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Jind News: लिवर की बीमारी के इलाज का विज्ञापन देखकर गंवाए 17 हजार रुपये
Wed, 05 Jun 2024 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 05 Jun 2024 12:04 AM IST
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जींद। लिवर की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर 17 हजार रुपये गवां दिए। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
अमरहेड़ी निवासी कृष्ण कुमार ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2023 में वह लिवर की बीमारी की दवा लेने के लिए पतंजलि हरिद्वार गया था। वहां से एक महीने की दवा लेकर आया था। उस समय उसे वहां के दवा देने वाले डाक ने एक सप्ताह रुकने की सलाह दी थी। इस दौरान रुपये कम होने के कारण वह योग टीचर से बात कर लौट आया था। एक दिन उसने फेसबुक पर पतंजलि का विज्ञापन देखा, जिसमें बीमारी से संबंधित ऑफर को मोबाइल पर डालकर आवेदन किया। उसके दो दिन बाद उसके पास पतंजलि हरिद्वार के नाम पर फोन कॉल आया।
फोन करने वाले ने एक सप्ताह के लिए हरिद्वार रहकर इलाज करवाने की बात कही। इसके लिए पंजीकरण करवाने के लिए कहा। फोन करने वाले ने रूम और अन्य खर्च की डिटेल उनके मोबाइल पर भेज दी। आरोपी ने कहा कि आपके साथ एक व्यक्ति और रह सकता है। पंजीकरण के लिए दोनों का आधार कार्ड व्हाट्सएप करना होगा। उसने अपना और भतीजे का आधार कार्ड व्हाट्सएप कर दिया। पंजीकरण के लिए 17100 रुपये बैंक खाते में डलवाए गए। एक घंटे बाद आरोपी ने फिर से फोन कर सात दिन का पूरा खर्च 28300 रुपये मांगा गया।
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इस पर उसने बाकी पैसा वहां आकर देने के लिए लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने कहा कि उसका पंजीकरण रद्द हो गया है। उसने पैसे वापस मांगे तो चार दिन का समय दिया। इसके बाद आरोपी ने न तो रुपये लौटाए और नहीं फोन उठाया। एसआई कुलबीर सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।ग
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अमरहेड़ी निवासी कृष्ण कुमार ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2023 में वह लिवर की बीमारी की दवा लेने के लिए पतंजलि हरिद्वार गया था। वहां से एक महीने की दवा लेकर आया था। उस समय उसे वहां के दवा देने वाले डाक ने एक सप्ताह रुकने की सलाह दी थी। इस दौरान रुपये कम होने के कारण वह योग टीचर से बात कर लौट आया था। एक दिन उसने फेसबुक पर पतंजलि का विज्ञापन देखा, जिसमें बीमारी से संबंधित ऑफर को मोबाइल पर डालकर आवेदन किया। उसके दो दिन बाद उसके पास पतंजलि हरिद्वार के नाम पर फोन कॉल आया।
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फोन करने वाले ने एक सप्ताह के लिए हरिद्वार रहकर इलाज करवाने की बात कही। इसके लिए पंजीकरण करवाने के लिए कहा। फोन करने वाले ने रूम और अन्य खर्च की डिटेल उनके मोबाइल पर भेज दी। आरोपी ने कहा कि आपके साथ एक व्यक्ति और रह सकता है। पंजीकरण के लिए दोनों का आधार कार्ड व्हाट्सएप करना होगा। उसने अपना और भतीजे का आधार कार्ड व्हाट्सएप कर दिया। पंजीकरण के लिए 17100 रुपये बैंक खाते में डलवाए गए। एक घंटे बाद आरोपी ने फिर से फोन कर सात दिन का पूरा खर्च 28300 रुपये मांगा गया।
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इस पर उसने बाकी पैसा वहां आकर देने के लिए लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने कहा कि उसका पंजीकरण रद्द हो गया है। उसने पैसे वापस मांगे तो चार दिन का समय दिया। इसके बाद आरोपी ने न तो रुपये लौटाए और नहीं फोन उठाया। एसआई कुलबीर सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।ग