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यूक्रेन के खारकीव में फंसा मेहरड़ा का छात्र अजय
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जुलाना। यूक्रेन में गांव मेहरड़ा निवासी 22 वर्षीय अजय फंसा हुआ है। अजय ने अपने घर पर फोन कर परिजनों को वहां के हालात के बारे में जानकारी दी है। उसने परिजनों बताया कि उसके पास सिर्फ पासपोर्ट व एक जोड़ी कपड़े हैं और दो दिन से मेट्रो स्टेशन में शरण ले रखी है। अजय के परिजनों ने सरकार से मांग की है कि बच्चों को तुरंत यूक्रेन से निकाला जाए।
अजय के भाई विजय ने बताया कि यूक्रेन में रूस की ओर से की जा रही बमबारी के कारण परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को उम्मीद थी कि उनका बेटा डॉक्टर बनकर देश सेवा करेगा, लेकिन अब वे इस दुविधा में हैं कि उनका बेटा सकुशल घर कैसे आएगा। परिजनों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द अजय की वतन वापसी के लिए कदम उठाए जाएं। अजय के भाई विजय ने बताया कि तीन साल पहले अजय को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए परिजनों ने यूक्रेन के खारकीव में भेजा था। पिता सुभाष बीएसएफ से रिटायर्ड होकर अब हरियाणा पुलिस में पीएसओ की नौकरी कर रहे हैं और माता गृहिणी हैं। विजय ने बताया कि अजय का शुक्रवार को सुबह फोन आया था। अजय ने बताया कि उन्हें खारकीव में एक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन पर रखा गया है। यूक्रेन में हालात बहुत खराब हैं। वह भी घबराया हुआ है। घर पर मां का रो-रो कर बुरा हाल है।
सरकार यूक्रेन में फंसे बच्चों को तुरंत निकाले : कौशिक
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता व जिला मीडिया प्रभारी डॉ. गणेश कौशिक ने सरकार से मांग की है कि यूक्रेन में फंसे प्रदेश के बच्चों को तुरंत निकाला जाए। उन्होंने कहा कि जींद जिले के भी करीब 50 बच्चे वहां फंसे हुए हैं। इसको लेकर सरकार गंभीर नहीं है। युद्ध आरंभ होने से पहले ही इनको वहां से निकाल लेना चाहिए था, लेकिन सरकार युद्ध होने के दो-तीन दिन बाद भी चुप बैठी रही।
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अजय के भाई विजय ने बताया कि यूक्रेन में रूस की ओर से की जा रही बमबारी के कारण परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को उम्मीद थी कि उनका बेटा डॉक्टर बनकर देश सेवा करेगा, लेकिन अब वे इस दुविधा में हैं कि उनका बेटा सकुशल घर कैसे आएगा। परिजनों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द अजय की वतन वापसी के लिए कदम उठाए जाएं। अजय के भाई विजय ने बताया कि तीन साल पहले अजय को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए परिजनों ने यूक्रेन के खारकीव में भेजा था। पिता सुभाष बीएसएफ से रिटायर्ड होकर अब हरियाणा पुलिस में पीएसओ की नौकरी कर रहे हैं और माता गृहिणी हैं। विजय ने बताया कि अजय का शुक्रवार को सुबह फोन आया था। अजय ने बताया कि उन्हें खारकीव में एक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन पर रखा गया है। यूक्रेन में हालात बहुत खराब हैं। वह भी घबराया हुआ है। घर पर मां का रो-रो कर बुरा हाल है।
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सरकार यूक्रेन में फंसे बच्चों को तुरंत निकाले : कौशिक
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता व जिला मीडिया प्रभारी डॉ. गणेश कौशिक ने सरकार से मांग की है कि यूक्रेन में फंसे प्रदेश के बच्चों को तुरंत निकाला जाए। उन्होंने कहा कि जींद जिले के भी करीब 50 बच्चे वहां फंसे हुए हैं। इसको लेकर सरकार गंभीर नहीं है। युद्ध आरंभ होने से पहले ही इनको वहां से निकाल लेना चाहिए था, लेकिन सरकार युद्ध होने के दो-तीन दिन बाद भी चुप बैठी रही।
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