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जींद शहर के विकास कार्यों में हुई गड़बड़ी को लेकर चंडीगढ़ में की मीटिंग
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डॉ. कृष्ण मिड्ढा।
- फोटो : Jind
करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद ही बदहाली के लिए चर्चाओं में रहे जींद शहर की विकास परियोजनाओं में गड़बड़ी को लेकर विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी की मीटिंग बुधवार को चंडीगढ़ में हुई। इसमें सब्जेक्ट कमेटी ने तय किया है कि सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारी तय करें। मीटिंग हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग, लोकनिर्माण विभाग शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिवों को मीटिंग में जाना था, लेकिन शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एसीएस मीटिंग में शामिल नहीं हुए। जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने इस दौरान सब्जेक्ट कमेटी व अधिकारियों को प्रोजेक्टर पर शहर की बदहाली की तस्वीरें दिखाई। इस पर अधिकारियों ने भी माना की गड़बड़ी हुई है। अब एक महीने बाद होने वाली मीटिंग में दोषी अधिकारियों की सजा तय की जाएगी।
दरअसल यह विवाद नगरपरिषद, जनस्वास्थ्य विभाग व लोकनिर्माण विभाग के बीच उलझा हुआ है। नगरपरिषद द्वारा करीब 35 करोड़ रुपये से शहर में बरसाती पानी निकासी के लिए पाइप लाइन दबाई गई है। इसके बादले नगरपरिषद द्वारा लोकनिर्माण विभाग को करीब 12 करोड़ रुपये दिए गए। इसके बाद जून महीने में लोकनिर्माण विभाग ने रोहतक रोड व मिनीबाईपास का निर्माण किया था। वहीं जुलाई महीने में हुई बारिश में रोहतक रोड पूरी तरह से संध गया, जबकि मिनीबाईपास की सड़क भी हैप्पी स्कूल के पास दरक गई। स्थानीय स्तर पर हुई जांच में पाया गया कि जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन में पानी का रिसाव होने के कारण सड़क धंसी है। इस मामले में जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनकी लाइन बहुत पहले से है। यदि लाइन में रिसाव होता तो सड़क पहले धंसती। ऐसे में यह मामला तीनों विभागों के बीच में उलझ गया है। इसको लेकर ही चार अगस्त को सब्जेक्ट कमेटी ने जींद का दौरा किया था।
विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी पलवल के भाजपा विधायक दीपक मंगला की अध्यक्षता में बनाई गई है। इसमें हांसी के भाजपा विधायक विनोद भयाणा विधायक, कैथल के विधायक लीलाराम, जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा, आफताब अहमद, प्रवीण डागर, मामन खान, शमशेर सिंह गोगी, देवेंद्र सिंह गोगी व मोहम्मद इलियास सदस्य हैं। हालांकि चार अगस्त को जींद दौरे के दौरान पांच ही विधायक शामिल रहे, लेकिन बुधवार को हुई मीटिंग में सभी दसों विधायक शामिल हुए।
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मीटिंग के दौरान एसीएस स्तर के अधिकारियों ने जींद के बड़े अधिकारी पर भी सख्त रवैया दिखाया। इस दौरान कहा गया कि जो काम जींद के अधिकारियों को करना चाहिए, वह काम विधायक द्वारा किया जा रहा है।
हालांकि सब्जेक्ट कमेटी ने बुधवार को हुई मीटिंग में किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की कोई बात नहीं कही है, लेकिन इससे पहले आठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें नगरपरिषद के तीन, जनस्वास्थ्य विभाग के तीन व लोकनिर्माण विभाग के दो अधिकारी शमिल हैं। इनकी रिपोर्ट भी सब्जेक्ट कमेटी द्वारा मंगवाई गई है।
