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गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं को पौष्टिक आहार आवश्यक : नीलम देवी
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26जेएनडी18: टीकाकरण कार्यक्रम में भाग लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत विभाग
जींद। उप स्वास्थ्य केंद्र कालवा पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुरक्षित मातृत्व के लिए एएनसी जांच कैंप का आयोजन किया गया। इसमें गर्भवती व दूध पिलाने वाली माताओं को उचित संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करने, स्वस्थ मातृत्व, स्वस्थ शिशु, टीकाकरण के महत्व, स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी दी।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता नीलम देवी ने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत डिलीवरी करवाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार का सेवन आवश्यक बहुत आवश्यक है। इसके लिए मौसमी फल और हरी सब्जियां, गुड़ और चने बहुत कारगर हैं। नवजात बच्चे को छह माह तक केवल माता का ही दूध पिलाना चाहिए।
छह माह के बाद ऊपरी आहार की आवश्यकता पर जोर दिया गया और साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण की आवश्यकता और महत्व पर जोर दिया गया। महिलाओं को चाहिए कि वे अपनी एवं बच्चों की व्यक्तिगत साफ -सफाई जरूर रखें, ताकि संक्रमण से बचाव हो सके। इसके साथ-साथ मलेरिया व डेंगू के बचाव के लिए अपने आसपास पानी एकत्रित नहीं होने, एकत्रित पानी में तेल डालने, टंकी व होद के पानी को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। पानी के बर्तनों को ढक कर रखें। छतों पर पड़े कबाड़ को उठा दें। इस अवसर पर संदीप कुंडू, सुनीता, मुकेश, कविता, मीरा, अंग्रेजो, लक्ष्मी, सुदेश मौजूद थी।
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स्वास्थ्य कार्यकर्ता नीलम देवी ने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत डिलीवरी करवाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार का सेवन आवश्यक बहुत आवश्यक है। इसके लिए मौसमी फल और हरी सब्जियां, गुड़ और चने बहुत कारगर हैं। नवजात बच्चे को छह माह तक केवल माता का ही दूध पिलाना चाहिए।
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छह माह के बाद ऊपरी आहार की आवश्यकता पर जोर दिया गया और साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण की आवश्यकता और महत्व पर जोर दिया गया। महिलाओं को चाहिए कि वे अपनी एवं बच्चों की व्यक्तिगत साफ -सफाई जरूर रखें, ताकि संक्रमण से बचाव हो सके। इसके साथ-साथ मलेरिया व डेंगू के बचाव के लिए अपने आसपास पानी एकत्रित नहीं होने, एकत्रित पानी में तेल डालने, टंकी व होद के पानी को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। पानी के बर्तनों को ढक कर रखें। छतों पर पड़े कबाड़ को उठा दें। इस अवसर पर संदीप कुंडू, सुनीता, मुकेश, कविता, मीरा, अंग्रेजो, लक्ष्मी, सुदेश मौजूद थी।
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