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सहकारी बैंक और बिजली निगम हुए मालामाल
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:04 AM IST
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पंचायती राज संस्था के तीनों चरण के नामांकन के दौरान बिजली निगम और सहकारी बैंकों की सुपर रिकवरी हुई है। नो ड्यूज के बदले जहां बिजली निगम की साढ़े चार करोड़ रुपये की रिकवरी हुई, वहीं सहकारी बैंकों ने करीब साढ़े 15 करोड़ रुपये की रिकवरी की। चौधर के चक्कर में उम्मीदवारों ने काफी वर्षों निगम व बैंक के बकाया ऋण भरने में रुचि दिखाई।
सरकार द्वारा चुनाव लड़ने के लिए बैंक और बिजली निगम से नो ड्यूज लेना अनिवार्य करने के बाद उम्मीदवार बकाया राशि भरने के लिए बाध्य नजर आए। जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने 24 दिसंबर से नौ जनवरी तक तीनों चरण के नामांकन के दौरान 15 हजार लोगों को नो ड्यूज दिए, जिनमें से करीब 600 बकायेदारों ने 10 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये के बकाया ऋण जमा करवाए। इससे पहले सितंबर में नामांकन प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से पूर्व 85 लाख रुपये की बैंक द्वारा रिकवरी की गई थी। वहीं दी जींद सेंट्रल को-ऑप्रेटिव बैंक द्वारा चार करोड़ 17 लाख 57 हजार रुपये की रिकवरी की गई। वहीं बिजली निगम द्वारा 24 दिसंबर से नौ जनवरी के दौरान तीन करोड़ दो लाख 77 हजार रुपये की रिकवरी की गई। वहीं सुप्रीम कोर्ट की नामांकन प्रक्रिया पर रोक से पूर्व सितंबर में एक करोड़ 60 लाख रुपये की रिकवरी हुई थी।
दी जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का 119 करोड़ है बकाया
दी जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का पंचायत चुनाव तीनों चरण की नामांकन प्रक्रिया से पूर्व जिले के 6563 उपभोक्ताओं पर 129 करोड़ 88 लाख 89 हजार रुपये का बकाया था। इसमें से 5769 उपभोक्ताओं पर ही 107 करोड़ 47 लाख 65 हजार रुपये का बकाया है। अब नो ड्यूज के बदले करीब 600 उपभोक्ताओं ने 10 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये का बकाया ऋण बैंक में जमा कराया है। अब बाकी करीब छह हजार उपभोक्ताओं पर लगभग 119 करोड़ रुपये का बकाया है। बैंक द्वारा वन टाइम सेटलमेंट की भी स्कीम चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत जून 2013 तक बकाया ऋण पर आधा ब्याज माफ किया जा रहा है। वहीं नियमित किस्त भरने वाले उपभोक्ताओं का आधा ब्याज माफ किया गया है। वन टाइम सेटमेंट की स्कीम का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं के पास 30 जनवरी तक का समय है।
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जींद हलके के 92 उपभोक्ताओं ने दो करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा।
जुलाना हलके के 40 उपभोक्ताओं ने एक करोड़ 38 लाख 13 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा।
उचाना हलके में एक करोड़ 64 लाख 50 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा गया।
नरवाना हलके से दो करोड़ 51 लाख 29 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा गया।
सफीदों हलके से दो करोड़ 69 लाख 88 हजार रुपये का बकाया बिल भरा गया।
डिफाल्टरों की सूचि में प्रदेश में पहले स्थान पर काबिज जींद जिले में बिजली निगम का करीब 10 अरब रुपये का ग्रामीणों पर बकाया है। बिजली निगम ने नो ड्यूज के बदले चार करोड़ 62 लाख रुपये की रिकवरी की है।
24 दिसंबर से नौ जनवरी तक कहां कितनी हुई बकाया बिजली बिलों की रिकवरी
डिविजन राशि
जींद डिविजन 164.59
नरवाना डिविजन 106.53
सफीदों डिविजन 39.64
नोट राशि लाखों में है।
30 जनवरी तक बकाया ब्याज राशि का उठाएं लाभ
करीब 600 उपभोक्ताओं ने नो ड्यूज लेने के लिए 10 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये के बकाया ऋण भरे हैं। अभी भी बकायेदारों के पास वन टाइम सेटलमेंट के तहत बकाया ऋण भरने के लिए 30 जनवरी तक का समय है। इस समय सीमा में बकायेदार ब्याज राशि पर मिल रहे 50 प्रतिशत की छूट का लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद बैंक द्वारा बकायेदारों की जमीन की नीलामी की जाएगी।
नर्सिंग बेनिवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
दी जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
