{"_id":"68c702c257dc7acb070adb13","slug":"nagar-palika-is-unable-to-end-the-terror-of-monkeys-from-the-civil-hospital-jind-news-c-199-1-sroh1009-140933-2025-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: नागरिक अस्पताल से बंदरों का आतंक नहीं खत्म करवा पा रही नप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: नागरिक अस्पताल से बंदरों का आतंक नहीं खत्म करवा पा रही नप
Sun, 14 Sep 2025 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 14 Sep 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
..नागरिक अस्पताल से बंदरों का आतंक नही हो रहा समाप्त स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ 2020 से लगातार न
जींद। नागरिक अस्पताल बंदरों के आतंक से मुक्त नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ वर्ष 2020 से लगातार नगर परिषद जींद को पत्र भेज कर बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की बात कही जा रही है। एक बार फिर से स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ ने 39वां रिमाइंडर भेज समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रधान राममेहर वर्मा ने बताया कि बंदर कार्यालयों के अंदर पहुंच कर भी नुकसान पहुंचा रहे हैं लेकिन इस समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। अस्पताल परिसर में बंदरों की संख्या इतनी है कि इन्हें भगाना भी नामुमकिन है। झुंड के झुंड बंदरों के नागरिक अस्पताल में हर समय बैठे देखे जा सकते हैं।
इसके अलावा अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी बंदर काटने से चूकते नहीं। इसके कारण नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन यह बंदर किसी न किसी व्यक्ति पर हमला करके उसको घायल कर रहे हैं। कई बार तो बंदर नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों के बिस्तर पर पहुंच कर मरीज को घायल कर चुके हैं और अनेक बार कमरों में घुस कर कंप्यूटर समेत नागरिक अस्पताल के रिकार्ड को नष्ट भी कर चुके हैं।
विज्ञापन
इस समस्या के समाधान के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को गुहार लगाई जा चुकी है परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। बार-बार गुहार लगाए जाने के बाद 23 फरवरी को 14 बंदर, तीन मार्च को आठ बंदर, पांच मार्च को दो बंदर पकड़े थे। इसके बाद आजतक भी टीम दोबारा बंदर पकड़ने के लिए नहीं आई है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रधान राममेहर वर्मा ने बताया कि बंदर कार्यालयों के अंदर पहुंच कर भी नुकसान पहुंचा रहे हैं लेकिन इस समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। अस्पताल परिसर में बंदरों की संख्या इतनी है कि इन्हें भगाना भी नामुमकिन है। झुंड के झुंड बंदरों के नागरिक अस्पताल में हर समय बैठे देखे जा सकते हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी बंदर काटने से चूकते नहीं। इसके कारण नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन यह बंदर किसी न किसी व्यक्ति पर हमला करके उसको घायल कर रहे हैं। कई बार तो बंदर नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों के बिस्तर पर पहुंच कर मरीज को घायल कर चुके हैं और अनेक बार कमरों में घुस कर कंप्यूटर समेत नागरिक अस्पताल के रिकार्ड को नष्ट भी कर चुके हैं।
विज्ञापन
इस समस्या के समाधान के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को गुहार लगाई जा चुकी है परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। बार-बार गुहार लगाए जाने के बाद 23 फरवरी को 14 बंदर, तीन मार्च को आठ बंदर, पांच मार्च को दो बंदर पकड़े थे। इसके बाद आजतक भी टीम दोबारा बंदर पकड़ने के लिए नहीं आई है।