नरवाना(जींद)। संयुक्त किसान मोर्चा ने चार जनवरी को टोहाना में और नौ जनवरी को मोगा (पंजाब) में होने वाली दो महापंचायतों को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। किसान सभा नरवाना के सदस्य रविवार से ही टीमें बना कर गावों का दौरा शुरू कर दिया है, ताकि संयुक्त किसान मोर्चे की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जा सके।
मास्टर बलबीर ने बताया कि एसकेएम का राष्ट्रीय नेतृत्व दोनों महापंचायतों में शामिल होगा। एसकेएम केंद्र सरकार से मांग दोहराता है कि एमएसपी और कर्ज माफी समेत बुनियादी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे सभी किसान संगठनों से तुरंत चर्चा की जाए। पंजाब सीमा पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की जान बचाई जाए। ग्रेटर नोएडा के लुक्सर जेल में बंद सभी किसानों को रिहा किया जाए और नई राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एमएसपी@ सी2+50% के साथ कानूनी रूप से गारंटीकृत खरीद और व्यापक कर्ज माफी सहित अन्य मांगों पर विचार करने के लिए तैयार नहीं है। किसानों और खेतिहर मजदूरों के सामने आ रही गंभीर समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय, एनडीए-3 सरकार ने नई राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति, डिजिटल कृषि मिशन, राष्ट्रीय सहकारिता नीति, चार श्रम संहिताओं और एक राष्ट्र एक चुनाव, जो राज्य सरकारों के संघीय अधिकारों को खत्म कर रहा है। कॉरपोरेट मुनाफा खोरी के लिए एक राष्ट्र एक बाजार के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि एसकेएम इस संबंध में सभी ट्रेड यूनियनों और खेत मजदूर यूनियनों को लिखेगा।