{"_id":"586e96d84f1c1bb61e1591cd","slug":"pareveda-samiti-15-problemes-minister-jind","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवेदन समिति की बैठक में 15 एजेंडों पर होगी चर्चा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवेदन समिति की बैठक में 15 एजेंडों पर होगी चर्चा
jind
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:26 AM IST
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वार्ड तीन में सीवर बंद होने के कारण गंदे पानी की निकासी के लिए लगाया गया अस्थाई पाइप दिखाते पार्षद।
- फोटो : bureau
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बेशक सरकार ने लोगों की समस्याओं और शिकायतों को जल्द दूर करने के लिए सीएम विंडो तक शुरू कर दी है, लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अब भी सवाल उठ रहे हैं। इसका प्रमाण शुक्रवार को होने वाली जिला परिवेदना समिति की बैठके के एजेंडे से मिल रहा है। दरअसल एजेंडे में 15 शिकायतें शामिल की गई हैं। अधिकतर शिकायतें विभागीय अधिकारियों के स्तर पर निपटाने की ही हैं, लेकिन इनका समाधान नहीं होने पर इन्हें मंत्री के समक्ष रखा जा रहा है। हालांकि इस बार जिला परिवेदना समिति की बैठक पूरे दो माह बाद हो रही है, लेकिन इसमें कई ऐसी शिकायतें भी शामिल हैं, जिन पर दो माह पहले हुई बैठक में मंत्री के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि मंत्री ने इस पर 15 दिन में कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक यह मामला जस का तस लटका हुआ है।
यह है मामला
सेक्टर तीन की चंद्रलोक कॉलोनी, न्यू चंद्रलोक कॉलोनी और आनंद पर्वत कॉलोनी के लोगों ने शिकायत दी है कि कॉलोनी में करीब आठ साल पहले सीवरेज लाइन बिछाई गई है, लेकिन यह आज तक शुरू नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में सीवरेज चालू नहीं हैं और जन स्वास्थ्य विभाग इसका शुल्क भी लोगों से वसूल रहा है। इस पर सिंचाई विभाग व जन स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करनी थी। दरअसल सिंचाई विभाग की जमीन पर सीवरेज लाइन डाली गई है, जिस पर कब्जा हो गया है। सिंचाई विभाग द्वारा जमीन अतिक्रमण मुक्त करवानी है और फिर जन स्वास्थ्य विभाग को सीवरेज चालू करना है। इस पर परिवेदना समिति के चेयरमैन मंत्री कृष्ण बेदी ने दोनों विभागों को 15 दिन में काम करने के आदेश दिए थे, अब लोगों का कहना है कि दो माह बाद भी इस पर कोई काम नहीं हो पाया है।
अन्य शिकायतें
एजेंडे की शिकायत नंबर एक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को दिखाया गया है। इसमें विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी रोशन लाल ने कहा है कि उसके खेत में नहरी पानी नहीं लगता। इसके लिए 2011 में सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने नाली बनाने की अनुमति दी थी। पांच साल बाद भी यह नाली नहीं बनी है और अब अधिकारी कह रहे हैं कि उनकी फाइल कहीं खो गई है।
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गलियों से नहीं हट रहा अतिक्रमण
रामबीर कॉलोनी निवासी रमेश ने अपने ही एक पड़ोसी पर गली में अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए परिवेदना समिति को शिकायत दी है। यह मामला दो बार परिवेदना समिति की मीटिंग में आ चुका है, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि नगर परिषद अतिक्रमण नहीं हटवा रहा है।
गांव में नहीं पीने का पानी
शहर से सटे किशनपुरा गांव के लोगों ने पेयजल की समस्या की शिकायत परिवेदना समिति को दी है। ग्रामीणों का कहना है कि 2015 में ग्राम पंचायत द्वारा 27 लाख की एक परियोजना जन स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी, लेकिन अब तक इसका कोई पता नहीं है।
