{"_id":"67fd61dcf9af29b8530b9ca5","slug":"mla-vinesh-reached-to-check-the-wheat-purchase-there-was-a-difference-of-two-quintals-in-the-weight-of-two-weighing-scales-jind-news-c-199-1-sroh1009-133104-2025-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: गेहूं खरीद की जांच करने पहुंची विधायक विनेश, दो धर्मकांटों के तौल में मिला दो क्विंटल का अंतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: गेहूं खरीद की जांच करने पहुंची विधायक विनेश, दो धर्मकांटों के तौल में मिला दो क्विंटल का अंतर
Tue, 15 Apr 2025 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 15 Apr 2025 12:58 AM IST
विज्ञापन
14जेएनडी14: मंडी में कांटों की जांच के बाद मार्केट कमेटी सचिव से बात करते हुए विधायक विनेश फोगा
जींद/जुलाना। जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने सोमवार को नई अनाजमंडी में गेहूं खरीद का जायजा लिया। इस दौरान मंडी के गेट पर पहुंचते ही उन्होंने काटों के तौल के बारे में बात करते हुए मंडी में कांटों की मिल रही शिकायत को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि मंडी के कांटे ठीक नही हैं। इसलिए किसानों को बाहर के धर्मकांटों पर वजन करवाना पड़ रहा है।
विधायक विनेश फोगाट ने मंडी के सभी कांटों पर एक ट्राॅली का तोल करवाकर जांच करवाई, ताकि पता लगे कि मंडी के सभी कांटे सुचारू रूप से काम कर रहे हैं या नहीं। चिड़ी गांव का किसान विनोद जब मंडी में फसल लेकर पहुंचा तो मंडी के दोनों कांटों पर उसकी ट्रॉली का तौल कराया। इससे पता चला कि मंडी में दोनों कांटों में दाे क्विंटल का अंतर है। इस पर विनेश फोगाट भड़क गई और अधिकारियों को कहा कि इतना अंतर कैसे है तो अधिकारियों ने कहा कि कल शाम को ही कांटों का मूल्यांकन कराया था। उस समय सभी कांटे ठीक पाए गए थे। जल्द ही दोनाें कांटों को ठीक करवा दिया जाएगा। विधायक ने कहा कि रोजाना शाम को कांटों की जांच करवाएं, अगर कोई दिक्कत है तो तुरंत ठीक करवाएं। इसके बाद विधायक ने कहा कि गेहूं के बाहर वजन करवाने का असर किसानों की जेब पर पड़ रहा है। इस पर मार्केट कमेटी के उप सचिव सिकंदर सांगवान ने कहा कि किसानों को तौल के साथ पर्ची दी जा रही, लेकिन स्टाफ की कमी है। इस पर विनेश ने कहा कि गेहूं की खरीद का सीजन खत्म होने के बाद स्टाफ आएगा क्या। अधिकारी ने कहा कि सरकार को मांग भेजी है, जल्द ही स्टाफ मिलने की उम्मीद है।
तौल में मिल रही गडबड़, लाखों रुपये का खामियाजा भुगत रहे किसान
अनाजमंडी में मार्केट कमेटी ने किसानों की फसल को तौलने के लिए 7 धर्म कांटे लगवाए हैं, लेकिन सभी सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। कोई भी किसान या आढ़ती कांटे पर तौल करवाने की बजाए बाहर के कांटों पर तौल करवाना ही बेहतर समझता है, क्योंकि मंडी के कांटों में प्रति ट्रॉली लगभग दो क्विंटल तक का अंतर मिलता है। अगर किसान मंडी में तौल करवाता है तो हजारों रुपये के घाटे से किसानों को गुजरना पड़ता है। किसानों को प्रति ट्रॉली के हिसाब से 100 रुपये तक तोल के नाम पर बाहर चुकाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
हर वर्ष मंडी में आता है 9 लाख क्विंटल गेहूं
मंडी में हर वर्ष औसतन 9 लाख क्विंटल गेहूं आता है। इसके बावजूद मंडी में किसानों को बाहर तौल करवाना पड़ता है। एक ट्रॉली में लगभग 80 क्विंटल गेहूं आता है। इस हिसाब से 11250 ट्राॅलियां मंडी में फसल लेकर पहुंचती हैं। 100 रुपये प्रति ट्रॉली के हिसाब से किसानों को चुकाने पड़ते हैं, तो हर सीजन पर किसानों की जेब पर सवा 11 लाख रुपये का बोझ पड़ता है।
दो लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई
