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जीवन में बदलाव के लिए नए प्रयोग करते रहना चाहिए: अरुण चंद्र
Sun, 28 Dec 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 28 Dec 2025 12:23 AM IST
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27जेएनडी32 : जैन स्थानक में प्रवचन में पहुंचे श्रद्धालु। संवाद।
जींद। 22 पंथ जैन स्थानक उचाना मंडी में गुरु मया मदन सुदर्शन संघ प्रमुख अरुण चंद्र महाराज के प्रवचन सुनने के लिए निरंतर भीड़ उमड़ रही है। उचाना के साथ हिसार, दिल्ली, नोएडा, पंजाब, नरवाना, जींद से भी श्रद्धालु पहुंचे। रविवार को प्रवचन गीता विद्या मंदिर स्कूल में होगा।
अरुणचंद्र महाराज ने कहा कि जिंदगी में नए-नए प्रयोग करने चाहिए। हजारों सालों से पशुओं ने कोई प्रयोग नहीं किया, राक्षसों ने मारधाड़ के सिवाए कोई काम नहीं किया लेकिन मानव नए-नए प्रयोग करता है नए फैसले लेता है जिससे नया जीवन होता है। आशा के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करो। बहुत कम लोग है जो सतसंग का लाभ उठाते है।
सुनते है तो सब है लेकिन लाभ कोई-कोई उठा पाता है। आपकी भाषा राक्षसों, दानव जैसी ना हो बल्कि श्रीराम जैसी होनी चाहिए। भगवान महावीर ने 2500 साल पहले कहा था कि किसी इंसान की कोई जात-पात नहीं होती। जो तहजीब से बोलता है वो उच्च श्रेणी का होता है जो गलत तरीके से बोलता है वो निम्न श्रेणी का होता है। जिसमें संस्कार होते है वो गरीब नहीं होता। जिसमें संस्कार नहीं होते वो निम्न कोटी का होता है।
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे उनका जीवन बहुत से व्यक्तियों का प्रवाह रहा है। जो जैन मुनि हैं उन्होंने मेरे जीवन का काया कल्प कर दिया। जो व्यक्ति 50 साल ऊपर हो जाता है उसमें मीठा, नमक, मैदा कम कर देना चाहिए। ये चीजें बीमारी का घर बन जाती है। ये तीनों एक उम्र के बाद जहर के बराबर है।
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अरुणचंद्र महाराज ने कहा कि जिंदगी में नए-नए प्रयोग करने चाहिए। हजारों सालों से पशुओं ने कोई प्रयोग नहीं किया, राक्षसों ने मारधाड़ के सिवाए कोई काम नहीं किया लेकिन मानव नए-नए प्रयोग करता है नए फैसले लेता है जिससे नया जीवन होता है। आशा के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करो। बहुत कम लोग है जो सतसंग का लाभ उठाते है।
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सुनते है तो सब है लेकिन लाभ कोई-कोई उठा पाता है। आपकी भाषा राक्षसों, दानव जैसी ना हो बल्कि श्रीराम जैसी होनी चाहिए। भगवान महावीर ने 2500 साल पहले कहा था कि किसी इंसान की कोई जात-पात नहीं होती। जो तहजीब से बोलता है वो उच्च श्रेणी का होता है जो गलत तरीके से बोलता है वो निम्न श्रेणी का होता है। जिसमें संस्कार होते है वो गरीब नहीं होता। जिसमें संस्कार नहीं होते वो निम्न कोटी का होता है।
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे उनका जीवन बहुत से व्यक्तियों का प्रवाह रहा है। जो जैन मुनि हैं उन्होंने मेरे जीवन का काया कल्प कर दिया। जो व्यक्ति 50 साल ऊपर हो जाता है उसमें मीठा, नमक, मैदा कम कर देना चाहिए। ये चीजें बीमारी का घर बन जाती है। ये तीनों एक उम्र के बाद जहर के बराबर है।