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700 से अधिक रोडवेज कर्मचारियों को तीन साल से वर्दी भत्ते का इंतजार
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जींद। जींद डिपो के 700 से अधिक रोडवेज कर्मचारियों को करीब तीन साल से वर्दी भत्ता नहीं मिला है। इस कारण कई कर्मचारी मजबूरी में वर्दी नहीं पहन पाते और जांच के दौरान उन्हें जुर्माना तक लग जाता है। यूनियनों द्वारा कई बार मुख्यालय से लेकर परिवहन मंत्री तक वर्दी भत्ता देने की मांग की है।
रोडवेज कर्मचारियों को वार्षिक 1850 रुपये वर्दी भत्ता के रूप में मिलने का प्रावधान है, जो पिछले तीन साल से कर्मचारियों को नहीं मिला। सरकार द्वारा डिपो में कार्यरत चालक, परिचालक, कार्यशाला कर्मी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी भत्ता दिया जाता है। यह भत्ता केवल दो वर्दियों के लिए दिया जाता है। 1850 रुपये में से 925 रुपये गर्मी व 925 रुपये सर्दी में वर्दी सिलवाने के लिए भत्ता के रूप में दिए जाते हैं। कर्मचारियों को वर्दी के पैसे खाते में भेजे जाते थे, लेकिन पिछले तीन साल से कर्मचारियों को वर्दी भत्ता नहीं मिल पा रहा है।
वर्दी भत्ता जारी करने की मांग को लेकर यूनियनों द्वारा कई बार विभाग के उच्चाधिकारियों से लेेकर परिवहन मंत्री से मांग की जा चुकी है। कर्मचारियों के हित के लिए चाहिए कि जल्द वर्दी भत्ता जारी किया जाए। इससे सभी कर्मचारी वर्दी पहनकर ड्यूटी पर आ सके। अगर कर्मचारियों को जल्दी ही भत्ता जारी किया जाए तो सभी कर्मचारी वर्दी पहनकर आएंगे। इससे यात्रियों को भी सुविधा होगी। अगर बस में कोई दिक्कत हो तो यात्री वर्दी पहने चालक व परिचालक को आसानी से पहचान कर उससे मदद ले सकेगा।
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- संदीप रंगा, प्रदेश उप महासचिव, रोडवेज इंटक यूनियन
मुख्यालय को करवाया गया है अवगत
कर्मचारियों की मांगों के बारे में मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही कर्मचारियों को वर्दी भत्ता मिल जाएगा। इससे कर्मचारियों को लाभ होगा। - बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।
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रोडवेज कर्मचारियों को वार्षिक 1850 रुपये वर्दी भत्ता के रूप में मिलने का प्रावधान है, जो पिछले तीन साल से कर्मचारियों को नहीं मिला। सरकार द्वारा डिपो में कार्यरत चालक, परिचालक, कार्यशाला कर्मी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी भत्ता दिया जाता है। यह भत्ता केवल दो वर्दियों के लिए दिया जाता है। 1850 रुपये में से 925 रुपये गर्मी व 925 रुपये सर्दी में वर्दी सिलवाने के लिए भत्ता के रूप में दिए जाते हैं। कर्मचारियों को वर्दी के पैसे खाते में भेजे जाते थे, लेकिन पिछले तीन साल से कर्मचारियों को वर्दी भत्ता नहीं मिल पा रहा है।
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वर्दी भत्ता जारी करने की मांग को लेकर यूनियनों द्वारा कई बार विभाग के उच्चाधिकारियों से लेेकर परिवहन मंत्री से मांग की जा चुकी है। कर्मचारियों के हित के लिए चाहिए कि जल्द वर्दी भत्ता जारी किया जाए। इससे सभी कर्मचारी वर्दी पहनकर ड्यूटी पर आ सके। अगर कर्मचारियों को जल्दी ही भत्ता जारी किया जाए तो सभी कर्मचारी वर्दी पहनकर आएंगे। इससे यात्रियों को भी सुविधा होगी। अगर बस में कोई दिक्कत हो तो यात्री वर्दी पहने चालक व परिचालक को आसानी से पहचान कर उससे मदद ले सकेगा।
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- संदीप रंगा, प्रदेश उप महासचिव, रोडवेज इंटक यूनियन
मुख्यालय को करवाया गया है अवगत
कर्मचारियों की मांगों के बारे में मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही कर्मचारियों को वर्दी भत्ता मिल जाएगा। इससे कर्मचारियों को लाभ होगा। - बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।