हुडा नहीं दे रहा बकाया राशि
नरवाना के पतराम नगर निवासी सज्जन कुमार ने अपनी शिकायत में हुडा अधिकारियों पर उसकी बकाया राशि व मकान का कम्प्लीशन प्रमाण पत्र नहीं देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसको लेकर वह कई बार चक्कर काट चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
अधिकारियों की लापरवाही की हद है। मंत्री के आदेशों के बावजूद काम नहीं किए जा रहे हैं। दो माह पहले परिवेदना समिति की मीटिंग में 15 दिन में कार्रवाई के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक कब्जा भी नहीं हटवाया गया है। इसकी शिकायत दोबारा मंत्री को की जाएगी।
- रणधीर सिंह राणा, पार्षद वार्ड तीन
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यह है मामला
सेक्टर तीन की चंद्रलोक कॉलोनी, न्यू चंद्रलोक कॉलोनी और आनंद पर्वत कॉलोनी के लोगों ने शिकायत दी है कि कॉलोनी में करीब आठ साल पहले सीवरेज लाइन बिछाई गई है, लेकिन यह आज तक शुरू नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में सीवरेज चालू नहीं हैं और जन स्वास्थ्य विभाग इसका शुल्क भी लोगों से वसूल रहा है। इस पर सिंचाई विभाग व जन स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करनी थी। दरअसल सिंचाई विभाग की जमीन पर सीवरेज लाइन डाली गई है, जिस पर कब्जा हो गया है। सिंचाई विभाग द्वारा जमीन अतिक्रमण मुक्त करवानी है और फिर जन स्वास्थ्य विभाग को सीवरेज चालू करना है। इस पर परिवेदना समिति के चेयरमैन मंत्री कृष्ण बेदी ने दोनों विभागों को 15 दिन में काम करने के आदेश दिए थे, अब लोगों का कहना है कि दो माह बाद भी इस पर कोई काम नहीं हो पाया है।
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अन्य शिकायतें
एजेंडे की शिकायत नंबर एक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को दिखाया गया है। इसमें विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी रोशन लाल ने कहा है कि उसके खेत में नहरी पानी नहीं लगता। इसके लिए 2011 में सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने नाली बनाने की अनुमति दी थी। पांच साल बाद भी यह नाली नहीं बनी है और अब अधिकारी कह रहे हैं कि उनकी फाइल कहीं खो गई है।
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गलियों से नहीं हट रहा अतिक्रमण
रामबीर कॉलोनी निवासी रमेश ने अपने ही एक पड़ोसी पर गली में अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए परिवेदना समिति को शिकायत दी है। यह मामला दो बार परिवेदना समिति की मीटिंग में आ चुका है, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि नगर परिषद अतिक्रमण नहीं हटवा रहा है।
गांव में नहीं पीने का पानी
शहर से सटे किशनपुरा गांव के लोगों ने पेयजल की समस्या की शिकायत परिवेदना समिति को दी है। ग्रामीणों का कहना है कि 2015 में ग्राम पंचायत द्वारा 27 लाख की एक परियोजना जन स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी, लेकिन अब तक इसका कोई पता नहीं है।
हुडा नहीं दे रहा बकाया राशि
नरवाना के पतराम नगर निवासी सज्जन कुमार ने अपनी शिकायत में हुडा अधिकारियों पर उसकी बकाया राशि व मकान का कम्प्लीशन प्रमाण पत्र नहीं देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसको लेकर वह कई बार चक्कर काट चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
अधिकारियों की लापरवाही की हद है। मंत्री के आदेशों के बावजूद काम नहीं किए जा रहे हैं। दो माह पहले परिवेदना समिति की मीटिंग में 15 दिन में कार्रवाई के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक कब्जा भी नहीं हटवाया गया है। इसकी शिकायत दोबारा मंत्री को की जाएगी।
- रणधीर सिंह राणा, पार्षद वार्ड तीन