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Jind News: न्यूनतम तापमान छह डिग्री पर अटका, ठिठुरन बढ़ी
Mon, 08 Jan 2024 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 08 Jan 2024 11:28 PM IST
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अधिक ठंड होने के कारण अलाव सेकते लोग। संवाद
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जींद। पिछले 12 दिन से लगातार कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। धूप नहीं निकलने के कारण लोग ठंड से परेशान हैं। दिनभर तेज हवा चलने के कारण शीतलहर का प्रकोप जारी है। न्यूनतम तापमान छह डिग्री से ज्यादा नहीं बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार व बुधवार को बारिश की संभावना है। लगातार पड़ रही ठंड का असर फसलों पर पड़ने लगा है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप नहीं निकलने और हवा चलने के कारण शीतलहर लगातार जारी है। शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबकने पर मजबूर हो रहे हैं। अपने काम के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी हो रही है। हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा है। यह गति कभी छह किलोमीटर तो कभी पांच किलोमीटर चल रही है। सुबह के समय कोहरा गिर रहा है, जो सुबह दस बजे तक छंट जाता है। रात के समय ओस की बूंदें गिरती रहती हैं। शाम को छह बजे ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। लगातार पड़ रही ठंड के कारण गेहूं की फसल में पीलापन आ रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अपनी फसलों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
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बुजुर्गों को बचाने की विशेष जरूरत
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि इस समय ठंड का ज्यादा प्रभाव बुजुर्गों पर हाे सकता है। ठंड के कारण मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इसलिए उनको हृदयघात का खतरा बढ़ सकता है। बुजुर्गों को अपने कमरे से बाहर नहीं निकलना चाहिए। जब तक धूप नहीं निकलती, बुजुर्गों को ठंड से बचाव के विशेष उपाय करने चाहिए।
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लगातार ठंड पड़ने से फसलों में पीलापन आ गया है। किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई करनी चाहिए। मंगलवार व बुधवार को बारिश की संभावना है। उसके बाद ही मौसम कुछ खुल सकता है।-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।
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सोमवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप नहीं निकलने और हवा चलने के कारण शीतलहर लगातार जारी है। शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबकने पर मजबूर हो रहे हैं। अपने काम के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी हो रही है। हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा है। यह गति कभी छह किलोमीटर तो कभी पांच किलोमीटर चल रही है। सुबह के समय कोहरा गिर रहा है, जो सुबह दस बजे तक छंट जाता है। रात के समय ओस की बूंदें गिरती रहती हैं। शाम को छह बजे ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। लगातार पड़ रही ठंड के कारण गेहूं की फसल में पीलापन आ रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अपनी फसलों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
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बुजुर्गों को बचाने की विशेष जरूरत
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि इस समय ठंड का ज्यादा प्रभाव बुजुर्गों पर हाे सकता है। ठंड के कारण मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इसलिए उनको हृदयघात का खतरा बढ़ सकता है। बुजुर्गों को अपने कमरे से बाहर नहीं निकलना चाहिए। जब तक धूप नहीं निकलती, बुजुर्गों को ठंड से बचाव के विशेष उपाय करने चाहिए।
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लगातार ठंड पड़ने से फसलों में पीलापन आ गया है। किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई करनी चाहिए। मंगलवार व बुधवार को बारिश की संभावना है। उसके बाद ही मौसम कुछ खुल सकता है।-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।