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Jind News: परिचालक 300 से ज्यादा, सिर्फ 155 ई-टिकटिंग मशीन पहुंची
Sat, 17 Jun 2023 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 17 Jun 2023 11:27 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। लंबे समय से चल रही मांग के परिणाम स्वरूप रोडवेज डिपो को मुख्यालय ने सिर्फ 155 ई-टिकटिंग मशीन उपलब्ध कराई है जबकि परिचालकों की संख्या 300 से ज्यादा है। ऐसे में आधे परिचालक ही इस मशीन का इस्तेमाल कर सकेंगे और आधे परिचालकों को मैनुअली टिकट काटने होंगे। इसके अलावा कोई मशीन खराब होती है तो भी मैन्युअल ही टिकट काटा जाएगा।
डिपो में पहुंची 155 ई टिकटिंग मशीनों में से 100 मशीन जींद उपकेंद्र, 30 मशीन सफीदों और 25 ई-टिकटिंग मशीन नरवाना उपकेंद्र में भेजी गई हैं। हालांकि इन मशीनों को चलाने के लिए सभी परिचालकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। वहीं मशीनों की चार्जिंग के लिए बस स्टैंड परिसर के बुकिंग ब्रांच में प्वाइंट दिए गए हैं। अभी जींद उपकेंद्र से मशीन में कैथल, भिवानी, रोहतक व चंडीगढ़ का किराया फीड किया गया है। अन्य रूट के लिए मशीनों में किराया फीड किया जा रहा है। इसके अलावा अगर ऑनरूट बीच रास्ते में ई-टिकटिंग मशीन खराब हो जाती है तो अधिकारियों व मुख्यालय स्तर पर अवगत करवाकर परिचालक मैन्युअल टिकट भी काट सकते हैं। डिपो में 300 से ज्यादा चालक व परिचालक हैं। ऐसे में बचे हुए परिचालकों के लिए भी निकट भविष्य में और मशीन आने की संभावना है। ई-टिकटिंग मशीन आने के बाद रोडवेज का टिकट छपाई पर होने वाले खर्च के लाखों रुपये बचेंगे। ई-टिकटिंग मशीन आने से यात्री नकद के अलावा ई-वालेट या डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकेंगे।
बाक्स
कार्य में आएगी पारदर्शिता
ई-टिकटिंग के कार्य से परिचालकों के कार्य में पारदर्शी आएगी। इसमें टिकट कटने का समय और स्टापेज भी टिकट पर लिखा होगा। इसके अलावा जिन यात्रियों पर रोडवेज का पास है। उसका रिकार्ड भी इसमें दर्ज किया जा सकेगा। इससे पास के असली-नकली की भी पहचान होगी। परिचालकों को दी गई ई-टिकटिंग मशीन में दर्ज रूट पर क्लिक करते ही टिकट बनकर आएगी।
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यात्री व परिचालक दोनों को होगा फायदा
ई-टिकटिंग मशीन से परिचालक व यात्री दोनों को लाभ होगा। इसमें टिकट का भुगतान कैश के साथ-साथ एटीएम या ई-वालेट के माध्यम से भी किया जा सकता है। अक्सर खुले रुपयों को लेकर परिचालक व यात्रियों में कई बार विवाद होता था, अब इससे भी छुटकारा मिलेगा।
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डिपो में 155 ई-टिकटिंग मशीन आ चुकी हैं। इससे परिचालकों व यात्रियों दोनों को फायदा होगा। यात्री डेबिट कार्ड से भी टिकट का भुगतान कर सकेंगे। परिचालकों को पंच लगाकर टिकट देने से छुटकारा मिलेगा। डिपो में जो परिचालक बिना ई-टिकटिंग मशीन के मैन्युअल काम कर रहे हैं। उनके लिए भी जल्द ही यह मशीन आने की संभावना है। जब तक मशीन नहीं मिलती उस समय तक परिचालकों को पहले की तरह ही पंच लगाकर कई रूटों पर टिकट काटनी पड़ेगी।-नरोत्तम शर्मा, ट्रैफिक मैनेजर जींद डिपो।