नो ड्यूज के बदले बिजली निगम द्वारा 24 दिसंबर से नौ जनवरी तक लगभग तीन करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है। बकाया बिजली बिल भरने के लिए सरकार द्वारा लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। लोग अपने बिजली के बकाया बिल भरें और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई सुविधाओं का लाभ उठाए।
दलजीत सिंह, एसई, बिजली निगम, जींद।
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सरकार द्वारा चुनाव लड़ने के लिए बैंक और बिजली निगम से नो ड्यूज लेना अनिवार्य करने के बाद उम्मीदवार बकाया राशि भरने के लिए बाध्य नजर आए। जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने 24 दिसंबर से नौ जनवरी तक तीनों चरण के नामांकन के दौरान 15 हजार लोगों को नो ड्यूज दिए, जिनमें से करीब 600 बकायेदारों ने 10 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये के बकाया ऋण जमा करवाए। इससे पहले सितंबर में नामांकन प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से पूर्व 85 लाख रुपये की बैंक द्वारा रिकवरी की गई थी। वहीं दी जींद सेंट्रल को-ऑप्रेटिव बैंक द्वारा चार करोड़ 17 लाख 57 हजार रुपये की रिकवरी की गई। वहीं बिजली निगम द्वारा 24 दिसंबर से नौ जनवरी के दौरान तीन करोड़ दो लाख 77 हजार रुपये की रिकवरी की गई। वहीं सुप्रीम कोर्ट की नामांकन प्रक्रिया पर रोक से पूर्व सितंबर में एक करोड़ 60 लाख रुपये की रिकवरी हुई थी।
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दी जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का 119 करोड़ है बकाया
दी जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का पंचायत चुनाव तीनों चरण की नामांकन प्रक्रिया से पूर्व जिले के 6563 उपभोक्ताओं पर 129 करोड़ 88 लाख 89 हजार रुपये का बकाया था। इसमें से 5769 उपभोक्ताओं पर ही 107 करोड़ 47 लाख 65 हजार रुपये का बकाया है। अब नो ड्यूज के बदले करीब 600 उपभोक्ताओं ने 10 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये का बकाया ऋण बैंक में जमा कराया है। अब बाकी करीब छह हजार उपभोक्ताओं पर लगभग 119 करोड़ रुपये का बकाया है। बैंक द्वारा वन टाइम सेटलमेंट की भी स्कीम चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत जून 2013 तक बकाया ऋण पर आधा ब्याज माफ किया जा रहा है। वहीं नियमित किस्त भरने वाले उपभोक्ताओं का आधा ब्याज माफ किया गया है। वन टाइम सेटमेंट की स्कीम का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं के पास 30 जनवरी तक का समय है।
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जींद हलके के 92 उपभोक्ताओं ने दो करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा।
जुलाना हलके के 40 उपभोक्ताओं ने एक करोड़ 38 लाख 13 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा।
उचाना हलके में एक करोड़ 64 लाख 50 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा गया।
नरवाना हलके से दो करोड़ 51 लाख 29 हजार रुपये का बकाया ऋण भरा गया।
सफीदों हलके से दो करोड़ 69 लाख 88 हजार रुपये का बकाया बिल भरा गया।
डिफाल्टरों की सूचि में प्रदेश में पहले स्थान पर काबिज जींद जिले में बिजली निगम का करीब 10 अरब रुपये का ग्रामीणों पर बकाया है। बिजली निगम ने नो ड्यूज के बदले चार करोड़ 62 लाख रुपये की रिकवरी की है।
24 दिसंबर से नौ जनवरी तक कहां कितनी हुई बकाया बिजली बिलों की रिकवरी
डिविजन राशि
जींद डिविजन 164.59
नरवाना डिविजन 106.53
सफीदों डिविजन 39.64
नोट राशि लाखों में है।
30 जनवरी तक बकाया ब्याज राशि का उठाएं लाभ
करीब 600 उपभोक्ताओं ने नो ड्यूज लेने के लिए 10 करोड़ 32 लाख 30 हजार रुपये के बकाया ऋण भरे हैं। अभी भी बकायेदारों के पास वन टाइम सेटलमेंट के तहत बकाया ऋण भरने के लिए 30 जनवरी तक का समय है। इस समय सीमा में बकायेदार ब्याज राशि पर मिल रहे 50 प्रतिशत की छूट का लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद बैंक द्वारा बकायेदारों की जमीन की नीलामी की जाएगी।
नर्सिंग बेनिवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
दी जींद सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
नो ड्यूज के बदले बिजली निगम द्वारा 24 दिसंबर से नौ जनवरी तक लगभग तीन करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है। बकाया बिजली बिल भरने के लिए सरकार द्वारा लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। लोग अपने बिजली के बकाया बिल भरें और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई सुविधाओं का लाभ उठाए।
दलजीत सिंह, एसई, बिजली निगम, जींद।