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निजीकरण और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देगी नई शिक्षा नीति : सीएन भारती
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रैली में भाग लेते हुए विभिन्न संगठनों के सदस्य।
- फोटो : Jind
जींद। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर वीरवार को हुड्डा ग्राउंड स्थित एकलव्य स्टेडियम के पास वीरवार को प्रदेश स्तरीय शिक्षा बचाओ, स्कूल बचाओ रैली आयोजित की गई। इसमें अध्यापक, अन्य विभागों के कर्मचारी, किसान, मजदूर, अभिभावक, छात्र, युवा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव सीएन भारती ने कहा कि नई शिक्षा नीति निजीकरण और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने वाली है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा नीति 2020 को 2025 तक लागू करना चाहती है। नई शिक्षा नीति शिक्षा के निजीकरण और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है। यह नीति शिक्षा को तहस-नहस कर देगी जिसे कभी भी स्वीकार नहीं किया जाएगा और देशभर इस शिक्षा नीति को कामयाब नहीं होने देंगे। सरकार चिराग योजना, स्कूल मर्जर व कौशल रोजगार निगम से भर्तियां करना, नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए उठाए गए कदम हैं। इससे जनशिक्षा बर्बाद होगी और बहुत बड़ी संख्या में गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित रहेंगे। उन्होंने कहा कि संघ मांग करता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को रद्द कर जनपक्षीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण युक्त, संवैधानिक मूल्यों को पोषित करने वाली, सबके लिए सुलभ, समान, निशुल्क शिक्षा नीति लागू की जाए।
कहा कि पीएफ आरडीए बिल को रद्द करके पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। अतिथि अध्यापकों, अस्थायी शिक्षकों और पार्ट टाइम कर्मचारियों को नियमित करते हुए शेष खाली पदों को भरा जाए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग किया जाए। चिराग योजना, स्कूल मर्जर, केप्ट पोस्ट पर रोक लगाते हुए आबादी के अनुपात में नए विद्यालय खुले जाएं। हटाए गए शारीरिक एवं कला शिक्षकों की शीघ्र सेवाएं बहाल की जाए। सेवा नियम 2012 में संशोधन किया जाए। सरकार व प्रशासन द्वारा उत्पीडन की कार्रवाई वापस ली जाए। मर्जर के नाम पर बंद किए गए स्कूलों को खोला जाए और सभी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सभी संकाय दिए जाएं और सभी विषयों के अध्यापकों के पद सृजित किए जाएं।
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संघ के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांढा ने कहा कि एनपीएस को तत्काल वापस लेकर ओपीएस बहाल की जाए। 2017 बैच के जेबीटी शिक्षकों को स्थायी जिले अलॉट करते हुए जेबीटी शिक्षकों का ट्रांसफर ड्राइव बहुत जल्दी चलाया जाए। शिक्षक नेता सुरेश पर दर्ज राजद्रोह का केस वापस लिया जाए। अध्यापक संघ के राज्य प्रेस सचिव सतबीर गोयत के निलंबन को तत्काल रद्द किया जाए। राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांढा ने जनशिक्षा को बचाने के लिए आरपार के संघर्ष की घोषणा करते हुए कहा कि सबसे पहले प्रदेश भर के शिक्षक जनवरी से वार्षिक परीक्षा तक शिक्षक केवल पढ़ाई करवाएंगे और तमाम तरह के गैर शैक्षणिक कार्यों का पूर्णत बहिष्कार किया जाएगा और साथ ही सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाने के लिए अध्यापक संघ अपनी ओर से 20 मार्च से 22 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाएगा। इसके बाद भी सरकार नहीं मानती तो 23 अप्रैल से शिक्षा मंत्री के आवास पर यमुनानगर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जाएगा। इसी आंदोलन के दौरान संघ के कार्यकर्ता यमुनानगर में गांव-गांव जाकर सरकार और शिक्षा मंत्री की शिक्षा विरोधी नीतियों की पोल खोलेंगे। साथ ही नई शिक्षा नीति रद्द करवाने और पुरानी पेंशन योजना लागू करवाने को लेकर आगामी संसद सत्र शुरू होने पर संसद कूच किया जाएगा।
रैली की अध्यक्षता संघ के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा और संचालन राज्य महासचिव प्रभु सिंह ने किया। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान धर्मबीर फौगाट, जगमोहन, बलबीर सिंह, दिनेश यादव, महाबीर सिहाग, वजीर सिंह, जरनैल सिंह सांगवान, फूल सिंह श्योकंद, सत्यपाल सिवाच, महिपाल चमरौड़ी मौजूद रहे।
बॉक्स
रिटायर्ड कर्मचारी ज्वाइंट एक्शन कमेेटी ने भी लिया भाग