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जींद। लंबे समय से चल रही मांग के परिणाम स्वरूप रोडवेज डिपो को मुख्यालय ने सिर्फ 155 ई-टिकटिंग मशीन उपलब्ध कराई है जबकि परिचालकों की संख्या 300 से ज्यादा है। ऐसे में आधे परिचालक ही इस मशीन का इस्तेमाल कर सकेंगे और आधे परिचालकों को मैनुअली टिकट काटने होंगे। इसके अलावा कोई मशीन खराब होती है तो भी मैन्युअल ही टिकट काटा जाएगा।
डिपो में पहुंची 155 ई टिकटिंग मशीनों में से 100 मशीन जींद उपकेंद्र, 30 मशीन सफीदों और 25 ई-टिकटिंग मशीन नरवाना उपकेंद्र में भेजी गई हैं। हालांकि इन मशीनों को चलाने के लिए सभी परिचालकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। वहीं मशीनों की चार्जिंग के लिए बस स्टैंड परिसर के बुकिंग ब्रांच में प्वाइंट दिए गए हैं। अभी जींद उपकेंद्र से मशीन में कैथल, भिवानी, रोहतक व चंडीगढ़ का किराया फीड किया गया है। अन्य रूट के लिए मशीनों में किराया फीड किया जा रहा है। इसके अलावा अगर ऑनरूट बीच रास्ते में ई-टिकटिंग मशीन खराब हो जाती है तो अधिकारियों व मुख्यालय स्तर पर अवगत करवाकर परिचालक मैन्युअल टिकट भी काट सकते हैं। डिपो में 300 से ज्यादा चालक व परिचालक हैं। ऐसे में बचे हुए परिचालकों के लिए भी निकट भविष्य में और मशीन आने की संभावना है। ई-टिकटिंग मशीन आने के बाद रोडवेज का टिकट छपाई पर होने वाले खर्च के लाखों रुपये बचेंगे। ई-टिकटिंग मशीन आने से यात्री नकद के अलावा ई-वालेट या डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकेंगे।
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कार्य में आएगी पारदर्शिता
ई-टिकटिंग के कार्य से परिचालकों के कार्य में पारदर्शी आएगी। इसमें टिकट कटने का समय और स्टापेज भी टिकट पर लिखा होगा। इसके अलावा जिन यात्रियों पर रोडवेज का पास है। उसका रिकार्ड भी इसमें दर्ज किया जा सकेगा। इससे पास के असली-नकली की भी पहचान होगी। परिचालकों को दी गई ई-टिकटिंग मशीन में दर्ज रूट पर क्लिक करते ही टिकट बनकर आएगी।
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यात्री व परिचालक दोनों को होगा फायदा
ई-टिकटिंग मशीन से परिचालक व यात्री दोनों को लाभ होगा। इसमें टिकट का भुगतान कैश के साथ-साथ एटीएम या ई-वालेट के माध्यम से भी किया जा सकता है। अक्सर खुले रुपयों को लेकर परिचालक व यात्रियों में कई बार विवाद होता था, अब इससे भी छुटकारा मिलेगा।
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डिपो में 155 ई-टिकटिंग मशीन आ चुकी हैं। इससे परिचालकों व यात्रियों दोनों को फायदा होगा। यात्री डेबिट कार्ड से भी टिकट का भुगतान कर सकेंगे। परिचालकों को पंच लगाकर टिकट देने से छुटकारा मिलेगा। डिपो में जो परिचालक बिना ई-टिकटिंग मशीन के मैन्युअल काम कर रहे हैं। उनके लिए भी जल्द ही यह मशीन आने की संभावना है। जब तक मशीन नहीं मिलती उस समय तक परिचालकों को पहले की तरह ही पंच लगाकर कई रूटों पर टिकट काटनी पड़ेगी।-नरोत्तम शर्मा, ट्रैफिक मैनेजर जींद डिपो।