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Jind News: चैत्र नवरात्र पर घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
Fri, 05 Apr 2024 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 05 Apr 2024 11:57 PM IST
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05जेएनडी24: जयंती देवी मंदिर में सजा माता का मंदिर। संवाद
जींद, उचाना। शहर की लाला प्रभु दयाल चौधरी धर्मशाला स्थित प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी सत्यनारायण शांडिल्य ने कहा कि मंगलवार से चैत्र नवरात्र शुरू होगा। कलश स्थापना के लिए 9 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 23 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा।
हिंदू धर्म में नवरात्र के पर्व का विशेष महत्व है। चैत्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र शुरू हो जाता है। नवरात्र पर देवी दुर्गा का नौ अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है। सालभर में चार नवरात्र आते हैं, जिसमें से दो गुप्त नवरात्र एक शारदीय नवरात्र और एक चैत्र नवरात्र है।
शांडिल्य ने बताया कि चैत्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल की रात को 11 बजकर 50 मिनट से शुरू हो जाएगी, जिसका समापन 9 अप्रैल को रात 8 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदया तिथि आधार पर चैत्र नवरात्र 9 अप्रैल 2024 से शुरू होगा। कलश स्थापना के लिए 9 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 23 मिनट तक का शुभ मुहूर्त रहेगा। अगर 9 अप्रैल के अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो इस दिन दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से लेकर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
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पुजारी ने कहा कि इस बार चैत्र नवरात्र पर मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आएंगी। मंगलवार को चैत्र नवरात्र शुरू होने के कारण मां का वाहन घोड़ा होगा। माता का वाहन नवरात्र के आरंभ होने वाले वार से तय होता है। नवरात्र पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है। नवरात्र के नौ दिनों में व्रत रखने वालों के लिए नियम होते हैं। साथ ही इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को उनका पसंदीदा भोग लगाकर मां का आशीर्वाद लिया जाता है।
पूजा-अर्चना में नहीं आएगी परेशानी : नवीन शास्त्री
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि चैत्र नवरात्र को लेकर मंदिर में विशेष सफाई की जा रही है। श्रद्धालुओं को मां भगवती की पूजा-अर्चना के लिए किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
मूर्तियों को पहना रहे विशेष पोषाक
हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह वर्ष का पहला नवरात्र है। इन नौ दिन के दौरान व्रत और पूजन पूर्ण विधि विधान के साथ किया जाता है। मान्यता है कि नवरात्र के समय मां पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच उपस्थित होती हैं। ऐसा योग साल में आने वाले चार नवरात्र के पर्व पर संभव होता है इसीलिए नवरात्र में पूजन को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस शुभ पर्व के दौरान आप किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत कर सकते हैं।
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हिंदू धर्म में नवरात्र के पर्व का विशेष महत्व है। चैत्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र शुरू हो जाता है। नवरात्र पर देवी दुर्गा का नौ अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है। सालभर में चार नवरात्र आते हैं, जिसमें से दो गुप्त नवरात्र एक शारदीय नवरात्र और एक चैत्र नवरात्र है।
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शांडिल्य ने बताया कि चैत्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल की रात को 11 बजकर 50 मिनट से शुरू हो जाएगी, जिसका समापन 9 अप्रैल को रात 8 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदया तिथि आधार पर चैत्र नवरात्र 9 अप्रैल 2024 से शुरू होगा। कलश स्थापना के लिए 9 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 23 मिनट तक का शुभ मुहूर्त रहेगा। अगर 9 अप्रैल के अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो इस दिन दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से लेकर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
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पुजारी ने कहा कि इस बार चैत्र नवरात्र पर मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आएंगी। मंगलवार को चैत्र नवरात्र शुरू होने के कारण मां का वाहन घोड़ा होगा। माता का वाहन नवरात्र के आरंभ होने वाले वार से तय होता है। नवरात्र पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है। नवरात्र के नौ दिनों में व्रत रखने वालों के लिए नियम होते हैं। साथ ही इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को उनका पसंदीदा भोग लगाकर मां का आशीर्वाद लिया जाता है।
पूजा-अर्चना में नहीं आएगी परेशानी : नवीन शास्त्री
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि चैत्र नवरात्र को लेकर मंदिर में विशेष सफाई की जा रही है। श्रद्धालुओं को मां भगवती की पूजा-अर्चना के लिए किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
मूर्तियों को पहना रहे विशेष पोषाक
हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह वर्ष का पहला नवरात्र है। इन नौ दिन के दौरान व्रत और पूजन पूर्ण विधि विधान के साथ किया जाता है। मान्यता है कि नवरात्र के समय मां पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच उपस्थित होती हैं। ऐसा योग साल में आने वाले चार नवरात्र के पर्व पर संभव होता है इसीलिए नवरात्र में पूजन को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस शुभ पर्व के दौरान आप किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत कर सकते हैं।

05जेएनडी24: जयंती देवी मंदिर में सजा माता का मंदिर। संवाद

05जेएनडी24: जयंती देवी मंदिर में सजा माता का मंदिर। संवाद