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Jind News: जिले में 2 लाख से अधिक छात्र बने सड़क सुरक्षा के प्रहरी
Thu, 16 Oct 2025 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:03 AM IST
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15जेएनडी06-केएम महाविद्यालय में परीक्षा देते विद्यार्थी। स्रोत
- फोटो : संवाद
जींद। जिला में बुधवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रश्नोत्तरी परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में जिले के कुल 1041 सरकारी व निजी स्कूलों और कॉलेजों के 2,01,280 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देना और सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाना व दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जन-जागरूकता फैलाना रहा ।
यातायात डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि इस परीक्षा का आयोजन पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। इसमें विद्यार्थियों ने न केवल ट्रैफिक नियमों की जानकारी प्राप्त की बल्कि यह भी समझा कि सुरक्षा केवल हेलमेट या सीट बेल्ट तक सीमित नहीं बल्कि अनुशासन और जागरूकता का प्रतीक है।
आगामी चरणों में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं, जागरूकता अभियानों व सड़क सुरक्षा वर्कशॉप्स का आयोजन लगातार किया जाएगा ताकि हर घर में यातयात अनुशासन की संस्कृति विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि
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जिला पुलिस का यह प्रयास न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। समाज में भी सुरक्षित यातायात की सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगा।
विद्यार्थियों में ट्रैफिक नियमों के प्रति समझ बढ़ाना। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि नागरिकों में जिम्मेदारी को जगाना है। जब विद्यार्थी ही सड़क सुरक्षा के सिपाही बनेंगे तभी जींद जिला दुर्घटना मुक्त जिला बन सकेगा।
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यातायात डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि इस परीक्षा का आयोजन पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। इसमें विद्यार्थियों ने न केवल ट्रैफिक नियमों की जानकारी प्राप्त की बल्कि यह भी समझा कि सुरक्षा केवल हेलमेट या सीट बेल्ट तक सीमित नहीं बल्कि अनुशासन और जागरूकता का प्रतीक है।
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आगामी चरणों में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं, जागरूकता अभियानों व सड़क सुरक्षा वर्कशॉप्स का आयोजन लगातार किया जाएगा ताकि हर घर में यातयात अनुशासन की संस्कृति विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि
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जिला पुलिस का यह प्रयास न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। समाज में भी सुरक्षित यातायात की सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगा।
विद्यार्थियों में ट्रैफिक नियमों के प्रति समझ बढ़ाना। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि नागरिकों में जिम्मेदारी को जगाना है। जब विद्यार्थी ही सड़क सुरक्षा के सिपाही बनेंगे तभी जींद जिला दुर्घटना मुक्त जिला बन सकेगा।