फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   male teacher declared himself pregnant woman In Haryana, took steps to avoid election duty

Haryana: पुरुष टीचर ने खुद को बताया गर्भवती महिला, चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए उठाया कदम; जांच के आदेश जारी

Thu, 09 May 2024 06:46 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 09 May 2024 06:46 PM IST
सार

जींद में चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए सरकारी टीचर ने गजब का कारनामा कर दिया। जिसके कारण डीसी ने उस पर जांच के आदेश जारी किए हैं। दरअसल, टीचर ने चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए खुद को गर्भवती महिला साबित कर दिया।

विज्ञापन
male teacher declared himself pregnant woman In Haryana, took steps to avoid election duty
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय - फोटो : संवाद

विस्तार

जींद के डाहौला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पीजीटी पुरुष शिक्षक ने खुद को गर्भवती महिला दिखा लोकसभा चुनाव ड्यूटी क टवा ली। यह खुलासा तब हुआ जब शिक्षक सतीश कुमार की कहीं भी डयूटी नहीं लगी और सॉफ्टवेयर ने गर्भवती महिला होने पर डाटा नहीं उठाया। डाहौला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने जिला प्रशासन के पास भेजे गए कर्मचारियों के डाटा में पीजीटी हिंदी के पद पर कार्यरत शिक्षक सतीश कुमार को न केवल महिला कर्मचारी दर्शाया बल्कि उसे गर्भवती होना भी दर्शाया है।

विज्ञापन


यह मामला जब जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा के समक्ष आया तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से जांच कमेटी गठित कर दी। इस मामले को निर्वाचन आयोग और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भी भेजा जाएगा। डीसी ने वीरवार को इस मामले में सीधे रूप से जुड़े पीजीटी सतीश कुमार, प्राचार्य अनिल कुमार और कंप्यूटर ऑप्रेटर मंजीत को अपने कार्यालय में तलब कर उनसे मामले के बारे में यह पूछा लेकिन तीनों ने इसमें अपनी अनभिज्ञता जाहिर की।
विज्ञापन


गौरतलब है कि चुनाव को संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, जिनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर क्लास वन तक के अधिकारी भी शामिल होते हैं। कर्मचारियों के पीठासीन अधिकारी, सहायक पीठासीन अधिकारी के अलावा एसएसटी, एफएसटी, वीडियो सर्विलेंस टीम, वीडियो वीविंग टीम, फ्लाइंग स्क्वेड आदि अनेक टीमों में ड्यूटी होती है। इसी बीच जिला प्रशासन के पास प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा चुनावी ड्यूटी से छुटकारा पाने के लिए सिफारिश पहुंचती हैं लेकिन चुनावी ड्यूटी से छूट जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप केवल किसी विशेष परिस्थिति में ही दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीसी ने बैठाई जांच कमेटी
डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि कर्मचारी चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए इस तरह का कदम भी उठा सकते हैं। यह अपने आप में एक अनूठा और आश्चर्यजनक मामला है। इस मामले में नगराधीश एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नमिता कुमारी की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बैठाई गई है। जांच कमेटी द्वारा इस पूरे मामले की छानबीन की जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ-साथ इस केस की रिपोर्ट शिक्षा विभाग और निर्वाचन आयोग के पास में ही भेजी जाएगी।


अधिकारी के अनुसार
लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्वक ढंग से करवाने के लिए छोटे कर्मचारी से लेकर अधिकारी की अहम भूमिका होती है। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए गैर जिम्मेदाराना या गलत रास्ता अपनाते हैं तो वह ड्यूटी में लापरवाही और कोताही मानी जाती है। ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होती है। -मोहम्मद इमरान रजा, जिला निर्वाचन अधिकारी, जींद।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed