फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Outsource agency and Fleet's negligence in recruitment of ambulance drivers revealed

एंबुलेंस चालकों की भर्ती में आउटसोर्स एजेंसी और फ्लीट की लापरवाही आई सामने

Tue, 14 Jul 2020 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2020 11:39 PM IST
विज्ञापन
Outsource agency and Fleet's negligence in recruitment of ambulance drivers revealed
नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। - फोटो : Jind
नागरिक अस्पताल जींद में एंबुलेंस चालकों की भर्ती के मामले में काफी अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में सामने आया है कि चालक पद के लिए मेडिकल फिटनेस, कलर ब्लाइंड, मेडिकल जांच और सबसे जरूरी ड्राइविंग का हैवी लाइसेंस जो कम से कम तीन वर्ष पुराना हो, सभी नियमों को दरकिनार किया गया। इसमें रेफरल ट्रांसपोर्ट मैनेजर दिनेश कुमार व आउटसोर्स एजेंसी ने स्वास्थ्य विभाग को गुमराह किया। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। अब इस पर कार्रवाई सिविल सर्जन द्वारा की जाएगी।
विज्ञापन

जानकारी के लिए नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस के लिए आउटसोर्स एजेंसी के तहत चालकों की भर्ती की गई थी। कुल 10 चालकों में से तीन की भर्ती डेढ़ वर्ष पहले, दो चालकों की भर्ती नवंबर-दिसंबर 2019 तथा पांच चालकों की भर्ती अप्रैल 2020 में की गई। चालक पद पर भर्ती होने के बाद जरूरी कागजात फ्लीट मैनेजर दिनेश के पास जमा करवाए जाने थे। चालकों के लिए मेडिकल फिटनेस, कलर ब्लाइंड की जांच जरूरी थी। इसके अलावा तीन वर्ष पुराना हैवी लाइसेंस होना चाहिए था। जब अस्पताल प्रशासन को पता चला तो इसकी जांच शुरू हुई। जांच के दौरान मैनेजर दिनेश कुमार से सभी चालकों का रिकार्ड मांगा गया। इसमें आउटसोर्स एजेंसी तथा रेफरल ट्रांसपोर्ट मैनेजर की लापरवाही सामने आई है। तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा की गई जांच में यह निष्कर्ष निकला है कि चालक संजय, कुलदीप, रोशनलाल को रखते हुए मिशन निदेशक के आदेशों की अवहेलना की गई। मैनेजर दिनेश ने चालकों के पूरे रिकार्ड कमेटी को नहीं दे सके। अजय और नरेश की लाइसेंस अवधि तीन वर्ष से कम है, जोकि आउटसोर्स के तहत चालक रखने के लिए अयोग्य है। आउटसोर्स एजेंसी ने भी कर्मचारियों से संबंधित रिकार्ड व मेडिकल को लेकर विभाग को गुमराह किया है।
विज्ञापन

जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। उसे देख रहे हैं। मामला गंभीर है। जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed