{"_id":"66a0148ee6758b271c062795","slug":"mnrega-workers-reach-dc-office-to-demand-wages-jind-news-c-199-1-sroh1006-120386-2024-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: मनरेगा मजदूर मेहनताना मांगने डीसी कार्यालय पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: मनरेगा मजदूर मेहनताना मांगने डीसी कार्यालय पहुंचे
Wed, 24 Jul 2024 02:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 24 Jul 2024 02:07 AM IST
विज्ञापन
जींद। खरैंटी गांव के मनरेगा मजदूरों को दो माह से काम नहीं मिला है। इसको लेकर वह मंगलवार को डीसी कार्यालय पहुंचे और काम देने की गुहार लगाई। उनका आरोप था कि जुलाना एबीपीओ जानबूझकर उन्हें काम नहीं दे रही हैं। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने उनको आश्वासन दिया कि जल्द काम दिलवाया जाएगा और मजदूरी भी पूरी दिलवाई जाएगी।
खरैंटी गांव के राजकुमार, अनिल, सुमन, बीरमती, मंजूबाला, प्रमिला, ओमप्रकाश, कुलदीप, सुनीता, सत्यनारायण, बबली, कविता, संतलाल, उषा रानी, सुशीला, साधुराम, संतोष, बलराज और निर्मला का कहना था कि उन्होंने 30 मई तक तालाब की खुदाई की थी। इसके बाद 5 जून को कनिष्ठ अभियंता अश्वनी और बीएफटी सतीश खरैंटी गांव में पैमाइश के लिए पहुंचे थे पैमाइश कर कनिष्ठ अभियंता और बीएफटी ने कहा था कि उनकी मजदूरी पूरी आएगी। उन्होंने मजदूरों के पैमाइश पर हस्ताक्षर करवा लिए, लेकिन उसी दिन कनिष्ठ अभियंता अश्वनी का मंजीत मेट के पास फोन आया कि मजदूरी 274 रुपये के हिसाब से आएगी। जब उन्होंने जिला परिषद सीईओ के पास शिकायत की तो उन्होंने जेई कृष्ण दोबारा पैमाइश के लिए भेजा। उस समय कनिष्ठ अभियंता कृष्ण ने पैमाइश करते हुए कहा था कि मजदूरों ने कार्य पूरा किया हुआ है, लेकिन उनको 274 रुपये के हिसाब से मजदूरी दी गई। ग्राम पंचायत खरैंटी ने भी जिला परिषद सीईओ डॉ. किरण सिंह को पत्र लिखकर मनरेगा मजूदरों को काम दिलाने का अनुरोध किया है। मई में किए गए कार्य के उन्हें 374 के बजाय 270 रुपये ही दिए गए। मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिली।
विज्ञापन
खरैंटी गांव के राजकुमार, अनिल, सुमन, बीरमती, मंजूबाला, प्रमिला, ओमप्रकाश, कुलदीप, सुनीता, सत्यनारायण, बबली, कविता, संतलाल, उषा रानी, सुशीला, साधुराम, संतोष, बलराज और निर्मला का कहना था कि उन्होंने 30 मई तक तालाब की खुदाई की थी। इसके बाद 5 जून को कनिष्ठ अभियंता अश्वनी और बीएफटी सतीश खरैंटी गांव में पैमाइश के लिए पहुंचे थे पैमाइश कर कनिष्ठ अभियंता और बीएफटी ने कहा था कि उनकी मजदूरी पूरी आएगी। उन्होंने मजदूरों के पैमाइश पर हस्ताक्षर करवा लिए, लेकिन उसी दिन कनिष्ठ अभियंता अश्वनी का मंजीत मेट के पास फोन आया कि मजदूरी 274 रुपये के हिसाब से आएगी। जब उन्होंने जिला परिषद सीईओ के पास शिकायत की तो उन्होंने जेई कृष्ण दोबारा पैमाइश के लिए भेजा। उस समय कनिष्ठ अभियंता कृष्ण ने पैमाइश करते हुए कहा था कि मजदूरों ने कार्य पूरा किया हुआ है, लेकिन उनको 274 रुपये के हिसाब से मजदूरी दी गई। ग्राम पंचायत खरैंटी ने भी जिला परिषद सीईओ डॉ. किरण सिंह को पत्र लिखकर मनरेगा मजूदरों को काम दिलाने का अनुरोध किया है। मई में किए गए कार्य के उन्हें 374 के बजाय 270 रुपये ही दिए गए। मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिली।
विज्ञापन