जिलेभर की अनाज मंडियों में सोमवार तक 34 हजार गेट पास कटे। इसमें किसानों की दो लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से अब तक 72 हजार मीट्रिक टन की खरीद हुई। मंडियों से सोमवार को उठान प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि किसानों को गेहूं उठान के बाद पेमेंट जारी कर दी जाए।
मार्केट कमेटी सीजन की शुरुआत में सभी कांटों का आंकलन करवाता है। कांटों में तौल के लिए सेंसर लगे होते हैं। बरसात से कांटों में पानी लग गया था। मैकेनिक टीम को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही कांटे को ठीक कर दिया जाएगा।
-- कोमिला, सचिव मार्केट कमेटी जुलाना।
विज्ञापन
विधायक विनेश फोगाट ने मंडी के सभी कांटों पर एक ट्राॅली का तोल करवाकर जांच करवाई, ताकि पता लगे कि मंडी के सभी कांटे सुचारू रूप से काम कर रहे हैं या नहीं। चिड़ी गांव का किसान विनोद जब मंडी में फसल लेकर पहुंचा तो मंडी के दोनों कांटों पर उसकी ट्रॉली का तौल कराया। इससे पता चला कि मंडी में दोनों कांटों में दाे क्विंटल का अंतर है। इस पर विनेश फोगाट भड़क गई और अधिकारियों को कहा कि इतना अंतर कैसे है तो अधिकारियों ने कहा कि कल शाम को ही कांटों का मूल्यांकन कराया था। उस समय सभी कांटे ठीक पाए गए थे। जल्द ही दोनाें कांटों को ठीक करवा दिया जाएगा। विधायक ने कहा कि रोजाना शाम को कांटों की जांच करवाएं, अगर कोई दिक्कत है तो तुरंत ठीक करवाएं। इसके बाद विधायक ने कहा कि गेहूं के बाहर वजन करवाने का असर किसानों की जेब पर पड़ रहा है। इस पर मार्केट कमेटी के उप सचिव सिकंदर सांगवान ने कहा कि किसानों को तौल के साथ पर्ची दी जा रही, लेकिन स्टाफ की कमी है। इस पर विनेश ने कहा कि गेहूं की खरीद का सीजन खत्म होने के बाद स्टाफ आएगा क्या। अधिकारी ने कहा कि सरकार को मांग भेजी है, जल्द ही स्टाफ मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
तौल में मिल रही गडबड़, लाखों रुपये का खामियाजा भुगत रहे किसान
अनाजमंडी में मार्केट कमेटी ने किसानों की फसल को तौलने के लिए 7 धर्म कांटे लगवाए हैं, लेकिन सभी सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। कोई भी किसान या आढ़ती कांटे पर तौल करवाने की बजाए बाहर के कांटों पर तौल करवाना ही बेहतर समझता है, क्योंकि मंडी के कांटों में प्रति ट्रॉली लगभग दो क्विंटल तक का अंतर मिलता है। अगर किसान मंडी में तौल करवाता है तो हजारों रुपये के घाटे से किसानों को गुजरना पड़ता है। किसानों को प्रति ट्रॉली के हिसाब से 100 रुपये तक तोल के नाम पर बाहर चुकाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
हर वर्ष मंडी में आता है 9 लाख क्विंटल गेहूं
मंडी में हर वर्ष औसतन 9 लाख क्विंटल गेहूं आता है। इसके बावजूद मंडी में किसानों को बाहर तौल करवाना पड़ता है। एक ट्रॉली में लगभग 80 क्विंटल गेहूं आता है। इस हिसाब से 11250 ट्राॅलियां मंडी में फसल लेकर पहुंचती हैं। 100 रुपये प्रति ट्रॉली के हिसाब से किसानों को चुकाने पड़ते हैं, तो हर सीजन पर किसानों की जेब पर सवा 11 लाख रुपये का बोझ पड़ता है।
दो लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई
जिलेभर की अनाज मंडियों में सोमवार तक 34 हजार गेट पास कटे। इसमें किसानों की दो लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से अब तक 72 हजार मीट्रिक टन की खरीद हुई। मंडियों से सोमवार को उठान प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि किसानों को गेहूं उठान के बाद पेमेंट जारी कर दी जाए।
मार्केट कमेटी सीजन की शुरुआत में सभी कांटों का आंकलन करवाता है। कांटों में तौल के लिए सेंसर लगे होते हैं। बरसात से कांटों में पानी लग गया था। मैकेनिक टीम को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही कांटे को ठीक कर दिया जाएगा।