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Jind News: पोकर खेड़ी का पशु चिकित्सालय बदहाल, किराये के भवन में इलाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामराय। पोकर खेड़ी गांव का पशु चिकित्सालय बदहाल लंबे समय से बदहाल है। भवन की बाहरी दीवारें जगह-जगह से टूट चुकी हैं और चिकित्सालय का मुख्य गेट तक नहीं है। कमरों की जर्जर स्थिति के कारण पशु चिकित्सक को मजबूरी में दूसरी जगह किराये के भवन में बैठकर सेवाएं देनी पड़ रही हैं। गांव के पशुपालकों को अपने पशुओं का इलाज करवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशु चिकित्सालय भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां न तो चिकित्सक के बैठने के लिए सुरक्षित व्यवस्था है और न ही पशुओं के उपचार के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में पशुपालकों को कई बार मजबूरी में निजी डॉक्टरों को बुलाना पड़ता है जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है।
पशुपालक चांदी राम, दलबीर, सत्यवान, मोनू, रामफल, राजबीर, रवींद्र, राकेश, रामकेश, वजीर, रोहताश और राजेंद्र ने बताया कि चिकित्सालय की स्थिति को लेकर कई बार ग्राम पंचायत को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरपंच राजकुमार और वार्ड नंबर पांच के सदस्य राकेश जांगड़ा को भी समस्या की जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर पशु चिकित्सालय भवन की जल्द मरम्मत करवाई जाए और यहां पशुओं के इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।
सरकार को भेजा शिकायत पत्र, जल्द समाधान की उम्मीद : सरपंच
सरपंच राजकुमार ने बताया कि पशु चिकित्सालय की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को शिकायत पत्र भेजा जा चुका है। अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद है।
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रामराय। पोकर खेड़ी गांव का पशु चिकित्सालय बदहाल लंबे समय से बदहाल है। भवन की बाहरी दीवारें जगह-जगह से टूट चुकी हैं और चिकित्सालय का मुख्य गेट तक नहीं है। कमरों की जर्जर स्थिति के कारण पशु चिकित्सक को मजबूरी में दूसरी जगह किराये के भवन में बैठकर सेवाएं देनी पड़ रही हैं। गांव के पशुपालकों को अपने पशुओं का इलाज करवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशु चिकित्सालय भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां न तो चिकित्सक के बैठने के लिए सुरक्षित व्यवस्था है और न ही पशुओं के उपचार के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में पशुपालकों को कई बार मजबूरी में निजी डॉक्टरों को बुलाना पड़ता है जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है।
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पशुपालक चांदी राम, दलबीर, सत्यवान, मोनू, रामफल, राजबीर, रवींद्र, राकेश, रामकेश, वजीर, रोहताश और राजेंद्र ने बताया कि चिकित्सालय की स्थिति को लेकर कई बार ग्राम पंचायत को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरपंच राजकुमार और वार्ड नंबर पांच के सदस्य राकेश जांगड़ा को भी समस्या की जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर पशु चिकित्सालय भवन की जल्द मरम्मत करवाई जाए और यहां पशुओं के इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।
सरकार को भेजा शिकायत पत्र, जल्द समाधान की उम्मीद : सरपंच
सरपंच राजकुमार ने बताया कि पशु चिकित्सालय की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को शिकायत पत्र भेजा जा चुका है। अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद है।