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निपुण मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षा की गुणवत्ता पर दें ध्यान : एडीसी
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फोटो 04जेएनडी10-जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी। स
जींद। जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की समीक्षा बैठक एडीसी प्रदीप कुमार ने कार्यालय में ली। बैठक में जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने जिले के सभी शिक्षा खंडों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि विद्यालयों में नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षक क्षमता संवर्धन, प्रभावी शिक्षण गतिविधियों, निपुण हरियाणा पैरेंट एप व अभिभावकों की सहभागिता के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एडीसी प्रदीप कुमार ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और शिक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिले का हर बच्चा भाषा और गणित में दक्ष बने।
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बैठक में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना, प्राथमिक कक्षाओं में पाठ्यपुस्तकों का वितरण, विद्यालय भ्रमण, विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम, पीटीएम, निपुण हरियाणा पैरेंट एप, एफएलएन प्रशिक्षण और मिशन के पांच वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित होने वाली विशेष स्मारिका सहित 12 प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की गई।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान बच्चों के सीखने के स्तर का भी मूल्यांकन करें। उन्होंने सभी पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने, प्रत्येक विद्यालय में प्रिंट-रिच वातावरण विकसित करने तथा एफएलएन प्रशिक्षणों में अनुपस्थित शिक्षकों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए।
अंत में एडीसी ने कहा कि सभी अधिकारी और शिक्षक समर्पण के साथ कार्य करें तो जींद निपुण मिशन में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है।
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उन्होंने बताया कि विद्यालयों में नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षक क्षमता संवर्धन, प्रभावी शिक्षण गतिविधियों, निपुण हरियाणा पैरेंट एप व अभिभावकों की सहभागिता के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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एडीसी प्रदीप कुमार ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और शिक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिले का हर बच्चा भाषा और गणित में दक्ष बने।
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बैठक में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना, प्राथमिक कक्षाओं में पाठ्यपुस्तकों का वितरण, विद्यालय भ्रमण, विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम, पीटीएम, निपुण हरियाणा पैरेंट एप, एफएलएन प्रशिक्षण और मिशन के पांच वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित होने वाली विशेष स्मारिका सहित 12 प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की गई।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान बच्चों के सीखने के स्तर का भी मूल्यांकन करें। उन्होंने सभी पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने, प्रत्येक विद्यालय में प्रिंट-रिच वातावरण विकसित करने तथा एफएलएन प्रशिक्षणों में अनुपस्थित शिक्षकों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए।
अंत में एडीसी ने कहा कि सभी अधिकारी और शिक्षक समर्पण के साथ कार्य करें तो जींद निपुण मिशन में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है।