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किसान को छह साल बाद भी नहीं मिला बिजली कनेक्शन
jind
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:45 AM IST
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उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनते सीजीआरएफ के चेयरमैन आरवी बारी।
- फोटो : bureau
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बिजली निगम की लापरवाही के चलते सिल्लाखेड़ी गांव के किसान लहणा सिंह छह साल से बिजली कनेक्शन के लिए भटक रहे हैं। कनेक्शन लेने के समय बिजली लाइन पर केवल एक पोल लगना था, लेकिन ज्यों-ज्यों समय बीतता गया, बिजली लाइन पर पोल बढ़कर दो और दो से बढ़कर तीन हो गए। इससे कनेक्शन के लिए खर्च भी बढ़ता चला गया। मंगलवार को बिजली निगम के विश्राम गृह में हुई उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम (सीजीआरएफ) की बैठक के दौरान किसान ने अपनी व्यथा फोरम के चेयरमैन आरबी बारी को सुनाई। फोरम के चेयरमैन ने बिजली निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि एक आम आदमी को बिजली कनेक्शन के लिए छह साल से चक्कर काटना पड़ रहा है। बेवजह इस्टीमेट के नाम पर किसान को परेशान किया जा रहा है। चेयरमैन आरबी बारी ने बिजली निगम के एसडीओ को एक माह का समय देते हुए अगले मोह दो सितंबर को होने वाली बैठक में जवाब देने के आदेश दिए। फोरम की बैठक में बिजली बिलों, मीटर रीडिंग, बिजली कनेक्शन से संबंधित चार शिकायतों पर सुनवाई हुई। सीजीआरएफ की तरफ से चेयरमैन आरवी बारी के साथ एमएम गुप्ता, सतीश मलिक, जीतराम, निर्मल ग्रोवर ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनी।
यह है मामला
सिल्लाखेड़ी निवासी किसान लहणा सिंह ने साल 2010 में अपनी पत्नी मूर्ती देवी के नाम से खेत के लिए बिजली कनेक्शन अप्लाई किया था। निगम ने लाइन का इस्टीमेट बनाकर किसान से 20 हजार रुपये ट्रांसफार्मर व साढ़े 12 हजार एक पोल के भरवाए। इसके बाद दोबारा बिजली निगम ने बिजली लाइन पर दो पोल लगने का एस्टीमेट बनाकर किसान से साढ़े 12 हजार रुपये और भरवा लिए। किसान लहणा सिंह ने बताया कि उसने दो बार रुपये भर दिए, लेकिन तीसरी बार फिर निगम ने एस्टीमेट में एक पोल और बढ़ा दिया और एक बार फिर साढ़े 12 हजार रुपये जमा करवाने के लिए कहा, लेकिन किसान ने तीसरी बार पैसे भरने से इंकार कर दिया। निगम अधिकारी हवाला दे रहे हैं कि जिस समय किसान ने कनेक्शन के लिए अप्लाई किया था, वहां से बिजली लाइन गुजरती थी, लेकिन बाद में दूसरी सब डिविजन ने वहां से बिजली लाइन हटा ली। अब जिस लाइन से बिजली कनेक्शन जोड़ना है, वह दूर है, जिसके लिए तीन पोल लगेंगे।
अगली बैठक में मांगा है जवाब
किसान ने छह साल पहले कनेक्शन के लिए अप्लाई किया था, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं मिला है। निगम के एसडीओ को अगले माह होने वाली बैठक में इस मामले में जवाब देने के आदेश दिए हैं।
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- आरवी बारी, चेयरमैन
सीजीआरएफ
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यह है मामला
सिल्लाखेड़ी निवासी किसान लहणा सिंह ने साल 2010 में अपनी पत्नी मूर्ती देवी के नाम से खेत के लिए बिजली कनेक्शन अप्लाई किया था। निगम ने लाइन का इस्टीमेट बनाकर किसान से 20 हजार रुपये ट्रांसफार्मर व साढ़े 12 हजार एक पोल के भरवाए। इसके बाद दोबारा बिजली निगम ने बिजली लाइन पर दो पोल लगने का एस्टीमेट बनाकर किसान से साढ़े 12 हजार रुपये और भरवा लिए। किसान लहणा सिंह ने बताया कि उसने दो बार रुपये भर दिए, लेकिन तीसरी बार फिर निगम ने एस्टीमेट में एक पोल और बढ़ा दिया और एक बार फिर साढ़े 12 हजार रुपये जमा करवाने के लिए कहा, लेकिन किसान ने तीसरी बार पैसे भरने से इंकार कर दिया। निगम अधिकारी हवाला दे रहे हैं कि जिस समय किसान ने कनेक्शन के लिए अप्लाई किया था, वहां से बिजली लाइन गुजरती थी, लेकिन बाद में दूसरी सब डिविजन ने वहां से बिजली लाइन हटा ली। अब जिस लाइन से बिजली कनेक्शन जोड़ना है, वह दूर है, जिसके लिए तीन पोल लगेंगे।
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अगली बैठक में मांगा है जवाब
किसान ने छह साल पहले कनेक्शन के लिए अप्लाई किया था, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं मिला है। निगम के एसडीओ को अगले माह होने वाली बैठक में इस मामले में जवाब देने के आदेश दिए हैं।
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- आरवी बारी, चेयरमैन
सीजीआरएफ