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Jind News: रानी तालाब पर पहली बार गूंजी महाआरती, 11 पंडितों संग 50 बच्चों ने किया शिव वंदन
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03जेएनडी27: धार्मिक आयोजन को डीसी डॉ. वैशाली शर्मा मोबाइल में कैद करते हुए। संवाद
जींद। सावन माह के पावन अवसर पर सोमवार शाम शहर के ऐतिहासिक रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर परिसर में पहली बार भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। 11 पंडितों और पिंडारा विद्यापीठ के करीब 50 स्कूली बच्चों ने एक साथ भगवान शिव की आराधना की। 15 मिनट तक चली महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर घंटों, शंखनाद और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। दीपों की रोशनी से सजा रानी तालाब का मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा और डीसी डॉ. वैशाली शर्मा और डॉ. कुलदीप सिंह पहुंचे। मिड्ढा ने दीप प्रज्वलित कर महाआरती में भाग लिया और कहा कि रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर जींद की धार्मिक पहचान है। उन्होंने कहा कि अब तक यहां इस प्रकार की भव्य आरती का आयोजन नहीं हुआ था। जिस तरह वाराणसी में गंगा आरती और कुरुक्षेत्र में पवित्र सरोवरों पर आरती होती है उसी तर्ज पर अब रानी तालाब में भी प्रत्येक सोमवार विशेष संध्या आरती आयोजित की जाएगी।
डॉ. मिड्ढा ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जींद की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान देने की शुरुआत है। भविष्य में बाहर से भी विद्वान पुजारियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को भव्य धार्मिक वातावरण का अनुभव मिल सके।
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महाआरती में 11 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई जबकि पिंडारा विद्यापीठ के बच्चों ने भक्ति गीतों और आरती में भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में शहरवासी और श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन के बाद जागरण संध्या का भी आयोजन किया गया।
आगामी 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के अवसर पर भी रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम, महाआरती और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस पहल से शहर में धार्मिक गतिविधियों को नया आयाम मिलने के साथ रानी तालाब की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता भी और अधिक बढ़ेगी।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा और डीसी डॉ. वैशाली शर्मा और डॉ. कुलदीप सिंह पहुंचे। मिड्ढा ने दीप प्रज्वलित कर महाआरती में भाग लिया और कहा कि रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर जींद की धार्मिक पहचान है। उन्होंने कहा कि अब तक यहां इस प्रकार की भव्य आरती का आयोजन नहीं हुआ था। जिस तरह वाराणसी में गंगा आरती और कुरुक्षेत्र में पवित्र सरोवरों पर आरती होती है उसी तर्ज पर अब रानी तालाब में भी प्रत्येक सोमवार विशेष संध्या आरती आयोजित की जाएगी।
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डॉ. मिड्ढा ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जींद की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान देने की शुरुआत है। भविष्य में बाहर से भी विद्वान पुजारियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को भव्य धार्मिक वातावरण का अनुभव मिल सके।
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महाआरती में 11 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई जबकि पिंडारा विद्यापीठ के बच्चों ने भक्ति गीतों और आरती में भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में शहरवासी और श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन के बाद जागरण संध्या का भी आयोजन किया गया।
आगामी 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के अवसर पर भी रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम, महाआरती और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस पहल से शहर में धार्मिक गतिविधियों को नया आयाम मिलने के साथ रानी तालाब की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता भी और अधिक बढ़ेगी।

03जेएनडी27: धार्मिक आयोजन को डीसी डॉ. वैशाली शर्मा मोबाइल में कैद करते हुए। संवाद