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मनेरगा को खेती-किसानी से जोड़ा जाए : होशियार सिंह
Thu, 21 Sep 2023 11:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:13 AM IST
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किसान महापंचायत में मौजूद पंजाब और हरियाणा के किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। गढ़ी में चौ. घासीराम नैन की छठी पुण्यतिथि पर बुधवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता धमतान तपा प्रधान प्रीतम सिंह नैन की। महापंचायत में चौ. घासीराम के संघर्ष को याद करते हुए हरियाणा व पंजाब के किसानों ने श्रद्धांजलि दी गई।
महापंचायत मेंं मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय किसान नेता रूलदू सिंह मानसा, होशियार सिंह खरल, उगराहां ग्रुप से मा. कंवलजीत सिंह, प्रांतीय प्रधान चौ. जोगिंद्र घासीराम नैन, जियालाल महासचिव भारतीय किसान यूनियन हरियाणा, साहब सिंह पीपलथा, गुरनाम सिंह प्रधान कैथल शामिल हुए। रूलदू सिंह मानसा ने कहा कि किसानों की बहुत सी लंबित मांगें हैं, जिससे सरकार पूरा नहीं कर रही।
किसानों के सभी कर्जे बिना शर्त माफ करके किसानों को उनकी फसल का भाव लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देकर खरीद की गारंटी कानून बनाया जाए, ताकि किसानों को कर्ज लेना ही न पड़े व कर्जमुक्त रह सके। बिजली बिल 2022 को रद्द कर वापस लिया जाए। मनेरगा को खेती-किसानी से जोड़ा जाए।
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किसानों ने ये मांगें रखीं
होशियार सिंह खरल ने कहा कि किसान फसल बीमा योजना को बदल कर प्रति एकड़ इकाई मानकर बीमा प्रीमियम राशि सरकार स्वयं वहन करे। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल खत्म किया जाए। बाढ़ में हुए फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा प्रति एकड़ दिया जाए। जिस किसानों के दुधारू पशु बाढ़ में मारे गए हैं, उनका मुआवजा कम से कम एक लाख रुपये प्रति पशु दिया जाए, ट्यूबवेल व बाढ़ में हुए जमीन के कटाव का खर्चा सरकार वहन करे।
खराब हुई फसलों का मुआवजा पिछला समेत तुरंत दिया जाए। गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए। मनरेगा को खेती-किसानी से जोड़ा जाए आदि किसानों की मांगों को तुरंत माना जाए, वरना भाकियू हरियाणा आंदोलन करने पर मजबूर होगी। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के तहत इन सभी मांगों को लेकर सभी डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा और 26 नंबर 2023 को देश के सभी प्रांतों की राजधानियों में तीन दिन का पड़ाव डाला जाएगा। इस अवसर पर सिक्किम श्योकंद, आजाद पालवा मौजूद रहे।
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नरवाना। गढ़ी में चौ. घासीराम नैन की छठी पुण्यतिथि पर बुधवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता धमतान तपा प्रधान प्रीतम सिंह नैन की। महापंचायत में चौ. घासीराम के संघर्ष को याद करते हुए हरियाणा व पंजाब के किसानों ने श्रद्धांजलि दी गई।
महापंचायत मेंं मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय किसान नेता रूलदू सिंह मानसा, होशियार सिंह खरल, उगराहां ग्रुप से मा. कंवलजीत सिंह, प्रांतीय प्रधान चौ. जोगिंद्र घासीराम नैन, जियालाल महासचिव भारतीय किसान यूनियन हरियाणा, साहब सिंह पीपलथा, गुरनाम सिंह प्रधान कैथल शामिल हुए। रूलदू सिंह मानसा ने कहा कि किसानों की बहुत सी लंबित मांगें हैं, जिससे सरकार पूरा नहीं कर रही।
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किसानों के सभी कर्जे बिना शर्त माफ करके किसानों को उनकी फसल का भाव लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देकर खरीद की गारंटी कानून बनाया जाए, ताकि किसानों को कर्ज लेना ही न पड़े व कर्जमुक्त रह सके। बिजली बिल 2022 को रद्द कर वापस लिया जाए। मनेरगा को खेती-किसानी से जोड़ा जाए।
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किसानों ने ये मांगें रखीं
होशियार सिंह खरल ने कहा कि किसान फसल बीमा योजना को बदल कर प्रति एकड़ इकाई मानकर बीमा प्रीमियम राशि सरकार स्वयं वहन करे। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल खत्म किया जाए। बाढ़ में हुए फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा प्रति एकड़ दिया जाए। जिस किसानों के दुधारू पशु बाढ़ में मारे गए हैं, उनका मुआवजा कम से कम एक लाख रुपये प्रति पशु दिया जाए, ट्यूबवेल व बाढ़ में हुए जमीन के कटाव का खर्चा सरकार वहन करे।
खराब हुई फसलों का मुआवजा पिछला समेत तुरंत दिया जाए। गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए। मनरेगा को खेती-किसानी से जोड़ा जाए आदि किसानों की मांगों को तुरंत माना जाए, वरना भाकियू हरियाणा आंदोलन करने पर मजबूर होगी। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के तहत इन सभी मांगों को लेकर सभी डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा और 26 नंबर 2023 को देश के सभी प्रांतों की राजधानियों में तीन दिन का पड़ाव डाला जाएगा। इस अवसर पर सिक्किम श्योकंद, आजाद पालवा मौजूद रहे।