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किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए करें जागरूक : एसडीएम
Sat, 21 Sep 2024 02:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 21 Sep 2024 02:10 AM IST
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20जेएनडी30: फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों की मीटिंग लेते हुए एसडीएम डॉ. कि
उचाना। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूकता अभियान चलाने, किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी देने के लिए उपमंडल कार्यालय में शुक्रवार को एसडीएम डॉ. किरण सिंह की अध्यक्षता में कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई।
एसडीएम ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को फसल के अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव तथा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि पहले किसानों के लिए फसल अवशेष का प्रबंधन करने में बड़ी परेशानी होती थी। जब कोई किसान फसल के अवशेष को खेतों में जला देता था, तो न केवल उस जमीन को नुकसान होता था, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित होता था। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष प्रबंधन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कई योजनाएं चलाईं और इनको लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग के इस कदम से फसल अवशेष प्रबंधन को बल मिला और आज कई किसान इससे ही लाखों रुपये कमा रहे हैं। फसल अवशेष का प्रयोग अब बिजली उत्पादन और उद्योगों में कई प्रकार की वस्तुएं बनाने में होने लगा है। जो किसानों के लिए फायदे का सौदा बना है।
उन्होंने कहा कि किसानों को भी फसल अवशेष प्रबंधन की ओर कदम बढ़ाते हुए काम करना होगा। इससे जहां उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी, वहीं वातावरण सहित जमीन को नुकसान होने से भी बचाया जा सकेगा। विभाग की ओर से भी किसानों के लिए कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की गई है। इससे किसानों को विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों को अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाया जाता है। साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर काम करने वाले किसानों की विभाग की ओर से मदद भी की जाती है।
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एसडीएम ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को फसल के अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव तथा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि पहले किसानों के लिए फसल अवशेष का प्रबंधन करने में बड़ी परेशानी होती थी। जब कोई किसान फसल के अवशेष को खेतों में जला देता था, तो न केवल उस जमीन को नुकसान होता था, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित होता था। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष प्रबंधन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कई योजनाएं चलाईं और इनको लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग के इस कदम से फसल अवशेष प्रबंधन को बल मिला और आज कई किसान इससे ही लाखों रुपये कमा रहे हैं। फसल अवशेष का प्रयोग अब बिजली उत्पादन और उद्योगों में कई प्रकार की वस्तुएं बनाने में होने लगा है। जो किसानों के लिए फायदे का सौदा बना है।
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उन्होंने कहा कि किसानों को भी फसल अवशेष प्रबंधन की ओर कदम बढ़ाते हुए काम करना होगा। इससे जहां उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी, वहीं वातावरण सहित जमीन को नुकसान होने से भी बचाया जा सकेगा। विभाग की ओर से भी किसानों के लिए कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की गई है। इससे किसानों को विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों को अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाया जाता है। साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर काम करने वाले किसानों की विभाग की ओर से मदद भी की जाती है।

20जेएनडी30: फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों की मीटिंग लेते हुए एसडीएम डॉ. कि
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