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Jind News: बालवाटिका में अब बच्चे अक्षर कार्ड से करेंगे पढ़ाई
Wed, 26 Feb 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 26 Feb 2025 11:50 PM IST
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26जेएनडी03-बाल वाटिका में बैठे विद्यार्थी। स्रोत शिक्षा विभाग
जींद। जिले के राजकीय स्कूलों में प्रारंभिक बाल शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रत्येक खंड में एक-एक मॉडल बाल वाटिका स्थापित की जाएगी। विभाग की ओर से मॉडल बाल वाटिका बनाने के लिए प्रत्येक खंड के लिए पांच लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। बालवाटिका का मकसद बच्चों की नींव को मजबूत करना है।
परंपरागत बाल वाटिकाओं के विपरीत यह विशेष शिक्षण केंद्र तीन से छह वर्ष के बच्चों को समग्र शिक्षा अनुभव प्रदान करेंगे। इनमें उचित आधारभूत संरचना जैसे नामित कक्ष, फर्नीचर, झूले, अक्षर कार्ड, सेंड पेपर कार्ड, मिट्टी, आकार पहचान के लिए ब्राउन सीढि़यां, रोल प्ले के लिए मास्क आदि उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक समृद्ध पूर्व प्राथमिक शिक्षा अनुभव प्रदान करना है। इस योजना के तहत विभिन्न शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों के अनुभव को और अधिक रोचक बनाया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रचनात्मकता, जिज्ञासा और सामाजिक कौशल को विकसित करना है। मॉडल बाल वाटिका में वाइटबोर्ड, शिक्षक के लिए मेज, शिक्षक की कुर्सी, जूते रखने के लिए रैक, डिस्प्ले बोर्ड, साबुन, तौलिया, सैनिटाइजर, फर्स्ट एड बॉक्स, डस्टबिन, क्ले सेट सहित खेलने व पढ़ने की विशेष सामग्री होगी। एफएलएन के तहत जिले में 424 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को खेल-खेल में विभिन्न गतिविधियां सिखाई जाती हैं।
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इसका उद्देश्य विद्यार्थी की नींव को बालवाटिका स्तर से ही मजबूत करना है। इसके लिए कक्षा के कमरे में अलग-अलग कॉर्नर बनाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। एक कक्षा कमरे में विद्यार्थियों को सिखाने के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जाती हैं। पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों का आकलन भी किया जाता है, जिससे उनके पढ़ाई के स्तर का भी पता चल सके।
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परंपरागत बाल वाटिकाओं के विपरीत यह विशेष शिक्षण केंद्र तीन से छह वर्ष के बच्चों को समग्र शिक्षा अनुभव प्रदान करेंगे। इनमें उचित आधारभूत संरचना जैसे नामित कक्ष, फर्नीचर, झूले, अक्षर कार्ड, सेंड पेपर कार्ड, मिट्टी, आकार पहचान के लिए ब्राउन सीढि़यां, रोल प्ले के लिए मास्क आदि उपलब्ध कराए जाएंगे।
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सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक समृद्ध पूर्व प्राथमिक शिक्षा अनुभव प्रदान करना है। इस योजना के तहत विभिन्न शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों के अनुभव को और अधिक रोचक बनाया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रचनात्मकता, जिज्ञासा और सामाजिक कौशल को विकसित करना है। मॉडल बाल वाटिका में वाइटबोर्ड, शिक्षक के लिए मेज, शिक्षक की कुर्सी, जूते रखने के लिए रैक, डिस्प्ले बोर्ड, साबुन, तौलिया, सैनिटाइजर, फर्स्ट एड बॉक्स, डस्टबिन, क्ले सेट सहित खेलने व पढ़ने की विशेष सामग्री होगी। एफएलएन के तहत जिले में 424 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को खेल-खेल में विभिन्न गतिविधियां सिखाई जाती हैं।
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इसका उद्देश्य विद्यार्थी की नींव को बालवाटिका स्तर से ही मजबूत करना है। इसके लिए कक्षा के कमरे में अलग-अलग कॉर्नर बनाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। एक कक्षा कमरे में विद्यार्थियों को सिखाने के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जाती हैं। पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों का आकलन भी किया जाता है, जिससे उनके पढ़ाई के स्तर का भी पता चल सके।

26जेएनडी03-बाल वाटिका में बैठे विद्यार्थी। स्रोत शिक्षा विभाग