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शारीरिक शिक्षकों की 25 तक मांग नहीं पूरी होने पर करेंगे आंदोलन, खापों ने बनाई 21 सदस्यीय कमेटी

Sat, 18 Jul 2020 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2020 11:42 PM IST
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Movement to meet the demands of physical teachers till 25, Khaps formed 21-member committee
हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के राज्य प्रधान धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई स्थानीय अनाज मंडी में हुई आम जन बैठक में प्रदेश के चार हजार लोग पहुंचे। करीब 100 खापों के प्रधानों और प्रतिनिधियों ने पीटीआई शिक्षकों की बहाली की मांग का समर्थन किया। आगामी आंदोलन के लिए सर्वजातीय सर्वखाप ने 21 सदस्यीय कमेटी गठित की। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को देखकर जहां बर्खास्त पीटीआई शिक्षकों का हौसला बढ़ गया, वहीं कोरोना वायरस का संक्रमण काल होने के बाद भी लोग बिना शारीरिक दूरी बनाए और बिना मास्क लगाए नजर आए। जिला प्रशासन ने उन्हें केवल 50 लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति दी थी, लेकिन इन सब नियमों को दरकिनार कर लगभग चार हजार लोग जमा हो गए। जिस तरह से यहां पर भीड़ जुटी उसे देखकर लग रहा था कि वह आम सभा कम रैली ज्यादा है।
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आम सभा को सर्वखाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिनैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन, सर्वखाप पंचायत के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैण, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष संतोष दहिया, रामकरण सोलंकी, कंडेला खाप प्रधान टेकराम कंडेला, बिनैन खाप के पूर्व प्रधान रंगीराम, माजरा खाप से समुंद्र सिंह फोर, अशोक मदीना, सतबीर खेड़ा, जगमति सांगवान, राजा बलंभा के अलावा अन्य लोगों ने संबोधित किया और आंदोलन की इस लड़ाई में साथ देने का एलान किया।
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नफेसिंह नैन ने कहा कि अब यह लड़ाई खापों की है। सरकार ने अगर पीटीआई शिक्षकों को बहाल नहीं किया तो बड़े आंदोलन का सामना करने के लिए सरकार तैयार रहे। सूबे सिंह समैण ने कहा कि पीटीआई शिक्षकों को बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा, क्योंकि हठधर्मी और तरह-तरह के हथकंडे अपनाने वाली इस सरकार के अतीत को हम देख-परख चुके हैं। अगर सरकार की नियत साफ होती तो 1983 पीटीआई की नौकरी नहीं जाती। यदि सरकार ने जल्द ही बर्खास्त पीटीआई की समस्या का समाधान नहीं किया तो 25 जुलाई के बाद खाप इस आंदोलन को अपने हाथ में लेगी।
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बहाल नहीं हुए तो नहीं मनाएंगे स्वतंत्रता दिवस
राज्य स्तरीय आम सभा के इस मंच पर बलंभा से पहुंचे राजा ने कहा कि नौकरी जाने के कारण वे सड़क पर आ गए हैं। यदि सरकार ने जल्द ही उनको बहाल नहीं किया तो 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाएंगे।
सरकार नहीं मानी तो आंदोलन में सबसे आगे खड़ा मिलूंगा : सोमवीर
दादरी से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने कहा कि खापों और पंचायतों में बहुत बड़ी ताकत होती है। इसे सरकार भी समझती है। वह इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। अगर सरकार से समस्या का समाधान नहीं किया तो आंदोलन में वे सबसे आगे खड़े होकर भाईचारे का कर्त्तव्य निभाएंगे, क्योंकि वह एमएलए बाद में हैं और खाप प्रधान पहले।
सबका साथ, सबका विकास सरकार का झूठा नारा
महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार झूठी है। मुख्यमंत्री ने सिर्फ अपने चहेतों को ऊंचे पदों पर आसीन किया है। मुख्यमंत्री को अपने चहेतों से ही मतलब है। कहने को सरकार ने हाईकोर्ट का नाम लेकर शारीरिक शिक्षकों को हटा दिया है, लेकिन हाईकोर्ट ने एसवाईएल का पानी हरियाणा में लाने का फैसला दिया था, वह अभी तक नहीं आया। वहीं एक घोटाले में हाईकोर्ट ने एक कंपनी को बंद करके उससे पैसे लेने का फैसला सुनाया था, जिसमें सरकार ने कंपनी से हाथ मिलाकर उसे क्लीन चिट दे दी। बरौदा उपचुनाव में सभी एकजुट हो जाएंगे तो सरकार को आइना दिखा दिया जाएगा। इसके बाद सरकार खुद आपके पास आकर आपकी मांग को पूरा करेगी।
पीटीआई शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेगा महासंघ
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश वित्त सचिव दिलबाग अहलावत, प्रदेश सचिव जयबीर जुलानी, जिला प्रधान कृष्ण नैन, जिला महासचिव बीलबर शर्मा, सुरेंद्र ढुल, पीडब्ल्यूडी प्रधान कृष्ण, रोडवेज डिपो प्रधान अनूप लाठर आम सभा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी महासंघ भविष्य में भी पीटीआई शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेगा। सरकार द्वारा शिक्षकों को हटाना एक दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है।
पुलिसकर्मियों और शारीरिक शिक्षकों के बीच हुई तनातनी
व्यवस्था के दृष्टिगत सुबह ही भारी पुलिस बल और प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी अनाज मंडी पहुंच गए थे। आम सभा स्थल के आसपास टेंट और लाउडस्पीकर लगाने पर पुलिस ने एतराज जताया। आम सभा के लिए लाए गए टेंट के कुछ सामान को भी वापस कर दिया। इस पर समिति के राज्य प्रधान वजीर गांगुली, शौर्यचक्र विजेता दिलबाग जाखड़, जिला प्रधान अनिल मलिक ने आपत्ति जताते हुए साफ कहा कि आम सभा होकर रहेगी और वे धमकी और डंडो से नहीं डरेंगे।
कोरोना काल में एक जगह इकट्ठा हुए चार हजार लोग
कोरोना काल में शनिवार को अनाज मंडी में हुई आम सभा में चार हजार लोग पहुंचे। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी अनाज मंडी के मुख्य गेट पर मौजूद रहा, लेकिन एक जगह चार हजार लोगों के इकट्ठा होने पर भी प्रशासन मौन रहा।

पता लगाया जाएगा कौन था आयोजक
पुलिस कर्मियों से सूचना मिली है कि अनाज मंडी में विस्तृत आमसभा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें चार हजार लोग एक जगह जमा हुए हैं। इसमें आयोजकों का पता लगाया जाएगा। इसके बाद उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।

 पीटीआई शिक्षकों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते कर्मचारी।

पीटीआई शिक्षकों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते कर्मचारी।- फोटो : Jind

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