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Jind News: नहर पर काम करतीं मनरेगा मजदूर को सांप ने डंसा
Sun, 10 Dec 2023 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 10 Dec 2023 12:02 AM IST
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जुलाना। गतौली गांव में सुंदर ब्रांच नहर पर काम करते हुए मनरेगा महिला मजदूर को सांप ने डंस लिया। महिला को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया, जहां पर महिला मजदूर उपचाराधीन है। गतौली गांव निवासी 40 वर्षीय महिला महिंद्रो मनरेगा के तहत सुंदर ब्रांच नहर पर काम करने के लिए गई थी। दोपहर के समय अचानक एक सांप ने उसे काट लिया। महिला ने सांप के काटने पर शोर मचाया तो मनरेगा के मेट ने उसे जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाया। जहां पर महिला की हालत स्थिर बनी हुई है।
बाक्स
मजदूरों के पास नहीं थी प्राथमिक चिकित्सा किट
मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के लिए कार्य स्थल पर प्राथमिक सहायता किट होना अनिवार्य होता है, लेकिन सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं। लगभग हर गांव में मनरेगा का काम चला हुआ है, लेकिन किसी भी गांव में मनरेगा मजदूरों के लिए प्राथमिक सहायता किट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मजदूरों को खतरे में काम करने पर मजबूर होना पड़ता है। इसका खामियाजा मजदूरों को भुगतने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
बाक्स
लगभग दो महीने से मांगों को लेकर पंचकूला में धरना दे रहे हैं मनरेगा मेट और मजदूर
सरकार द्वारा मजदूरों के लिए वायदे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई भी काम नहीं किया जा रहा। मजदूरों की सुरक्षा राम भरोसे है। सरकार द्वारा मनरेगा मजदूरों के लिए प्राथमिक सहायता किट तो लागू कर दी, लेकिन किसी भी कार्यस्थल पर मजदूरों को कोई भी किट उपलब्ध नहीं करवाई जाती। मनरेगा मजदूरों की मांग है कि कोई भी मजदूर की काम के दौरान मौत होने पर उसके आश्रितों को कम से कम 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी और अपंग होने पर 15 लाख और मजदूरों के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए प्राथमिक सहायता बॉक्स होना जरूरी है।
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-- कृष्ण माजरा, प्रवक्ता मनरेगा मेट मजदूर समिति।
बाक्स
गतौली गांव से मनरेगा में काम करने वाली महिला को सांप ने काट लिया था। जिसके बाद उसे जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था। महिला के पैर पर सांप के काटे जाने के निशान थे। महिला का इलाज चल रहा है। अभी महिला खतरे से बाहर है।
-डॉ. साहिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना।
बाॅक्स
मनरेगा मजदूरों के लिए मेट को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य स्थल पर प्राथमिक सहायता किट उपलब्ध करवाई जाए। प्राथमिक सहायता किट ग्राम पंचायत को देनी होती है। अगर ऐसी बात है तो प्राथमिक सहायता किट उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
-- नेहा, एबीपीओ(एडिशनल ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर) डीआरडीए, जुलाना।
फ ोटो कैप्शन
09जेएनडी26: जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचाराधीन मनरेगा महिला मजदूर।
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मजदूरों के पास नहीं थी प्राथमिक चिकित्सा किट
मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के लिए कार्य स्थल पर प्राथमिक सहायता किट होना अनिवार्य होता है, लेकिन सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं। लगभग हर गांव में मनरेगा का काम चला हुआ है, लेकिन किसी भी गांव में मनरेगा मजदूरों के लिए प्राथमिक सहायता किट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मजदूरों को खतरे में काम करने पर मजबूर होना पड़ता है। इसका खामियाजा मजदूरों को भुगतने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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लगभग दो महीने से मांगों को लेकर पंचकूला में धरना दे रहे हैं मनरेगा मेट और मजदूर
सरकार द्वारा मजदूरों के लिए वायदे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई भी काम नहीं किया जा रहा। मजदूरों की सुरक्षा राम भरोसे है। सरकार द्वारा मनरेगा मजदूरों के लिए प्राथमिक सहायता किट तो लागू कर दी, लेकिन किसी भी कार्यस्थल पर मजदूरों को कोई भी किट उपलब्ध नहीं करवाई जाती। मनरेगा मजदूरों की मांग है कि कोई भी मजदूर की काम के दौरान मौत होने पर उसके आश्रितों को कम से कम 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी और अपंग होने पर 15 लाख और मजदूरों के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए प्राथमिक सहायता बॉक्स होना जरूरी है।
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गतौली गांव से मनरेगा में काम करने वाली महिला को सांप ने काट लिया था। जिसके बाद उसे जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था। महिला के पैर पर सांप के काटे जाने के निशान थे। महिला का इलाज चल रहा है। अभी महिला खतरे से बाहर है।
-डॉ. साहिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना।
बाॅक्स
मनरेगा मजदूरों के लिए मेट को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य स्थल पर प्राथमिक सहायता किट उपलब्ध करवाई जाए। प्राथमिक सहायता किट ग्राम पंचायत को देनी होती है। अगर ऐसी बात है तो प्राथमिक सहायता किट उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
फ ोटो कैप्शन
09जेएनडी26: जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचाराधीन मनरेगा महिला मजदूर।