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Jind News: नागरिक अस्पताल में अब बुखार पीड़ित का होगा डेंगू और मलेरिया टेस्ट
Fri, 20 Sep 2024 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 20 Sep 2024 02:16 AM IST
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19जेएनडी17 : नागरिक अस्पताल में एक चिकित्सक के कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
जींद। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण वायरल बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। सितंबर और अक्तूबर डेंगू व मलेरिया के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि जो भी बुखार पीड़ित अस्पताल में आए, उनकी डेंगू व मलेरिया जांच भी होनी चाहिए। ऐसा मरीजों की तुरंत पहचान करने तथा बीमारी बढ़ने से पहले ही रोकने के उद्देश्य से किया गया है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 100 के आसपास मरीज बुखार के आते हैं। अस्पताल में फिलहाल औसतन ओपीडी 900 प्रतिदिन होती है।
नागरिक अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 800 से 900 ओपीडी पर्ची बन रही हैं। सोमवार व शनिवार को यह संख्या एक हजार से ऊपर तक पहुंच जाती है। इनमें से लगभग सौ मरीज ऐसे हैं, जिन्हें वायरल है या फिर सर्दी, खांसी, जुकाम है। एक सप्ताह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में मौसम परिवर्तन के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इस समय जो बुखार है, उसे वायरल का नाम दिया गया है। दिन के समय गर्मी तथा रात के समय ठंड होने से भी लोग बीमार हो रहे हैं।
वायरल बुखार के लक्षण
नागरिक अस्पताल के एमएस डाॅ. राजेश भोला ने बताया कि वायरल बुखार के मुख्य लक्षणों में गले में खराश और कंपकपी, खांसी, जुकाम, तेज बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों व बदन में दर्द, सिर और गले में दर्द, आंखें लाल होना हैं। ऐसे में तुरंत चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लेनी चाहिए। बच्चों तथा वृद्धों के स्वास्थ्य व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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बुखार होने पर जांच जरूरी
एमएस डाॅ. राजेश भोला ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव वायरल फीवर का कारण बना हुआ है। ऐसे में हर बुखार पीड़ित के डेंगू व मलेरिया टेस्ट करवाए जा रहे हैं। इस मौसम में लोगों को बुखार, खांसी, जुकाम, बदन दर्द, गला दर्द जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। वायरल फीवर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से शरीर में इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है। वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। ऐसे में हमें विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। वायरल होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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नागरिक अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 800 से 900 ओपीडी पर्ची बन रही हैं। सोमवार व शनिवार को यह संख्या एक हजार से ऊपर तक पहुंच जाती है। इनमें से लगभग सौ मरीज ऐसे हैं, जिन्हें वायरल है या फिर सर्दी, खांसी, जुकाम है। एक सप्ताह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में मौसम परिवर्तन के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इस समय जो बुखार है, उसे वायरल का नाम दिया गया है। दिन के समय गर्मी तथा रात के समय ठंड होने से भी लोग बीमार हो रहे हैं।
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वायरल बुखार के लक्षण
नागरिक अस्पताल के एमएस डाॅ. राजेश भोला ने बताया कि वायरल बुखार के मुख्य लक्षणों में गले में खराश और कंपकपी, खांसी, जुकाम, तेज बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों व बदन में दर्द, सिर और गले में दर्द, आंखें लाल होना हैं। ऐसे में तुरंत चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लेनी चाहिए। बच्चों तथा वृद्धों के स्वास्थ्य व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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बुखार होने पर जांच जरूरी
एमएस डाॅ. राजेश भोला ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव वायरल फीवर का कारण बना हुआ है। ऐसे में हर बुखार पीड़ित के डेंगू व मलेरिया टेस्ट करवाए जा रहे हैं। इस मौसम में लोगों को बुखार, खांसी, जुकाम, बदन दर्द, गला दर्द जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। वायरल फीवर हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से शरीर में इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है। वायरल के संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। ऐसे में हमें विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। वायरल होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

19जेएनडी17 : नागरिक अस्पताल में एक चिकित्सक के कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद