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मिठाई बनाने वाली दुकानदारों पर निगरानी रखने वाला नहीं कोई अधिकारी
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एक दुकान पर बनाने और एक्सपायर होने की तिथि का बोर्ड लगाए बिना रखी गईं मिठाइयां। संवाद
- फोटो : Jind
होली का त्योहार आने वाला है। इसको लेकर मिठाई बनाने वालों ने पूरी तैयारी कर ली है। मिठाई बनाने वाले दुकानदारों पर निगरानी के लिए जिले में कोई अधिकारी नहीं है। पिछले एक महीने से जिले में खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी का पद खाली पड़ा है। पहले खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजबीर कुमार का यहां से तबादला हो चुका है।
राज्य सरकार ने अक्तूबर 2020 में यह नियम बनाया था कि मिठाई बनाने वाला दुकानदार अपनी मिठाई के ऊपर बनाने तथा एक्सपायर होने की तिथि लिखेगा, लेकिन जिले में कोई भी दुकानदार इस नियम का पालन नहीं कर रहा है। त्योहार के मौके पर दुकानदार धड़ल्ले से मिठाई बनाते हैं। काफी दुकानदार तो समय से पहले ही बड़ी मात्रा में मिठाई बनाकर रख लेते हैं और त्योहार के मौके पर उसको बेचते हैं। कई दिन पुरानी मिठाई खाने से व्यक्ति बीमार हो सकता है। इससे विषाक्त भोजन का भी खतरा रहता है। इन सब बातों को दरकिनार करते हुए दुकानदार केवल पैसे कमाने का ही लक्ष्य रखते हैं। नियमों के अनुसार अब हर मिठाई पर दुकानदार को बनाने की तिथि तथा एक्सपायर होने की तिथि लिखनी अनिवार्य है, लेकिन जिले में कोई दुकानदार इन नियमों का पालन नहीं कर रहा है।
बॉक्स
एक महीन से ज्यादा कोई मिठाई नहीं चलती
एक दिन चलने वाली मिठाई : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद एक दिन ही चल पाती हैं।
दो दिन चलने वाली मिठाई : दूध से बने आइटम, मिल्क बादाम, रसगुल्ला, रबड़ी रसमलाई, शाही टोस्ट, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, रस काटा, खीर मोहन दो दिन तक चलती हैं।
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चार दिन चलने वाली मिठाई : मलाई घेवर, तिल बुग्गा, केसर कोकोनेट लड्डू, मोतीचूर मोदक, खोया बादाम, फ्रूट केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, सफेद पेड़ा, बूंदी लड्डू, लाल लड्डू व कोकोनेट बर्फी चार दिन तक चल सकती हैं।
सात दिन तक चलने वाली मिठाई : काजू कतली, घेवर, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुझिया, काजू केसर बर्फी, काजू लड्डू, बेसन बर्फी, काजू रोल व बालूशाही सात दिन तक चल सकती है।
30 दिन तक चलने वाली मिठाई : आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी एक महीने तक चल सकती हैं।
बॉक्स
जिले में इस समय जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी का पद खाली पड़ा है। जल्द ही अधिकारी की नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद जांच अभियान शुरू किया जाएगा।
डॉ. ओमकुमार, डैजिगनेटिड अधिकारी, हिसार एवं करनाल जोन, खाद्य सुरक्षा विभाग।
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राज्य सरकार ने अक्तूबर 2020 में यह नियम बनाया था कि मिठाई बनाने वाला दुकानदार अपनी मिठाई के ऊपर बनाने तथा एक्सपायर होने की तिथि लिखेगा, लेकिन जिले में कोई भी दुकानदार इस नियम का पालन नहीं कर रहा है। त्योहार के मौके पर दुकानदार धड़ल्ले से मिठाई बनाते हैं। काफी दुकानदार तो समय से पहले ही बड़ी मात्रा में मिठाई बनाकर रख लेते हैं और त्योहार के मौके पर उसको बेचते हैं। कई दिन पुरानी मिठाई खाने से व्यक्ति बीमार हो सकता है। इससे विषाक्त भोजन का भी खतरा रहता है। इन सब बातों को दरकिनार करते हुए दुकानदार केवल पैसे कमाने का ही लक्ष्य रखते हैं। नियमों के अनुसार अब हर मिठाई पर दुकानदार को बनाने की तिथि तथा एक्सपायर होने की तिथि लिखनी अनिवार्य है, लेकिन जिले में कोई दुकानदार इन नियमों का पालन नहीं कर रहा है।
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एक महीन से ज्यादा कोई मिठाई नहीं चलती
एक दिन चलने वाली मिठाई : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद एक दिन ही चल पाती हैं।
दो दिन चलने वाली मिठाई : दूध से बने आइटम, मिल्क बादाम, रसगुल्ला, रबड़ी रसमलाई, शाही टोस्ट, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, रस काटा, खीर मोहन दो दिन तक चलती हैं।
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चार दिन चलने वाली मिठाई : मलाई घेवर, तिल बुग्गा, केसर कोकोनेट लड्डू, मोतीचूर मोदक, खोया बादाम, फ्रूट केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, सफेद पेड़ा, बूंदी लड्डू, लाल लड्डू व कोकोनेट बर्फी चार दिन तक चल सकती हैं।
सात दिन तक चलने वाली मिठाई : काजू कतली, घेवर, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुझिया, काजू केसर बर्फी, काजू लड्डू, बेसन बर्फी, काजू रोल व बालूशाही सात दिन तक चल सकती है।
30 दिन तक चलने वाली मिठाई : आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी एक महीने तक चल सकती हैं।
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जिले में इस समय जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी का पद खाली पड़ा है। जल्द ही अधिकारी की नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद जांच अभियान शुरू किया जाएगा।
डॉ. ओमकुमार, डैजिगनेटिड अधिकारी, हिसार एवं करनाल जोन, खाद्य सुरक्षा विभाग।