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मेडिकल कॉलेज के साथ ही बनेगा डेंटल कॉलेज

jind Updated Fri, 24 Jun 2016 01:14 AM IST
हैबतपुर गांव में मेडिकल कॉलेज के लिए सजरे से जमीन का मिलान करते डीसी विनय सिंह व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।
हैबतपुर गांव में मेडिकल कॉलेज के लिए सजरे से जमीन का मिलान करते डीसी विनय सिंह व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। - फोटो : bureau
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जिला के लोगों के लिए अच्छी खबर है। जींद में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के साथ ही अब डेंटल कॉलेज भी बनाया जाएगा। इसके लिए पीजीआई रोहतक के निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता, करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. सुरेंद्र कश्यप व स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद की टीम ने बृहस्पतिवार को जींद का दौरा किया। इस दौरान टीम ने डीसी विनय सिंह और एसडीएम योगेश कुमार के साथ मिलकर जींद के नागरिक अस्पताल, बना गांव व हैबतपुर गांव की साइट देखी। हालांकि मेडिकल और डेंटल कॉलेज के लिए अंतिम फैसला अभी सरकार को लेना है, लेकिन सूत्रों के अनुसार विशेषज्ञों ने बधाना गांव की साइट को सही नहीं बताया है। वहीं वर्तमान नागरिक अस्पताल के साथ लगते पटवार भवन का भी दौरा किया गया।
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ऐसा है जमीन गणित
मेडिकल कॉलेज के लिए कम से कम 20 एकड़ जमीन की जरूरत होती है और नागरिक अस्पताल में 24 एकड़ जमीन है, लेकिन में निर्माण हो चुका है। अब केवल नौ एकड़ जमीन ही खाली है। ऐसे में पटवार भवन से चार एकड़ जमीन और इसमें मिलाई जा सकती है। वहीं डीसी विनय सिंह ने विशेषज्ञों को बस स्टैंड की जमीन भी खाली होने पर मेडिकल कॉलेज के लिए ऑफर की है। यह कुल मिलाकर करीब 23 एकड़ जमीन बनती है। इसके अलावा हैबतपुर गांव की पंचायत ने सवा 24 एकड़ जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए देने का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में यह पूरी जमीन 47 एकड़ बनती है, जो मेडिकल कॉलेज के लिए पर्याप्त रहेगी।

एसडीएम भेजेंगे रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तीनों साइट देखी ली हैं, लेकिन अब यहां बिजली, पानी, सीवरेज, मिट्टी की स्थिति जैसी आधारभूत सुविधाओं की रिपोर्ट एसडीएम योगेश कुमार अधिकारियों को भेजेंगे। इसके आधार पर ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

ऑफ साइट है बधाना
वहीं सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल कॉलेज के लिए एक साथ 40 एकड़ जमीन तो मिल रही है, लेकिन यह ऑफ साइट है। एक तो यह शहर से बहुत दूर है और फिर मुख्य मार्ग से भी काफी अंदर है। ऐसे में यहां पहुंचना मुश्किल है। विशेषज्ञों ने तर्क दिए कि यदि यहां मेडिकल कॉलेज बनता है तो फैकल्टी को रोक पाना ही बहुत मुश्किल होगा।

आज मेडिकल कॉलेज के लिए तीन जगह साइट देखी है, इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। यहां मौजूद सुविधाओं की जानकारी भी प्रशासन से ली गई है। इसके आधार पर अब सरकार को मेडिकल कॉलेज का फैसला करना है। भविष्य में मेडिकल कॉलेज के विकास में कई सारे और भी अध्याय जुड़ने होते हैं, इसको ध्यान में रखकर ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
- डॉॅ.राकेश गुप्ता, निदेशक पीजीआईएमएस रोहतक।

नई परिस्थितियों में जहां मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, वहां डेंटल कॉलेज भी बनाए जा रहे हैं। पुराने मेडिकल कॉलेज में भी डेंटल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे में जींद में मेडिकल कॉलेज के साथ ही डेंटल कॉलेज भी बनाया जाएगा।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अतिरिक्त निदेशक, स्वास्थ्य विभाग


नागरिक अस्पताल में बनेगी डायग्नोजिस्टक लैब
जींद के नागरिक अस्पताल में नवीनतम तकनीक पर आधारित डायग्नोजिस्टक लैब बनेगी, जिसमें डेंगू जैसी बीमारी से ग्रस्त मरीज की जांच करने जैसी मशीन भी उपलब्ध हो जाएगी। हरियाणा से राज्यसभा सांसद और रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इसके लिए सांसद निधि कोष से एक करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की है। डीसी विनय सिंह ने बताया कि राशि से डायग्नोजिस्टक लैब स्थापित की जाएगी। लैब में आधुनिक तकनीक पर आधारित मशीनें स्थापित की जाएंगी।
 
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