कुछ समय के लिए कार्रवाई होने के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। मुख्य गेट पर वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति भी बन जाती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनकी मांग है कि बस स्टैंड के मुख्य गेट को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और ऑटो व ई-रिक्शा चालकों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थल से ही सवारी बैठाने की अनुमति दी जाए।
वर्जन
ऑटो और ई-रिक्शा के बस स्टैंड के गेट के बाहर खड़ा करने का मामला पुलिस के संज्ञान में लाया गया है। पुलिस ही ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को वहां से हटाएगी। -राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।
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बस स्टैंड पर सुबह और शाम के समय जब बसों की आवाजाही अधिक रहती है। मुख्य गेट पर ऑटो और ई-रिक्शाओं की लंबी कतार लग जाती है। हालांकि यातायात पुलिस की ओर से यहां तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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पिछले साल सितंबर में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए बस स्टैंड परिसर के अंदर पार्किंग आवंटित की गई थी। रोडवेज की ओर से पार्किंग फीस को लेकर नोटिस बोर्ड भी लगाया गया है। पार्किंग को 40 हजार रुपये प्रति माह और 18 प्रतिशत जीएसटी पर मार्च 2028 तक ठेके पर दिया गया था लेकिन पार्किंग आवंटित होने के बाद भी ज्यादातर ऑटो और ई-रिक्शा चालक बस स्टैंड के मुख्य गेट पर ही खड़े रहते हैं।
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कई बार बसों को भी अंदर आने और बाहर निकलने में परेशानी होती है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को भी भीड़ के बीच से निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
बस स्टैंड के मुख्य गेट को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए
यात्री जगमेश, सुरजीत, राजबीर, कुलदीप, सुखजीत का कहना है कि कई बार प्रशासन और बस स्टैंड प्रबंधन की ओर से चालकों को निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा। कुछ समय के लिए कार्रवाई होने के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। मुख्य गेट पर वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति भी बन जाती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनकी मांग है कि बस स्टैंड के मुख्य गेट को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और ऑटो व ई-रिक्शा चालकों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थल से ही सवारी बैठाने की अनुमति दी जाए।
वर्जन
ऑटो और ई-रिक्शा के बस स्टैंड के गेट के बाहर खड़ा करने का मामला पुलिस के संज्ञान में लाया गया है। पुलिस ही ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को वहां से हटाएगी। -राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।