रैली में रिटायर्ड कर्मचारी ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी हिस्सा लिया। इसके सदस्य किताब सिंह भनवाला ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार शिक्षा को खत्म करना चाह रही है। इसके अलावा रिटायर्ड कर्मचारियों की भी अनेक मांगे लंबित हैं। प्रदेशभर के रिटायर्ड कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने मिलकर एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाई है, जो सभी कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ होने वाले आंदोलनों में भाग लेगी।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा नीति 2020 को 2025 तक लागू करना चाहती है। नई शिक्षा नीति शिक्षा के निजीकरण और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है। यह नीति शिक्षा को तहस-नहस कर देगी जिसे कभी भी स्वीकार नहीं किया जाएगा और देशभर इस शिक्षा नीति को कामयाब नहीं होने देंगे। सरकार चिराग योजना, स्कूल मर्जर व कौशल रोजगार निगम से भर्तियां करना, नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए उठाए गए कदम हैं। इससे जनशिक्षा बर्बाद होगी और बहुत बड़ी संख्या में गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित रहेंगे। उन्होंने कहा कि संघ मांग करता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को रद्द कर जनपक्षीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण युक्त, संवैधानिक मूल्यों को पोषित करने वाली, सबके लिए सुलभ, समान, निशुल्क शिक्षा नीति लागू की जाए।
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कहा कि पीएफ आरडीए बिल को रद्द करके पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। अतिथि अध्यापकों, अस्थायी शिक्षकों और पार्ट टाइम कर्मचारियों को नियमित करते हुए शेष खाली पदों को भरा जाए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग किया जाए। चिराग योजना, स्कूल मर्जर, केप्ट पोस्ट पर रोक लगाते हुए आबादी के अनुपात में नए विद्यालय खुले जाएं। हटाए गए शारीरिक एवं कला शिक्षकों की शीघ्र सेवाएं बहाल की जाए। सेवा नियम 2012 में संशोधन किया जाए। सरकार व प्रशासन द्वारा उत्पीडन की कार्रवाई वापस ली जाए। मर्जर के नाम पर बंद किए गए स्कूलों को खोला जाए और सभी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सभी संकाय दिए जाएं और सभी विषयों के अध्यापकों के पद सृजित किए जाएं।
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संघ के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांढा ने कहा कि एनपीएस को तत्काल वापस लेकर ओपीएस बहाल की जाए। 2017 बैच के जेबीटी शिक्षकों को स्थायी जिले अलॉट करते हुए जेबीटी शिक्षकों का ट्रांसफर ड्राइव बहुत जल्दी चलाया जाए। शिक्षक नेता सुरेश पर दर्ज राजद्रोह का केस वापस लिया जाए। अध्यापक संघ के राज्य प्रेस सचिव सतबीर गोयत के निलंबन को तत्काल रद्द किया जाए। राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांढा ने जनशिक्षा को बचाने के लिए आरपार के संघर्ष की घोषणा करते हुए कहा कि सबसे पहले प्रदेश भर के शिक्षक जनवरी से वार्षिक परीक्षा तक शिक्षक केवल पढ़ाई करवाएंगे और तमाम तरह के गैर शैक्षणिक कार्यों का पूर्णत बहिष्कार किया जाएगा और साथ ही सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाने के लिए अध्यापक संघ अपनी ओर से 20 मार्च से 22 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाएगा। इसके बाद भी सरकार नहीं मानती तो 23 अप्रैल से शिक्षा मंत्री के आवास पर यमुनानगर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जाएगा। इसी आंदोलन के दौरान संघ के कार्यकर्ता यमुनानगर में गांव-गांव जाकर सरकार और शिक्षा मंत्री की शिक्षा विरोधी नीतियों की पोल खोलेंगे। साथ ही नई शिक्षा नीति रद्द करवाने और पुरानी पेंशन योजना लागू करवाने को लेकर आगामी संसद सत्र शुरू होने पर संसद कूच किया जाएगा।
रैली की अध्यक्षता संघ के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा और संचालन राज्य महासचिव प्रभु सिंह ने किया। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान धर्मबीर फौगाट, जगमोहन, बलबीर सिंह, दिनेश यादव, महाबीर सिहाग, वजीर सिंह, जरनैल सिंह सांगवान, फूल सिंह श्योकंद, सत्यपाल सिवाच, महिपाल चमरौड़ी मौजूद रहे।
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रिटायर्ड कर्मचारी ज्वाइंट एक्शन कमेेटी ने भी लिया भाग
रैली में रिटायर्ड कर्मचारी ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी हिस्सा लिया। इसके सदस्य किताब सिंह भनवाला ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार शिक्षा को खत्म करना चाह रही है। इसके अलावा रिटायर्ड कर्मचारियों की भी अनेक मांगे लंबित हैं। प्रदेशभर के रिटायर्ड कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने मिलकर एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाई है, जो सभी कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ होने वाले आंदोलनों में भाग लेगी।