{"_id":"69fcdb3bcd47e0dfb0013d50","slug":"outrage-erupts-against-biogas-plant-in-residential-area-jind-news-c-199-1-jnd1010-152996-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: रिहायशी इलाके में बायो गैस प्लांट के खिलाफ फूटा गुस्सा, 10 मई को होगी महापंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: रिहायशी इलाके में बायो गैस प्लांट के खिलाफ फूटा गुस्सा, 10 मई को होगी महापंचायत
विज्ञापन
07जेएनडी25: बायो गैस प्लांट के विरोध में आयोजित होने वाली महापंचायत को लेकर जानकारी देते लोग। स
जींद। गोहाना रोड स्थित रिहायशी क्षेत्र में लगे बायो गैस प्लांट को बंद कराने की मांग तेज हो गई है। वीरवार को प्लांट को बंद करवाने की मांग को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
आसपास की दर्जनों कॉलोनियों और गांवों के लोगों ने निर्णय लिया है कि 10 मई की सुबह नौ बजे प्लांट के सामने महापंचायत होगी। महापंचायत में आंदोलन की आगामी रणनीति तय होगी और सरकार के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा।
समिति के सदस्य नरेश भनवाला, सतबीर कुंडू और नरेंद्र गौतम ने बताया कि रिहायशी इलाके के बीच बायो गैस प्लांट लगाना जनता की जिंदगी से खिलवाड़ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रात के समय प्लांट चलाने से उठने वाले धुएं और बदबू के कारण लोगों के गले में खराश और आंखों में जलन होने लगी है।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि पांडु पिंडारा, अशरफगढ़, हैबतपुर, उत्तम नगर, न्यू कृष्णा कॉलोनी और विजय नगर सहित करीब 20 किलोमीटर के दायरे में इसका दुष्प्रभाव देखने को मिला है।
माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर के अनुसार, जिन कॉलोनियों में जमीन के दाम आसमान छू रहे थे। वहां अब रेट 50 प्रतिशत तक गिर गए हैं। लोग अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वच्छ वातावरण की खातिर अपने मकान बेचकर यहां से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
इस विरोध में तीन अप्रैल को धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद पांच अप्रैल को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी।
मुख्यमंत्री के जांच के आश्वासन के बावजूद एक माह बीत जाने पर भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया जिससे लोगों में रोष है। समिति ने अपील की है कि जींद के हित में जिले भर से लोग दस मई को महापंचायत में पहुंचें। इस पंचायत की अध्यक्षता उसी समय जनता की ओर से सर्वसम्मति से तय की जाएगी।
विज्ञापन
आसपास की दर्जनों कॉलोनियों और गांवों के लोगों ने निर्णय लिया है कि 10 मई की सुबह नौ बजे प्लांट के सामने महापंचायत होगी। महापंचायत में आंदोलन की आगामी रणनीति तय होगी और सरकार के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
समिति के सदस्य नरेश भनवाला, सतबीर कुंडू और नरेंद्र गौतम ने बताया कि रिहायशी इलाके के बीच बायो गैस प्लांट लगाना जनता की जिंदगी से खिलवाड़ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रात के समय प्लांट चलाने से उठने वाले धुएं और बदबू के कारण लोगों के गले में खराश और आंखों में जलन होने लगी है।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि पांडु पिंडारा, अशरफगढ़, हैबतपुर, उत्तम नगर, न्यू कृष्णा कॉलोनी और विजय नगर सहित करीब 20 किलोमीटर के दायरे में इसका दुष्प्रभाव देखने को मिला है।
माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर के अनुसार, जिन कॉलोनियों में जमीन के दाम आसमान छू रहे थे। वहां अब रेट 50 प्रतिशत तक गिर गए हैं। लोग अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वच्छ वातावरण की खातिर अपने मकान बेचकर यहां से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
इस विरोध में तीन अप्रैल को धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद पांच अप्रैल को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी।
मुख्यमंत्री के जांच के आश्वासन के बावजूद एक माह बीत जाने पर भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया जिससे लोगों में रोष है। समिति ने अपील की है कि जींद के हित में जिले भर से लोग दस मई को महापंचायत में पहुंचें। इस पंचायत की अध्यक्षता उसी समय जनता की ओर से सर्वसम्मति से तय की जाएगी।