जींद: गांव रोहड़ में 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए सिर्फ एक अध्यापिका, स्कूल गेट पर जड़ा ताला
मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी के आश्वासन पर ग्रामीण माने और ताला खोला। अध्यापकों के 12 पद स्वीकृत है और 300 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूल में बच्चों को बेहतरीन शिक्षा, बेहतरीन स्टाफ और सुविधाएं देने की बड़ी-बड़ी बातें भले ही की जाती हों, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है। हरियाणा के जींद जिले के सफीदों क्षेत्र में गांव रोहड़ में नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं पर केवल एक ही अध्यापिका है। बुधवार को निवर्तमान सरपंच प्रीतम सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों व छात्राओं ने स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया। मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी दलबीर सिंह ने ग्रामीणों को एक जुलाई से पूरे स्टाफ की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने ताला खोला।
प्रीतम सिंह ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों के 12 पद स्वीकृत हैं। 12वीं तक 2019 में स्कूल अपग्रेड तो कर दिया, लेकिन स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाई। स्कूल में पढ़ने वाले 300 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां पर केवल एक अध्यापिका तैनात है।
छात्राओं को जाना पड़ता है मुआना या सफीदों
गांव में 12वीं तक का स्कूल होने के बाद भी छात्राओं को मुआना या सफीदों जाना पड़ रहा है। स्कूल में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं हैं। छात्राओं को बैठने के लिए बेंच तक नहीं हैं और कमरों में पंखे भी नहीं हैं। अब इतनी गर्मी पड़ रही है कि विद्यार्थियों को पूरे दिन वहां पर बैठकर पढ़ना मुश्किल हो जाता है। प्रीतम सिंह ने कहा कि स्कूल में स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों को लिखा जा चुका है। बावजूद इसके स्कूल में स्टाफ नहीं उपलब्ध हो रहा है।
11वीं कक्षा में खुद की थी बच्चों ने पढ़ाई
प्रीतम सिंह ने कहा कि कहा कि पिछले वर्ष ही बच्चों ने 11वीं कक्षा में दाखिला लिया था, उस समय बच्चों ने खुद ही पढ़ाई की, लेकिन इस बार बोर्ड की कक्षा है, इसलिए बिना अध्यापक के परीक्षा पास करना मुश्किल हो जाएगा। अगर प्रशासन स्कूल को अध्यापक नहीं दे सकता है तो उनके दाखिले सफीदों के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ट्रांसफर किए जाए और प्रतिदिन वहां से आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की जाए।
स्कूल तीन साल पहले अपग्रेड हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते पिछले वर्ष हुई ट्रांसफर पॉलिसी में स्कूल का नाम नहीं आ सका। जून में दोबारा ऑनलाइन ट्रांसफर होने हैं, उम्मीद है 30 जून तक इस स्कूल को सभी अध्यापक मिल जाएंगे। -दलबीर मलिक, खंड शिक्षा अधिकारी।