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Jind News: अध्यापकों का पढ़ाने का तरीका और बच्चों का बौद्धिक स्तर परखेंगे अधिकारी

Thu, 15 May 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 15 May 2025 11:49 PM IST
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Officials will test the teaching methods of teachers and the intellectual level of children
जींद। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक स्तर और परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए अधिकारी विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। इसमें शिक्षा अधिकारी अध्यापकों का पढ़ाने का तरीका, बच्चों का बौद्धिक स्तर पठन शैली आदि की जांच करने के साथ ही इसकी रिपोर्ट बनाकर निपुण मिशन की मेंटर व मॉनिटर एप पर अपलोड करेंगे। निरीक्षक को यह रिपोर्ट विद्यालय के रजिस्टर में भी दर्ज करनी होगी।
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राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने इस संबंध में डायट प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी ने पत्र जारी किया है। एफएलएन (आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) के तहत अधिकारियों को महीने में एक बार विद्यालयों के निरीक्षण के लिए लक्ष्य दिया गया है। विद्यालय पहुंचते ही निरीक्षक को एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस ऑन किए शुरू नहीं होगा, जब तक अध्यापक विद्यालय में उपस्थित नहीं होंगे तब तक यह एप काम नहीं करेगा। विद्यालय में पहुंच सेल्फी लेते ही एप का समय शुरू हो जाएगा। निरीक्षण में अध्यापकों की अध्यापन शैली, बच्चों की पठन शैली, पढऩे की गति, कक्षा के वातावरण और सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा।
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निरीक्षक को एक कक्षा में 90 मिनट निरीक्षण करना होगा। निरीक्षक कक्षा में शिक्षक के बच्चों को पढ़ाने की तरीके देखेंगे। एबीआरसी व बीआरपी को पहली से तीसरी कक्षा में छह स्कूलों में 15 कक्षा, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर को पांच स्कूल में दस कक्षा विजिट करनी होगी। इसके अलावा डायट प्रिंसिपल और फैकल्टी को चौथी से पांचवीं कक्षा के एक स्कूल की दो कक्षा, छठी से आठवीं कक्षा के दो स्कूलों की छह कक्षाओं की विजिट करनी है। सक्षम सहयोगी की ओर से चौथी और पांचवीं कक्षा के एक स्कूल और दो कक्षा, छठी से आठवीं कक्षा के दो स्कूल और छह कक्षा विजिट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा एबीआरसी और बीआरपी ने चौथी और पांचवीं कक्षा के दो स्कूलों की चार कक्षा और छठी से आठवीं कक्षा के दो स्कूलों की छह कक्षाएं विजिट करनी होंगी।
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शिक्षा अधिकारी जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निरीक्षण करेंगे। विद्यालय पहुंचते ही निरीक्षक को एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस ऑन किए शुरू नहीं होगा। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा और उनकी कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
--राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर।
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