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Jind News: फील्ड में उतरे अफसर, गांव-गांव जाकर किसानों से कर रहे बात
Sun, 16 Nov 2025 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 16 Nov 2025 12:49 AM IST
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15जेएनडी28: किसानों को पराली अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक करते हुए एसडीएम व डीएसपी। स्रोत प्रशास
जींद। प्रशासन की सख्ती के बाद भी जिले में शनिवार को पराली जलाने की 6 लोकेशन ट्रैक हुई हैं। उधर, पराली के बढ़ते मामलों के देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए अधिकारी तीन दिन से गांव-गांव जाकर लोगों को समझा रहे हैं।
एसडीएम पुलकित मल्होत्रा व उप पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने उपमंडल के गांव कारखाना, हाट, रोजला, बिटानी, कुरड़, रामनगर, कलावती, खेड़ी, बागडू खुर्द, बागड़ू कलां व सिवानामाल समेत लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांवों में जाकर किसानों को पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पिछले तीन वर्षों से पराली को जलाने की बजाए खेत की मिट्टी में मिलाया है, उनकी फसल की पैदावार लगभग बढ़ी है और उनकी प्रति एकड़ वार्षिक आय में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए किसानों को सब्सिडी पर मशीन उपलब्ध करवाई हैं और जो किसान पराली नहीं जलाते हैं, उन्हें सरकार की ओर से प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
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उप पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए पहले की अपेक्षा किसान कहीं अधिक जागरूक हो चुके हैं और जिम्मेदारी के साथ खेतों में फसल अवशेषों को बेहतर तरीके तरीके से प्रबंधन कर रहें है। उन्होंने किसानों से फसल प्रबंधन को लेकर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने का आह्वान किया।
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एसडीएम पुलकित मल्होत्रा व उप पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने उपमंडल के गांव कारखाना, हाट, रोजला, बिटानी, कुरड़, रामनगर, कलावती, खेड़ी, बागडू खुर्द, बागड़ू कलां व सिवानामाल समेत लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांवों में जाकर किसानों को पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक किया।
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उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पिछले तीन वर्षों से पराली को जलाने की बजाए खेत की मिट्टी में मिलाया है, उनकी फसल की पैदावार लगभग बढ़ी है और उनकी प्रति एकड़ वार्षिक आय में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए किसानों को सब्सिडी पर मशीन उपलब्ध करवाई हैं और जो किसान पराली नहीं जलाते हैं, उन्हें सरकार की ओर से प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
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उप पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए पहले की अपेक्षा किसान कहीं अधिक जागरूक हो चुके हैं और जिम्मेदारी के साथ खेतों में फसल अवशेषों को बेहतर तरीके तरीके से प्रबंधन कर रहें है। उन्होंने किसानों से फसल प्रबंधन को लेकर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने का आह्वान किया।