कमेटी ने कहा कि है कि तीनों विभाग यह तय करें कि इस मामले में किस विभाग की कितने प्रतिशत लापरवाही रही है। इसके बाद यह भी तय किया जाएगा कि विभाग के किस अधिकारी की भूमिका क्या रही है। ऐसे में अधिकारियों पर रिकवरी की तलवार लटक रही है।
कमेटी ने मीटिंग में सभी पहलुओं पर चर्चा की है। कमेटी क्या फैसला लेगी, वह बाद में तय होगा, लेकिन शहर की सड़कें बनाने व अधिकारियों की भूमिका तय करने की जिम्मेदारी विभागों पर डाल दी गई है। एक महीने बाद फिर मीटिंग होगी। इसमें तय होगा कि क्या कार्रवाई होगी। -डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक, जींद।
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दरअसल यह विवाद नगरपरिषद, जनस्वास्थ्य विभाग व लोकनिर्माण विभाग के बीच उलझा हुआ है। नगरपरिषद द्वारा करीब 35 करोड़ रुपये से शहर में बरसाती पानी निकासी के लिए पाइप लाइन दबाई गई है। इसके बादले नगरपरिषद द्वारा लोकनिर्माण विभाग को करीब 12 करोड़ रुपये दिए गए। इसके बाद जून महीने में लोकनिर्माण विभाग ने रोहतक रोड व मिनीबाईपास का निर्माण किया था। वहीं जुलाई महीने में हुई बारिश में रोहतक रोड पूरी तरह से संध गया, जबकि मिनीबाईपास की सड़क भी हैप्पी स्कूल के पास दरक गई। स्थानीय स्तर पर हुई जांच में पाया गया कि जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन में पानी का रिसाव होने के कारण सड़क धंसी है। इस मामले में जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनकी लाइन बहुत पहले से है। यदि लाइन में रिसाव होता तो सड़क पहले धंसती। ऐसे में यह मामला तीनों विभागों के बीच में उलझ गया है। इसको लेकर ही चार अगस्त को सब्जेक्ट कमेटी ने जींद का दौरा किया था।
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विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी पलवल के भाजपा विधायक दीपक मंगला की अध्यक्षता में बनाई गई है। इसमें हांसी के भाजपा विधायक विनोद भयाणा विधायक, कैथल के विधायक लीलाराम, जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा, आफताब अहमद, प्रवीण डागर, मामन खान, शमशेर सिंह गोगी, देवेंद्र सिंह गोगी व मोहम्मद इलियास सदस्य हैं। हालांकि चार अगस्त को जींद दौरे के दौरान पांच ही विधायक शामिल रहे, लेकिन बुधवार को हुई मीटिंग में सभी दसों विधायक शामिल हुए।
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मीटिंग के दौरान एसीएस स्तर के अधिकारियों ने जींद के बड़े अधिकारी पर भी सख्त रवैया दिखाया। इस दौरान कहा गया कि जो काम जींद के अधिकारियों को करना चाहिए, वह काम विधायक द्वारा किया जा रहा है।
हालांकि सब्जेक्ट कमेटी ने बुधवार को हुई मीटिंग में किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की कोई बात नहीं कही है, लेकिन इससे पहले आठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें नगरपरिषद के तीन, जनस्वास्थ्य विभाग के तीन व लोकनिर्माण विभाग के दो अधिकारी शमिल हैं। इनकी रिपोर्ट भी सब्जेक्ट कमेटी द्वारा मंगवाई गई है।
कमेटी ने कहा कि है कि तीनों विभाग यह तय करें कि इस मामले में किस विभाग की कितने प्रतिशत लापरवाही रही है। इसके बाद यह भी तय किया जाएगा कि विभाग के किस अधिकारी की भूमिका क्या रही है। ऐसे में अधिकारियों पर रिकवरी की तलवार लटक रही है।
कमेटी ने मीटिंग में सभी पहलुओं पर चर्चा की है। कमेटी क्या फैसला लेगी, वह बाद में तय होगा, लेकिन शहर की सड़कें बनाने व अधिकारियों की भूमिका तय करने की जिम्मेदारी विभागों पर डाल दी गई है। एक महीने बाद फिर मीटिंग होगी। इसमें तय होगा कि क्या कार्रवाई होगी। -डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक, जींद।

बारिश के कारण धंसा रोहतक रोड, जिसकी जांच सब्जेक्ट कमेटी कर रही है। - फोटो : Jind